37 साल के शासन का होगा अंत! ईरान पर बोले ट्रंप बस अब बहुत हो गया; डर नहीं, सम्मान से चलता है देश

3 weeks ago

New leadership in Iran: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की मौजूदा सत्ता पर सीधा हमला बोला है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान में अब नए नेतृत्व की जरूरत है. उन्होंने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के 37 साल लंबे शासन को खत्म करने की बात कही है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान कई हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जूझ रहा है. ट्रंप ने साफ कहा कि मौजूदा नेतृत्व देश को डर और हिंसा के सहारे चला रहा है.

ट्रंप ने खामेनेई पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार सत्ता में बने रहने के लिए लोगों की हत्याएं कर रही है. ट्रंप के मुताबिक खामेनेई की नीतियों ने देश को पूरी तरह बर्बादी की ओर धकेल दिया है. उन्होंने कहा कि शासन सम्मान से चलता है, न कि डर और मौत से. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में हजारों लोगों की जान गई है. उनके अनुसार, अगर नेतृत्व देश चलाने पर ध्यान दे, तो हालात बेहतर हो सकते हैं.

बीमार सोच वाले व्यक्ति हैं खामेनेई 
ट्रंप ने खामेनेई को बीमार सोच वाला व्यक्ति बताया है. उन्होंने कहा कि ईरान आज दुनिया में रहने के लिए सबसे खराब जगहों में से एक बन गया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की सरकार जनता की आवाज दबाने के लिए हिंसा का सहारा ले रही है. अमेरिका पहले ही चेतावनी दे चुका था कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो वह हस्तक्षेप कर सकता है. हालांकि बाद में ऐसा कोई सैन्य कदम नहीं उठाया गया.

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वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने इन प्रदर्शनों को सख्ती से कुचलने की बात कही है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही और विदेशी साजिश का हिस्सा बताया है. खामेनेई ने कहा कि सरकार देश को युद्ध की ओर नहीं ले जाना चाहती, लेकिन आंतरिक अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इन घटनाओं के पीछे है. ईरानी अधिकारियों ने विरोध को दंगे और आतंकवादी गतिविधि करार दिया है.

सड़कों पर उतरने की अपील
इस बीच ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी भी खुलकर सामने आए हैं. उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरकर आवाज उठाने की अपील की है. कई प्रदर्शनों में पहलवी के समर्थन में नारे भी लगे. रजा पहलवी ने कहा कि वह ईरान में एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र चाहते हैं. उन्होंने जनमत संग्रह के जरिए नई सरकार बनाने की बात कही. पहलवी ने भरोसा जताया कि वह एक दिन ईरान लौटेंगे और बदलाव की अगुवाई करेंगे.

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