नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडप में चल रहे AI समिट में हंगामे की खबर है. यह हंगामा यूथ कांग्रेस ने किया है. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस कार्यकता AI समिट में घुस आए. उन्होंने अपने टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन पर आम लोग सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी सवाल उठा रही है. घटना के समय मौजूद लोगों के अनुसार अचानक नारेबाजी शुरू होने से कुछ समय के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया. सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया और स्थिति को सामान्य किया. कांग्रेस कार्यकर्ता ने शर्ट उतार कर प्रदर्शन किया है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सभी को हिरासत में ले लिया गया है और FIR दर्ज की जाएगी. पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों ने गिरफ्तार किया है.
कांग्रेस नेता नरसिम्हा यादव को पुलिस बता रही मास्टरमाइंड.
कहां प्रिंट हुई ये टीशर्ट?
एआई (AI) समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पहने गए स्लोगन वाली टी-शर्ट्स अब पुलिस जांच के रडार पर हैं। तफ्तीश इस बात की हो रही है कि ये टी-शर्ट्स कहां प्रिंट करवाई गईं और इनका ऑर्डर कब दिया गया? सूत्रों के अनुसार, पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इस विरोध प्रदर्शन की स्क्रिप्ट कई दिनों पहले ही लिख दी गई थी। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर किसके कहने पर ये टी-शर्ट्स तैयार हुईं और इसके लिए फंडिंग कहां से आई? शक है कि यह महज एक तात्कालिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को घेरने की एक सोची-समझी साजिश थी।
पीयूष गोयल ने कांग्रेस की लगाई क्लास
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को कांग्रेस का ‘अहंकार और हताशा’ करार दिया है. उन्होंने राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार का विरोध करने के चक्कर में भारत को वैश्विक स्तर पर अपमानित करना बेहद निंदनीय है. गोयल के अनुसार, कांग्रेस व्यापार समझौतों पर झूठ फैलाकर देश के विकास को रोकना चाहती है. प्रतिष्ठित एआई (AI) समिट में शर्टलेस प्रदर्शन कर कांग्रेसियों ने 140 करोड़ भारतीयों को शर्मिंदा करने की कोशिश की है. यह विघटनकारी रणनीति कांग्रेस की दूरदर्शिता की कमी को उजागर करती है.
अश्विनी वैष्णव का कांग्रेस पर प्रहार
भारत मंडपम में आयोजित एआई (AI) समिट की सफलता पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी दुनिया के सामने भारत के गौरव और बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है, जिसे राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए था. वैष्णव ने युवाओं से संवाद का हवाला देते हुए बताया कि युवा पीढ़ी इस वैश्विक प्रेरणा को अपनाने के पक्ष में है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शायद इस भव्य आयोजन की सफलता से डर गई है, इसलिए विघ्न डालने का काम कर रही है. वैष्णव के अनुसार, कांग्रेस का नकारात्मक माइंडसेट देश के विकास में बाधक है और उन्हें इस तरह की ओछी राजनीति से बचना चाहिए.
यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को पुलिस क्यों मान रही साजिश?
भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल एआई (AI) समिट के दौरान यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन अब दिल्ली पुलिस की गहन जांच के घेरे में है. पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि एक सुनियोजित गहरी साजिश मान रही है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के चंद मिनटों के भीतर ही थाने पर वकीलों की भारी फौज का पहुंच जाना है. इतनी त्वरित कानूनी सहायता और कांग्रेस का तत्काल आधिकारिक बयान आना किसी पूर्व निर्धारित योजना की ओर स्पष्ट संकेत देता है. पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि आखिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण आयोजन को किसके इशारे पर निशाना बनाने की कोशिश की गई थी.
गिरफ्तार किए गए भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के सदस्य:
कृष्णा हरि: राष्ट्रीय सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस कुंदन यादव: बिहार प्रदेश सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस अजय कुमार: उत्तर प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस नरसिम्हा यादव: राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेसदिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. सूत्रों के अनुसार करीब दस लोग प्रदर्शन में शामिल थे. सभी को मौके से हिरासत में लिया गया और आगे की पूछताछ के लिए तिलक मार्ग थाने ले जाया गया.
