Last Updated:February 04, 2026, 14:47 IST
कैथे पैसिफिक की एयरबस A321neo इंटरनेशनल फ्लाइट को टेकऑफ के 40 मिनट बाद इंजन में ऑयल लीक की आशंका के चलते वापस लौटना पड़ा. यह वही Neo सीरीज का प्लेन है, जिसे भारत की कई बड़ी एयरलाइंस इस्तेमाल करती हैं.

Technical Fault in Airbus A321Neo: एविएशन सेक्टर से पैसेंजर्स की चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. अभी तक बोइंग के प्लेन्स अपनी तकनीकी खामियों के चलते पैसेंजर्स का पसीना निकाल रहे थे, लेकिन अब एयरबस के एक पॉपुलर मॉडल में आई दिक्कत चर्चा ने सभी की बेचैनी को बढ़ा दिया है. जी हां, जिस एयरबस A321neo एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल इंडिया की कई बड़ी एयरलाइंस रोजाना करती हैं, उसी मॉडल की एक फ्लाइट को विदेश में उड़ान के दौरान बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा.
दरअसल, 2 फरवरी को कैथे पैसिफिक की एक इंटरनेशनल फ्लाइट ताइवान के काओशुंग से हांगकांग जा रही थी. टेकऑफ के बाद शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल था, लेकिन कुछ देर बाद पायलट्स को एयरक्राफ्ट के एक इंजन में प्रॉब्लम के सिग्नल मिले. जब प्लेन करीब 25,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा, तब क्रू को शक हुआ कि इंजन में ऑयल लीक हो रहा है. एविएशन सेफ्टी रूल्स के हिसाब से इंजन से जुड़ी कोई भी एबनॉर्मैलिटी बहुत सीरियस मानी जाती है.
आगे फिर क्या हुआ…
पायलट्स ने रिस्क लेने के बजाय प्रीकॉशनरी डिसीजन लिया और एयरक्राफ्ट को वापस काओशुंग एयरपोर्ट लाने का फैसला किया. टेकऑफ के लगभग 40 मिनट बाद प्लेन सेफली उसी एयरपोर्ट पर लैंड कर गया. अच्छी बात ये रही कि सभी पैसेंजर्स और क्रू पूरी तरह सेफ रहे और किसी तरह की इमरजेंसी सिचुएशन क्रिएट नहीं हुई. कैथे पैसिफिक एयरलाइन ने कन्फर्म किया है कि मामला टेक्निकल इश्यू से जुड़ा है, लेकिन डिटेल्ड इन्फॉर्मेशन अभी शेयर नहीं की गई है. घटना के कई घंटों बाद भी एयरक्राफ्ट एयरपोर्ट पर ही खड़ा रहा, जिससे साफ है कि इंस्पेक्शन और मेंटेनेंस में टाइम लग रहा है. इंजीनियर्स ये जांच कर रहे हैं कि सच में ऑयल लीक हुआ था या सिर्फ सेंसर वार्निंग थी.भारत में बड़ी तादाद में इस्तेमाल हो रहे हैं A321neo एयरक्राफ्ट
आपको बता दें कि एयरबस A321neo और A320neo जैसे नियो सीरीज के एयरक्राफ्ट भारत में बड़ी संख्या में ऑपरेट हो रहे हैं. इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर जैसी एयरलाइंस के फ्लीट में ऐसे कई प्लेन्स शामिल हैं. इन एयरक्राफ्ट को न्यू टेक्नोलॉजी, बेटर फ्यूल एफिशिएंसी और लो ऑपरेटिंग कॉस्ट के लिए जाना जाता है, इसलिए ये एयरलाइंस के लिए बैकबोन माने जाते हैं.
नियो सिरीज में लगा है दुनिया का सबसे मॉर्डन इंजन
A321neo में लगे LEAP इंजन दुनिया के सबसे मॉडर्न जेट इंजनों में गिने जाते हैं. ये इंजन एडवांस्ड डिजाइन और हाई परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं. लेकिन ऑयल लीक जैसी प्रॉब्लम को इग्नोर नहीं किया जा सकता. इंजन ऑयल लुब्रिकेशन और कूलिंग दोनों के लिए जरूरी होता है. अगर ऑयल कम हो जाए या लीक हो, तो इंजन ओवरहीट हो सकता है, पार्ट्स डैमेज हो सकते हैं और लॉन्ग फ्लाइट जारी रखना रिस्की हो सकता है. हालांकि एविएशन इंडस्ट्री में ऐसे मामलों के लिए स्ट्रिक्ट सेफ्टी प्रोटोकॉल्स होते हैं. पायलट्स को ट्रेनिंग दी जाती है कि स्लाइटेस्ट डाउट होने पर भी एयरक्राफ्ट को डाइवर्ट या रिटर्न किया जाए.About the Author
Anoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to ...और पढ़ें
First Published :
February 04, 2026, 14:47 IST

1 hour ago
