CSPOC 2026: भारत की डेमोक्रेसी पर शक करने वालों को PM मोदी का करारा जवाब, बताया कैसे मिली विकास को रफ्तार

2 hours ago

PM Modi CSPOC 2026: देश की राजधानी दिल्ली के संविधान सदन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की लोकतांत्रिक ताकत का ऐसा चित्र खींचा, जो सिर्फ बीते इतिहास की याद नहीं दिलाता बल्कि भविष्य की दिशा भी साफ करता है. कॉमनवेल्थ देशों के स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स के सामने PM मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया. लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है. यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.

प्रधानमंत्री का संदेश सिर्फ भाषण तक सीमित नहीं था. जिस सेंट्रल हॉल में बैठकर वे दुनिया को संबोधित कर रहे थे, वही जगह भारत के लोकतंत्र की नींव की गवाह रही है. संविधान सभा से लेकर संसद और अब संविधान सदन तक यह स्थान खुद में भारत की डेमोक्रेसी की जीवित कहानी है. PM मोदी ने इसी मंच से यह भी समझाया कि लोकतंत्र बहस और शोर से नहीं, बल्कि धैर्य, सुनने की क्षमता और सबको साथ लेकर चलने से मजबूत होता है.

संविधान सदन से लोकतंत्र का मजबूत संदेश

PM मोदी ने कहा कि जिस सेंट्रल हॉल में यह सम्मेलन हो रहा है, वह भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बेहद अहम पड़ाव रहा है. आजादी से पहले यहीं संविधान सभा की बैठकें हुईं. आजादी के बाद 75 साल तक यही संसद का केंद्र रहा. अब इसे संविधान सदन का नाम दिया गया है, जो लोकतंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

#WATCH | Delhi | Addressing the 28th CSPOC, Prime Minister Narendra Modi says, “The place where you are all sitting is a very important place. In the last years of slavery, when India’s independence had already been decided, it was in this Central Hall that the Constituent… pic.twitter.com/dlIz23ywTd

स्पीकर की भूमिका पर PM का खास नजरिया

प्रधानमंत्री ने संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर की भूमिका को बेहद अहम बताया. उन्होंने कहा कि स्पीकर सबसे ज्यादा बोलता नहीं, बल्कि सबसे ज्यादा सुनता है. उसकी असली ताकत धैर्य में होती है. शोरगुल, असहमति और जोश से भरे सदस्यों को भी मुस्कान के साथ संभालना ही एक अच्छे स्पीकर की पहचान है.

भारत में चौथी बार CSPOC, थीम भी खास

यह चौथा मौका है जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस भारत में आयोजित हो रही है. इस बार सम्मेलन की थीम ‘संसदीय लोकतंत्र का प्रभावी क्रियान्वयन’ रखी गई है. इसका फोकस सिर्फ लोकतंत्र की परिभाषा नहीं, बल्कि उसे जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने पर है.

लोकतंत्र पर शक करने वालों को आंकड़ों से जवाब

PM मोदी ने कहा कि कभी यह संदेह जताया गया था कि अगर भारत में लोकतंत्र जड़ें भी जमा ले, तो विकास की रफ्तार धीमी रहेगी. लेकिन भारत ने इन शंकाओं को गलत साबित किया. भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. भारत में विकसित UPI दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. भारत वैक्सीन उत्पादन में दुनिया में पहले नंबर पर है. स्टील उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर है.

यह चौथा मौका है जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस भारत में आयोजित हो रही है.

लोकतंत्र ही बना भारत की ग्रोथ का इंजन

प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत का लोकतंत्र सिर्फ चुनावों तक सीमित नहीं है. यह नीति, नवाचार और समावेशी विकास का आधार है. संस्थागत मजबूती और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं ने भारत को स्थिरता दी, बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता दी और फैसलों में तेजी लाई.

PM मोदी के संदेश की 3 बड़ी बातें:

लोकतंत्र बहस से नहीं, धैर्य और सुनने की क्षमता से मजबूत होता है. मजबूत संस्थाएं ही तेज़ विकास की नींव रखती हैं. भारत का लोकतंत्र आज दुनिया के लिए एक मॉडल बन रहा है.

प्रधानमंत्री का यह संबोधन सिर्फ कॉमनवेल्थ देशों के लिए नहीं था, बल्कि उन सभी के लिए था जो आज भी लोकतंत्र और विकास को एक-दूसरे का विरोधी मानते हैं. संविधान सदन से दिया गया यह संदेश साफ है भारत की डेमोक्रेसी ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है.

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