Last Updated:November 30, 2025, 17:24 IST
Delhi Police Terrorist Arrest: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान-आधारित आतंकी शहजाद भट्टी के मॉड्यूल से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकियों को एमपी पंजाब और यूपी से गिरफ्तार किया. तीनों आतंकियों के बारे में दिल्ली पुलिस ने कई खुलासे किए हैं. दिल्ली पुलिस ने बताया कि ये युवक सोशल मीडिया से भर्ती हुए थे और गुरदासपुर में हैंड ग्रेनेड हमला भी कर चुके थे. पुलिस ने इनके पास से पिस्टल, कारतूस, रेकी वीडियो और टारगेट लिस्ट बरामद की है.
यह मॉड्यूल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.Delhi Police Terrorist Arrest: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तान से संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया. इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कई खुलासे किए हैं. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए ये युवक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के गैंगस्टर-आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े थे और देश में हमलों की साजिश रच रहे थे. गुरदासपुर में हुए हैंड ग्रेनेड अटैक से लेकर पंजाब में रेकी तक… इनकी गतिविधियों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा था.
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह मॉड्यूल कई राज्यों में फैला था और तीनों गिरफ्तारियां मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश (बिजनौर) से हुईं. आरोपियों की उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच है, और वे शहजाद भट्टी के इशारों पर रेकी, हथियार जुटाने और संभावित हमलों की तैयारी कर रहे थे. स्पेशल सेल ने इनके पास से पिस्टल, कारतूस, रेकी वीडियो, वॉइस नोट्स और टारगेट लिस्ट बरामद की है, जिससे मॉड्यूल की गंभीरता और गहराई सामने आती है.
ऑपरेशन की शुरुआत: कैसे सामने आया आतंकी मॉड्यूल?
स्पेशल सेल लंबे समय से पंजाब के अपराधी और गैंगस्टर नेटवर्क पर नजर रख रही थी. इसी दौरान कई घटनाओं में पाकिस्तान-स्थित हैंडलर्स के नाम सामने आए. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शहजाद भट्टी और उसके मॉड्यूल की गतिविधियां साफ होने लगीं. बाद में पुलिस ने ट्रैकिंग और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए तीनों आरोपियों की लोकेशन को चिन्हित किया.
कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?- तीन राज्यों से तीन युवक
गुरप्रीत सिंह (19), पंजाब विकास प्रजापति, दतिया (मध्य प्रदेश) आसिफ उर्फ आरिस, बिजनौर (उत्तर प्रदेश)ये तीनों सीधे शहजाद भट्टी से जुड़े थे और मोबाइल ऐप्स व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए निर्देश लेते थे.
गुरदासपुर ग्रेनेड केस से जुड़ाव: पुलिस के हाथ कैसे लगे सुराग?
पुलिस ने बताया कि इस मॉड्यूल ने गुरदासपुर में हैंड ग्रेनेड फेंके थे और आगे भी कई जिलों में हमले की योजना थी. पंजाब में की गई रेकी के वीडियो इनकी मोबाइल डिवाइस में मिले. रिकवरी में मिले वॉइस नोट्स और टारगेट लिस्ट ने यह स्पष्ट किया कि यह सिर्फ नेटवर्क नहीं, बल्कि सक्रिय आतंकी मॉड्यूल था.
#WATCH | Delhi Police Special Cell busted an international and interstate Pakistan-backed gangster-turned-terror module and arrested three terrorists. More details awaited.
एक नजर: मॉड्यूल की आतंकी रणनीति
सोशल मीडिया के जरिए भर्ती. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से सीधे निर्देश. हथियारों की व्यवस्था और जगह-जगह रेकी. हैंड ग्रेनेड हमलों की योजना. पंजाब, यूपी और एमपी में सक्रिय नेटवर्क. कुछ और सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना.गिरफ्तारी: कब, कहां और कैसे?
पहली गिरफ्तारी: 26 नवंबर, मध्य प्रदेश दूसरी गिरफ्तारी: पंजाब तीसरी गिरफ्तारी: बिजनौर, यूपी| राज्य | गिरफ्तार आरोपी | विशेष जानकारी |
| मध्य प्रदेश | विकास प्रजापति | मॉड्यूल का सक्रिय सदस्य |
| पंजाब | गुरप्रीत सिंह | रेकी और ग्रेनेड सपोर्ट |
| उत्तर प्रदेश | आसिफ/आरिस | टारगेट लिस्ट व वॉइस |
कौन है शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान का रहस्यमयी गैंगस्टर है, जो अब कई आतंकी गतिविधियों का मास्टरमाइंड माना जाता है. कभी लॉरेंस बिश्नोई का करीबी, आज दुबई और यूएई के रास्ते मॉड्यूल चलाने वाला शहजाद फर्जी मोरक्को पासपोर्ट पर कई देशों का सफर करता है. भारत में हिंसक हमलों और गैंगस्टर नेटवर्क को मजबूत करने में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है. हाल ही में अनमोल बिश्नोई ने कोर्ट में उससे सुरक्षा खतरे की शिकायत भी की थी.
दिल्ली पुलिस का कहना- यह सिर्फ शुरुआत है
एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा और DCP अमित कौशिक ने कहा कि यह मॉड्यूल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मॉड्यूल का लाल किला ब्लास्ट से कोई संबंध नहीं है.
क्या है चिंताएं?
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान-आधारित हैंडलर्स युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए निशाना बना रहे हैं. तीनों गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19–22 वर्ष दिखाती है कि आतंकी संगठन कैसे कम उम्र के युवाओं को अपने मकसद के लिए इस्तेमाल करते हैं. यह गिरफ्तारी नेटवर्क की एक बड़ी कड़ी तोड़ती है, लेकिन जांच अभी जारी है.
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Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master's degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, ...और पढ़ें
First Published :
November 30, 2025, 17:20 IST

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