Last Updated:February 09, 2026, 13:10 IST
Cadbury Story : आज चॉकलेट डे है और आपके दोस्तों ने भी तोहफे में चॉकलेट जरूर दिया होगा. कैडबरी खाते समय आप अक्सर यह सोचते होंगे कि आखिर इतनी स्वादिस्ट चीज किसने बनाई और इसकी शुरुआत कब हुई होगी. आपके इन सभी सवालों का जवाब हम इस कहानी में दे रहे हैं. इसमें बताएंगे कि कैसे शराब के विरोध में शुरू हुआ चॉकलेट ड्रिंक आज एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है और सालाना 50 करोड़ से ज्यादा चॉकलेट बेच देती है. कंपनी की शुरुआत 200 साल पहले हुई थी, तो आपका पसंदीदा डेयरी मिल्क भी पहली बार 120 साल पहले बना था.

नई दिल्ली. आज यानी 9 फरवरी को चॉकलेट डे है. चॉकलेट का नाम आते ही आपके जेहन में कैडबरीज की डेयरी मिल्क का नाम सबसे पहले आता होगा. आज आप अपने दोस्तों और चहेतों को यह चॉकलेट गिफ्ट भी करेंगे, लेकिन क्या आपने सोचा है कि यह चॉकलेट कंपनी आखिर कब शुरू हुई और पहली डेयरी मिल्क चॉकलेट कब बनाई गई. इस कंपनी से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं, जिनके बारे में आज चॉकलेट डे (Chocolate Day) पर हम आपको बताएंगे.
कैडबरी आज दुनिया की सबसे बड़ी चॉकलेट कंपनी है, जो अब Mondelez का हिस्सा बन चुकी है. इस कंपनी की शुरुआत करीब 200 साल पहले ब्रिटेन में हुई थी. मजेदार बात ये है कि इसकी नींव शराब के विरोध में डाली गई थी. इसकी शुरुआत करने वाले जॉन कैडबरी शराब के विरोधी थे और उसके विकल्प के रूप में उन्होंने चॉकलेट ड्रिंक बनाना और बेचना शुरू किया था. उनकी यह छोटी सी कोशिश आज ग्लोबल ब्रांड बन चुकी है.
सड़क किनारे शुरू हुई थी कंपनी
जॉन कैडबरी ने साल 1824 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में बुल स्ट्रीट पर एक छोटी से ग्रॉसरी की दुकान खोली. शुरुआत में वह ग्राहकों को चाय, कॉफी और ड्रिंकिंग चॉकलेट पिलाते थे और इसे खुद मोर्टार व पेस्टल से तैयार करते थे. उन्होंने चॉकलेट ड्रिंक को शराब के विकल्प के रूप में पेश किया था. साल 1831 तक उनकी दुकान काफी फेमस हो गई और जॉन ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए एक वेयरहाउस खरीदकर मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी. इस काम में उनके बेटों जॉर्ज और रिचर्ड ने भी मदद की.
1847 में बदला कंपनी का नाम
जॉन के प्रोडक्ट को इतना पसंद किया जाने लगा कि उन्होंने 1842 तक 11 तरह के कोको और 16 तरह की ड्रिंकिंग चॉकलेट बनानी शुरू कर दी. साल 1847 में उनके भाई बेंजामिन भी कंपनी में शामिल हुए और इसका नाम बदलकर कैडबरी ब्रदर्स कर दिया. इसके बाद ब्रिज स्ट्रीट में फैक्ट्री भी खोल दी. उन्हें साल 1854 में इंग्लैंड की महारानी क्वीन विक्टोरिया से रॉयल वारंट मिला, जिसके बाद इस कंपनी को रॉयल फैमिली को चॉकलेट सप्लाई करने का अधिकार मिल गया.
बेटों ने उबारी कंपनी
साल 1861 में जॉन की तबीयत खराब होने पर वे रिटायर हो गए और बेटों ने कंपनी संभाली. तब कंपनी घाटे में थी, लेकिन बेटों ने इसे उबारा और साल 1866 में उन्होंने नीदरलैंड से एक कोको प्रेस मशीन खरीदी, जिससे कोको बटर निकाला जाता है. इससे पहले चॉकलेट में आलू या आटा मिलाकर बनाया जाता था, लेकिन इस मशीन के बाद पहली बार ब्रिटेन में बिना मिलावट वाली कोको पेश की गई. साल 1879 में पहली बार यह कंपनी बर्मिंघम से बाहर निकली और बॉर्नविले में नई फैक्ट्री बनाई. कंपनी ने यहां कर्मचारियों के लिए घर, पार्क, स्कूल और अस्पताल बनवाए, जो उस समय कर्मचारी कल्याण का सबसे बड़ा उदाहरण था.
1905 में बनी पहली डेयरी मिल्क
जॉन की कंपनी ने साल 1905 में पहली बार डेयरी मिल्क (Dairy Milk) चॉकलेट प्रोडक्ट को लॉन्च किया, जिसमें दूध की मात्रा ज्यादा थी. आगे चलकर यह कंपनी का सबसे हिट प्रोडक्ट साबित हुआ. कंपनी ने साल 1919 में पहली बार किसी दूसरी कंपनी के साथ सौदा किया और J.S. Fry & Sons से हाथ मिलाया. साल 1969 में कंपनी का मर्जर Schweppes से हुआ और एक नई कंपनी Cadbury Schweppes सामने आई. फिर साल 2010 में अमेरिकी कंपनी Kraft Foods जिसे अब Mondelez के नाम से जाना जाता है, ने इसे 11.5 अरब पाउंड में खरीद लिया.
कंपनी की खास बातें
कैडबरी इंग्लैंड की महारानी क्वीन विक्टोरिया के लिए चॉकलेट सप्लाई करती थी, जो आज भी ब्रिटिश रॉयल फैमिली के लिए चॉकलेट की सप्लाई करती है. कंपनी ने पहली बार 1868 में पहली बार दिल के आकार वाला चॉकलेट बॉक्स बनाया, जो वैलेंटाइन डे का सिंबल बन गया. कंपनी आज हर साल 50 करोड़ से ज्यादा चॉकलेट बनाती है. कैडबरी ने अपने कर्मचारियों के लिए बॉर्नविले में 313 घर बनाएं, जहां कोई पब नहीं था, क्योंकि यह कंपनी शराब के विरोध में शुरू की गई थी. बर्मिंघम में कंपनी ने कैडबरी वर्ल्ड बनाया है, जहां कोई भी चॉकलेट बनने का प्रोसेस देख सकता है. यहां सालाना 6 लाख से ज्यादा सैलानी आते हैं. कैडबरी की पहुंच आज 50 देशों में है और भारत में यह डेयरी मिल्के रूप में अपने प्रोडक्ट बेचती है.About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
February 09, 2026, 13:10 IST

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