Last Updated:March 02, 2026, 22:46 IST
सुबह का नाश्ता दिन की सबसे अहम शुरुआत माना जाता है, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. देर तक सोना, समय की कमी या डाइटिंग के नाम पर नाश्ता छोड़ देना आम बात बन चुकी है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह का भोजन छोड़ना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

सुबह का नाश्ता केवल पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि यह पूरे दिन की सेहत, ऊर्जा और मानसिक संतुलन की मजबूत नींव है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जो लोग रोजाना सुबह संतुलित नाश्ता करते हैं, वे दिनभर ज्यादा एक्टिव, फोकस्ड और तरोताजा महसूस करते हैं. रातभर सोने के दौरान शरीर लंबे समय तक बिना भोजन के रहता है, जिससे ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है. ऐसे में सुबह का पहला भोजन शरीर को जरूरी पोषण देकर उसे फिर से सक्रिय करने का काम करता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह का नाश्ता मेटाबॉलिज्म को तेज करने में अहम भूमिका निभाता है. जब हम सुबह कुछ पौष्टिक खाते हैं, तो शरीर की कैलोरी जलाने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से शुरू होती है. इससे पूरे दिन ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है. इसके विपरीत, अगर नाश्ता छोड़ दिया जाए, तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है. लंबे समय तक ऐसा करने से वजन बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है, क्योंकि बाद में अधिक भूख लगने पर लोग जरूरत से ज्यादा या अस्वास्थ्यकर भोजन खा लेते हैं.
नाश्ता हमारे मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है. सुबह पौष्टिक भोजन लेने से शरीर में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे “फील गुड” हार्मोन बेहतर तरीके से काम करते हैं. इससे व्यक्ति खुश, शांत और ऊर्जावान महसूस करता है. वहीं जो लोग सुबह का खाना छोड़ देते हैं, उनमें चिड़चिड़ापन, थकान और सुस्ती की शिकायत ज्यादा देखी जाती है. कई बार खाली पेट रहने से सिरदर्द, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
वजन नियंत्रण के नजरिए से भी सुबह का नाश्ता बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. कई अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित रूप से नाश्ता करने वाले लोगों में मोटापे का खतरा कम होता है. जब सुबह पौष्टिक आहार लिया जाता है, तो दिनभर अनावश्यक स्नैकिंग की इच्छा कम होती है. इसके उलट, नाश्ता न करने पर दोपहर तक तेज भूख लगती है, जिससे लोग जंक फूड या अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो सकते हैं.
दिमाग के लिए भी सुबह का भोजन किसी वरदान से कम नहीं है. यह एकाग्रता, स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाता है. खासकर बच्चों और ऑफिस जाने वालों के लिए संतुलित नाश्ता बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे पढ़ाई और काम में प्रदर्शन बेहतर होता है. सुबह के भोजन में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए. दूध, दही, फल, ओट्स, दलिया, पोहा, उपमा, इडली, पराठा और नट्स जैसे विकल्प शरीर को संतुलित पोषण देते हैं.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18...और पढ़ें
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
March 02, 2026, 22:46 IST

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