Last Updated:March 15, 2026, 07:49 IST
Strait of Hormuz News: पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के बाद एशियाई देशों की समस्याएं बढ़ गई हैं. खासकर तेल और गैस की आपूर्ति पर काफी बुरा असर पड़ा है. कई देशों के जहाज होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फंसे हुए हैं. इस बीच, भारत ने 22 जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की अपील करते हुए कूटनीतिक मुहिम तेज कर दी है.

Strait of Hormuz News: पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते बढ़े तनाव से पूरी दुनिया प्रभावित हुई है. भारत पर भी उसका असर पड़ा है. खासकर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के चलते एनर्जी सेक्टर पर व्यापक पैमाने पर असर पड़ा है. पिछले दिनों ईरान ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी थी. अब बताया जा रहा है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज के पास भारत आने वाले 22 जहाज फंसे हुए हैं. इसे सुरक्षित निकालने के लिए कूटनीतिक मुहिम तेज कर दी गई है. दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 6 जहाज में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी LPG लदा हुआ है. चार जहाजों में क्रूड ऑयल है.
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने होर्मुज के पश्चिम में फंसे 22 भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की कूटनीतिक कोशिश तेज कर दी है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत क्षेत्र के कई देशों के संपर्क में है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो और भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने पश्चिम एशिया के देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है. उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है. इसके लिए खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ-साथ ईरान, अमेरिका और इजरायल से भी बातचीत की जा रही है.
6 LPG जहाज फंसे
अभी भी कई भारतीय जहाज इस संवेदनशील समुद्री क्षेत्र के आसपास फंसे हुए हैं. शिपिंग मिनिस्ट्री के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार फंसे हुए जहाजों में 4 कच्चे तेल के टैंकर, 6 एलपीजी और एक LNG लदे जहाज शामिल हैं. युद्ध के कारण समुद्री यातायात बाधित होने से इन जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है. दरअसल, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अधिकांश जहाजों की आवाजाही रोक दी थी. यह जलमार्ग ईरान के तट के साथ स्थित है और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और समुद्री मार्ग से होने वाली एलएनजी आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है.
ईरान वॉर के चलते होर्मुज स्ट्रेट के जरिये जहाजों का गुजरना काफी जोखिम भरा हो गया है. (फोटो: एपी)
भारत को राहत
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बीच शुक्रवार रात एक भारतीय ध्वज वाला LPG टैंकर होर्मुज को पार करने में सफल रहा. शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का विशाल गैस कैरियर ‘शिवालिक’ शुक्रवार देर रात होर्मुज पार कर ओमान की खाड़ी में पहुंच गया. समुद्री ट्रैकिंग सेवा मरीन ट्रैफिक के अनुसार शनिवार तड़के करीब 12:45 बजे इसकी अंतिम लोकेशन ओमान की खाड़ी में दर्ज की गई. इसी के कुछ समय बाद शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का ही एक अन्य बहुत बड़ा गैस वाहक ‘नंदा देवी’ भी जलडमरूमध्य पार कर गया. इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर 92 हजार टन से अधिक तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लदी हुई है. विदेश मंत्रालय के अनुसार ये जहाज क्रमशः 16 और 17 मार्च को गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचेंगे.
भारत का कूटनीतिक प्रयास
ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फताली ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि तेहरान ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दी है. इससे भारत को आंशिक राहत मिली है. इस बीच भारत ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर बहुपक्षीय कूटनीति भी शुरू कर दी है. विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच भी इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की है. फिलहाल भारत ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है, जिसमें ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा हाल में ईरान समेत कई नए सदस्य भी शामिल हुए हैं.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 15, 2026, 07:49 IST

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