'हर 2 घंटे में मिलेगा सटीक वोटिंग प्रतिशत', 'वोट चोरी वाले' दावे की चुनाव आयोग ने काट न‍िकाली

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'हर 2 घंटे में सटीक वोटिंग प्रतिशत', EC ने वोट चोरी वाले दावे की काट न‍िकाली

Last Updated:March 15, 2026, 17:12 IST

चुनाव आयोग ने 5 राज्यों के चुनावों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हर 2 घंटे में सटीक वोटिंग प्रतिशत देने की घोषणा की है. इसे व‍िपक्ष के वोट चोरी वाले दावे की काट कहा जा रहा है.

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार.

चुनाव दर चुनाव हारने के बाद राजनीतिक दल ईवीएम और मतदान प्रतिशत पर ठीकरा फोड़ते थे. चुनाव आयोग ने इस बार विपक्ष के इस सबसे बड़े हथियार को ही कुंद करने की पूरी तैयारी कर ली है. पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों का ऐलान करते हुए मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार ने कहा, इस बार ‘हर 2 घंटे में मिलेगा सटीक वोटिंग प्रतिशत’मिलेगा. मतलब वोट घटने बढ़ने के दावों पर हंगामा करने का मौका व‍िपक्ष को नहीं मिलेगा.

विपक्षी दल, अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि मतदान के दिन शाम को वोटिंग खत्म होने के बाद और चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए अंतिम आंकड़ों के बीच मतदान प्रतिशत अचानक संदिग्ध रूप से बढ़ जाता है. इसके अलावा, बूथ पर मौजूद पोलिंग एजेंट को दिए जाने वाले ‘फॉर्म 17C’ (जिसमें बूथ पर पड़े कुल वोटों का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है) और मतगणना के दिन ईवीएम से निकलने वाले नतीजों में हेरफेर की आशंकाएं भी लगातार जताई जाती रही हैं. हाल ही में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे.

चुनाव आयोग की ‘हर 2 घंटे’ वाली काट

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि अब किसी भी तरह के आंकड़ों के खेल की गुंजाइश नहीं बचेगी. आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक फुलप्रूफ सिस्टम तैयार किया है.

रियल-टाइम अपडेट: अब हर पोलिंग स्टेशन के पीठासीन अधिकारी को हर दो घंटे में डाले गए वोटों की सटीक संख्या सिस्टम में इनपुट करनी होगी.

अंतिम आंकड़ों में देरी नहीं: इससे मीडिया और आम जनता को रियल-टाइम और सटीक वोटिंग प्रतिशत मिलता रहेगा. मतदान खत्म होते ही फॉर्म 17C के आंकड़ों के आधार पर बिना किसी देरी के तुरंत अंतिम वोटिंग प्रतिशत प्रदर्शित किया जाएगा. इससे रातों-रात आंकड़े बदलने के दावों पर पूरी तरह से लगाम लगेगी.

फॉर्म 17C और EVM विवाद का स्थायी समाधान

आयोग ने ‘फॉर्म 17C’ और ईवीएम को लेकर होने वाले विवादों का भी स्थायी हल निकाल लिया है. अगर मतगणना के दौरान पोलिंग एजेंट को दिए गए फॉर्म 17C के आंकड़ों और ईवीएम से निकले वोटों की गिनती में कोई भी टाइपो या मामूली अंतर पाया जाता है, तो उस स्थिति में बिना किसी बहस के उस ईवीएम की VVPAT पर्चियों की अनिवार्य रूप से गिनती की जाएगी.

हारने वाले उम्मीदवार को मिला बड़ा अधिकार

चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से संदेह से परे रखने के लिए आयोग ने मतगणना के बाद के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है. अगर कोई उम्मीदवार चुनाव हार जाता है और उसे नतीजों पर जरा भी शक है, तो वह एक निर्धारित फीस जमा करके ईवीएम के साथ VVPAT पर्चियों की दोबारा जांच की मांग कर सकता है. पोस्टल बैलेट की गिनती भी ईवीएम से दो राउंड पहले की जाएगी, ताकि अंत में मार्जिन कम होने पर कोई विवाद न खड़ा हो.मतगणना समाप्त होने के 72 घंटे के भीतर चुनाव से जुड़े सभी विस्तृत आंकड़े ‘ECI-Net’ पर सार्वजनिक कर दिए जाएंगे.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for 'Hindustan Times Group...और पढ़ें

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Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

March 15, 2026, 17:12 IST

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