सुलतानपुर से भिवंडी तक, राहुल गांधी ने ऐसा क्या किया कि कोर्ट के काट रहे हैं चक्ककर

1 hour ago

होमताजा खबरदेश

सुलतानपुर से भिवंडी तक, राहुल ने ऐसा क्या किया कि कोर्ट के काट रहे चक्कर

Last Updated:February 22, 2026, 08:55 IST

Rahul Gandhi News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले दो दिनों में सुलतानपुर और भिवंडी की कोर्ट में पेश हुए. अपने राजनीतिक बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले राहुल पिछले दोने दिनों से कोर्ट में चक्कर काटने से सुर्खियों में बने हुए हैं. अमित शाह पर टिप्पणी और आरएसएस मानहानि मामलों में चल रही सुनवाई के कारण उन्हें कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े. आइए जानते हैं उन बयानों के बारे में जिसके कारण राहुल गांधी कोर्ट का चक्कर काट रहे हैं.

सुलतानपुर से भिवंडी तक, राहुल ने ऐसा क्या किया कि कोर्ट के काट रहे चक्करZoom

राहुल गांधी को सुलतानपुर और भिवंडी कोर्ट में पेश क्यों होना पड़ा? (फाइल फोटो PTI)

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने बयानों से सुर्खियों में रहते हैं. और अपने दिए गए बयानों के कारण ही वह पिछले दो दिनों से देश के दो कोर्ट में पेशी पर पहुंचे. शुक्रवार और शनिवार दोनों दिन राहुल गांधी सुर्खियों में रहे. शुक्रवार को जहां वह गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में यूपी में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए. वहीं शनिवर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मानहानि के मामले में राहुल महाराष्ट्र के भिवंडी की कोर्ट में पेश हुए. लेकिन सवाल है कि आखिर राहुल गांधी सुलतानपुर से लेकर भिवंडी तक कोर्ट के चक्कर काट क्यों रहे हैं. उन्होंने ऐसा क्या बोला जो उन्हें पिछले दो दिनों से कोर्ट का चक्कर काटना पड़ रहा है. तो आइए टटोलते हैं इस सवाल का जवाब.

दरअसल राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयान अब कानूनी मामलों के रूप में उनके सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं. एक मामला गृह मंत्री अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़ा है तो दूसरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर दिए गए बयान से. दोनों ही केस कई साल पुराने हैं, लेकिन अब उनकी सुनवाई तेज हो गई है. यही वजह है कि राहुल गांधी को लगातार कोर्ट में पेश होना पड़ रहा है. इन पेशियों ने राजनीति, कानून और बयानबाजी की सीमाओं पर नई चर्चा शुरू कर दी है. आइए समझते हैं कि आखिर इन मामलों की पूरी कहानी क्या है.

राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर स्थित MP/MLA कोर्ट में पेश हुए. यह मामला साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अमित शाह को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद भाजपा नेता विजय मिश्रा ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. कोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया. कोर्ट में उन्होंने जज को नमस्कार किया और करीब 20 मिनट तक सुनवाई चली. अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की गई है. अगले ही दिन राहुल गांधी महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट पहुंचे जहां 2014 के एक मानहानि केस में उनकी पेशी हुई. यह मामला RSS को लेकर चुनावी सभा में दिए गए बयान से जुड़ा है. इस केस में उनके जमानतदार शिवराज पाटिल-चाकुरकर के निधन के बाद नया जमानतदार पेश करना जरूरी था. इसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए राहुल गांधी कोर्ट पहुंचे. इस दौरान उनके काफिले का विरोध भी हुआ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए. इससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया.

राहुल गांधी को सुलतानपुर कोर्ट क्यों जाना पड़ा?

सुलतानपुर कोर्ट में राहुल गांधी की पेशी 2018 में दिए गए एक बयान से जुड़ी है. कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अमित शाह पर टिप्पणी की थी. इसे भाजपा नेता ने मानहानिकारक बताते हुए केस दर्ज कराया. कोर्ट ने कई बार पेशी के लिए कहा था और अंततः उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ा. राहुल गांधी ने कोर्ट में आरोपों से इनकार किया और इसे राजनीतिक प्रेरित मामला बताया.

भिवंडी कोर्ट का मामला क्या है?

भिवंडी का केस साल 2014 का है. लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने RSS को लेकर विवादित बयान दिया था. इसके बाद आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई. चूंकि उनके पुराने जमानतदार का निधन हो गया था इसलिए कोर्ट में नया जमानतदार पेश करना कानूनी रूप से जरूरी था.

क्या ये मामले नए हैं या पुराने?

दोनों मामले काफी पुराने हैं. एक 2014 और दूसरा 2018 का है. लेकिन कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई अब तेजी से आगे बढ़ रही है. इसलिए राहुल गांधी को हाल के दिनों में लगातार कोर्ट में पेश होना पड़ रहा है.

क्या इन मामलों का राजनीतिक असर भी है?

हां, इन पेशियों का राजनीतिक असर साफ दिखाई दे रहा है. विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे कानून की सामान्य प्रक्रिया कह रहा है. अदालतों के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है.

आगे राहुल गांधी को क्या करना होगा?

आगे की सुनवाई में उन्हें या उनके वकीलों को कोर्ट में कानूनी जवाब देना होगा. यदि कोर्ट आरोप तय करती है तो मुकदमा ट्रायल चरण में जाएगा. फिलहाल दोनों मामले न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं.

(फाइल फोटो PTI)

राजनीति और कानून के बीच फंसी बयानबाजी

राहुल गांधी के हालिया कोर्ट दौरों ने यह दिखा दिया है कि राजनीतिक बयान लंबे समय तक कानूनी चुनौतियों का कारण बन सकते हैं. चुनावी मंचों पर दिए गए बयान सालों बाद अदालतों में सवाल बनकर लौट सकते हैं. आने वाले दिनों में इन मामलों की सुनवाई न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

About the Author

Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें

First Published :

February 22, 2026, 08:55 IST

Read Full Article at Source