Last Updated:March 15, 2026, 19:23 IST
लोकसभा ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव को 11 मार्च को ध्वनिमत से खारिज कर दिया. कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद द्वारा पेश किये गए संकल्प पर 12 घंटे से अधिक समय की चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद, पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने इसे मतदान के लिए सदन के समक्ष रखा. सदन ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच, ध्वनिमत से संकल्प को अस्वीकृत कर दिया.

नई दिल्ली. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पीएम मोदी के पत्र को लेकर कहा कि वे संसद की मूल प्रकृति-संवाद, तर्क और विचार-विमर्श में गहरा विश्वास रखते हैं. पीएम मोदी ने लोकसभा स्पीकर के नाम एक पत्र में कहा कि लोकसभा में आपके विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सदन में खारिज हो गया. जिस प्रकार सदन ने स्पष्ट रूप से इस राजनीतिक कुकृत्य को अस्वीकार किया, इसके लिए मैं सदन के सदस्यों को भी बधाई देता हूं.
पीएम मोदी के पत्र को शेयर करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत के संसदीय लोकतंत्र के नियमों, प्रक्रियाओं और परंपराओं के प्रति आपका हमेशा अटूट विश्वास रहा है. आपका पत्र लोक सेवा के उन उच्चतम नैतिक मूल्यों को व्यक्त करता है, जिन्हें आपने अपने दीर्घ सार्वजनिक जीवन में जीया है. वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तथा इससे पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में.”
लोकसभा स्पीकर ने कहा, “आप सदैव संसद की मूल प्रकृति-संवाद, तर्क और विचार-विमर्श में गहरा विश्वास रखते हैं. आप संसद में उठने वाली प्रत्येक आवाज को लाखों भारतीय नागरिकों की आवाज के रूप में सम्मान देते हैं. आप हमेशा संसदीय कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और संसद में उठाए गए प्रत्येक मुद्दे का समाधान निकालने का प्रयास करते हैं. आपका यह संदेश दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर संसद, राज्य विधानमंडल तथा स्थानीय निकायों के सभी जनप्रतिनिधियों को प्रेरित करेगा और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों तथा संविधान सभा के सदस्यों द्वारा स्थापित लोकतंत्र के सशक्त नैतिक आधार को और सुदृढ़ करेगा. आपके प्रेरणादायी शब्दों के लिए हार्दिक आभार.”
पीएम मोदी ने स्पीकर के नाम लिखे पत्र में लिखा कि लोकसभा में आपके विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सदन में खारिज हो गया. जिस प्रकार सदन ने स्पष्ट रूप से इस राजनीतिक कुकृत्य को अस्वीकार किया, इसके लिए मैं सदन के सदस्यों को भी बधाई देता हूं. उन्होंने कहा, “अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद आपने सदन में जो वक्तव्य दिया, उसे मैंने ध्यानपूर्वक सुना. आपने जिस संतुलन, धैर्य और स्पष्टता के साथ संसदीय इतिहास, अध्यक्ष के दायित्व और नियमों की सर्वोच्चता का उल्लेख किया, वह अत्यंत प्रभावशाली है. इसके लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं. आपका वक्तव्य केवल उस क्षण का उत्तर नहीं है, बल्कि भारतीय संसदीय परंपरा और लोकतांत्रिक मर्यादा की एक गहरी और सधी हुई व्याख्या भी है.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 15, 2026, 19:21 IST

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