Last Updated:January 22, 2026, 17:07 IST
Mukundra Hills Tunnel : देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. सिर्फ एक कम ऐसा बचा है, जिसकी वजह से 1,300 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी का यह रास्ता अभी तक पूरी तरह नहीं खुल सका था. अब इस 5 हजार मीटर के रास्ते का निर्माण भी जल्द पूरा होने वाला है, जिसके बाद 1,300 किलोमीटर की यह दूरी महज 12 घंटे में पूरी की जा सकेगी.

हम बात कर रहे हैं दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) की, जिसके कई सेक्शन पर आवाजाही शुरू भी हो चुकी है, लेकिन बात अगर पूरे रास्ते की करें तो अभी तक नहीं खुला है. कारण बीच में पड़ने वाली अरावली की मुकुंदरा पहाड़ी थी, जिसके नीचे सुरंग बनाई जा रही है. यह डबल लेन टनल अप्रैल तक पूरी तरह तैयार हो जाएगी और एक्सप्रेसवे पर आवाजाही भी शुरू हो जाएगी.

मुकुंदरा हिल्स टनल को भारतमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई बना रहा है. यह टनल मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही है. टनल की खासियत यह है कि इसके ऊपर जानवरों के आने-जाने का रास्ता स्वतंत्र रूप से खुला रहेगा और नीचे 120 की स्पीड में वाहन दौड़ सकेंगे. टनल को हाईटेक तकनीक से बनाया जा रहा है, तभी इसके तैयार होने में इतना समय लग रहा है.

मुकुंदरा हिल्स टनल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज-15 का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 8.3 किलोमीटर है. इस पैकेज में 4.9 किलोमीटर का हिस्सा इस टनल का भी है. टनल 8 लेन की बन रही है, जिसमें एक तरफ से गुजरने के लिए 4 लेन होंगे. टनल का 3.3 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह अंडरग्राउंड होगा, जबकि 1.6 किलोमीटर के हिस्से को जमीन के ऊपर कट एंड कवर तकनीक से बनाया गया है.
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मुकुंदरा हिल्स टनल को 22 मीटर चौड़ा बनाया गया है, जो 11 मीटर ऊंचा भी है. यही वजह है कि यह टनल भारत के सबसे चौड़े रोड टनल में से एक है. इसे बनाने में लाइटिंग, सेंसर्स, प्रदूषण नियंत्रण और एआई आधारित निगरानी प्रणाली के तहत बनाया गया है. टनल में फायर फाइटिंग और हाइड्रेंट सिस्टम, फायर अलार्म, गैस सप्रेशन और ऑप्टिकल लीनियर हीट डिटेक्शन जैसी तकनीक भी इसमें लगाई गई है.

इस टनल में इमरजेंसी टेलीफोन, रेडियो रीब्रॉडकॉस्टिंग, सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेस, इमरजेंसी पॉवर, ट्रैफिक कंट्रोल, वेंटिलेशन सिस्टम और 100 साल की डिजाइन लाइफ का इस्तेमाल किया गया है. इको सेंसिटिव जोन में होने के कारण इस टनल को वाइल्डलाइफ के लिए बेहतर एक्सेस के लिहाज से बनाया जा रहा है. टनल को बिना प्राकृतिक अवस्था को नुकसान पहुंचाए तैयार किया गया है.

मुकुंदरा हिल्स टनल राजस्थान के कोटा जिले के चेचत नामक स्थान को मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से जोड़ती है. इस टनल के तैयार होने के बाद गुरुग्राम से वडोदरा तक महज 10 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. टनल के निर्माण पर पहले 1,000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान था, जो बाद में बढ़कर 1,250 करोड़ हो गया. इसे बनाने वाली कंपनी का दावा है कि सारा निर्माण कार्य अप्रैल, 2026 तक पूरा हो जाएगा.

यह टनल सिर्फ दिल्ली से मुंबई जाने वालों का ही रास्ता आसान नहीं करेगी, बल्कि राजस्थान में भी कई जिलों के बीच आवाजाही को आसान बना देगी. राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने टनल का दौरा करने के बाद कहा कि इस सुरंग की वजह से कोटा से झालावाड़ जाना भी आसान हो जाएगा और दरा घाटी में लगने वाले घंटों के जाम से भी छुटकारा मिल जाएगा.
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