PM is compromised slogan raised in the AI summit by Congress youth workers.
HAVE SOME SHAME!!
It is a global event not an election rally of MODI pic.twitter.com/AcMXslD2VN
(फोटो X/IYC)
क्यूआर कोड के जरिए एंट्री कर पहुंचे प्रदर्शनकारी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ता क्यूआर कोड आधारित एंट्री सिस्टम का इस्तेमाल कर कार्यक्रम स्थल के अंदर पहुंचे थे. इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी नए सवाल खड़े हो गए हैं कि इतनी सख्त निगरानी के बावजूद प्रदर्शनकारी अंदर कैसे पहुंच गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रवेश प्रक्रिया में कहीं चूक हुई या जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया गया.
Shame
At a time when India is hosting a prestigious global AI Summit, showcasing its innovation and leadership in technology, the Congress party chose disruption over dignity.
Under the leadership of Rahul Gandhi, Congress workers went topless and created a ruckus at… pic.twitter.com/dUns0bxyyv
युवा कांग्रेस ने जारी किया बयान
भारतीय युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उनके कार्यकर्ताओं ने AI समिट के दौरान देश की अस्मिता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया. बयान में आरोप लगाया गया कि सरकार देशहित से समझौता कर रही है और इसी के विरोध में आवाज उठाई गई. संगठन ने अपने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया और कहा कि कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया.
क्या बोले यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष
विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने संगठन का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकार के तहत प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री का नाम होने के कारण ही ट्रेड डील जैसे फैसले लिए जा रहे हैं. उदय भानु ने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन भारतीय युवा कांग्रेस हर हाल में जनता की आवाज बनेगी. उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन से देश की छवि कैसे खराब हो सकती है और दावा किया कि देश को शर्मसार कार्यकर्ताओं ने नहीं बल्कि सरकार के फैसलों ने किया है. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्लैकलिस्ट में आए. उन्होंने अन्य देशों में इस्तीफा दिया, लेकिन भारत में कोई कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही उन्होंने कहा कि वे राहुल गांधी के सिपाही हैं और डरने वाले नहीं हैं.
युवा कांग्रेस ने बयान जारी करते हुए कहा कि एआई समिट के दौरान किया गया उनका विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के हितों से कथित समझौते के खिलाफ आवाज उठाने के लिए था. संगठन का कहना है कि जब मीडिया, व्यवस्था और सरकार पर सवाल उठाने की जगह सीमित होती जा रही हो, सड़कों पर प्रदर्शन रोके जाते हों और सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जाते हों, तब युवाओं के पास अपनी बात रखने के लिए ऐसे मंच ही बचते हैं. युवा कांग्रेस ने कहा कि वे एआई समिट के विरोध में नहीं हैं, बल्कि किसानों, युवाओं और देशहित से जुड़े मुद्दों पर हो रहे कथित समझौतों का विरोध कर रहे हैं. बयान में कहा गया कि देश 140 करोड़ लोगों का है और अगर सरकार से असहमति हो तो जनता का आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है. संगठन ने महात्मा गांधी और भगत सिंह के रास्ते का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवाओं और किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की.
(फोटो X/IYC)
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बाधा डालना देश की छवि को नुकसान पहुंचाने जैसा है. उन्होंने कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग भी की. साथ ही उन्होंने कहा कि यह देश के खिलाफ काम किया गया है. कांग्रेस अर्बन नक्सल जैसा काम कर रही है. दूसरी ओर कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका अधिकार है.
पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और कार्यक्रम में प्रवेश से लेकर प्रदर्शन की योजना तक हर पहलू की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल भारत मंडपम में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा शिखर सम्मेलन के शेष कार्यक्रम तय समय के अनुसार जारी हैं. घटना ने एक बार फिर बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा और राजनीतिक विरोध के संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

1 hour ago
