Last Updated:January 18, 2026, 06:43 IST
DGCA Action & Indigo’s Income: दिसंबर में हुए कैंसलेशन और डिले क्राइसिस की जांच के बाद डीजीसीए ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस पर यह जुर्माना कितना असर डालेगा और उसकी एक दिन की कमाई की तुलना में यह जुर्माने की राशि क्या मायने रखती है, आइए जानते हैं...
DGCA Action & Indigo’s Income: आप दिसंबर के पहले हफ्ते की वह तारीखें याद कीजिए, जब एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आपको पता चला कि उनकी फ्लाइट डिले हैं. कई घंटों के इंतजार के बाद खबर आई कि फ्लाइट कैंसल हो गई है. यह खबर ज्यादातर पैसेंजर्स के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी. किसी ने मजबूरी में मनमानी कीमत पर घर वापसी की टिकटें खरीदी, तो किसी ने पूरे परिवार के साथ पूरी रात एयरपोर्ट पर काटी. यह नजारा किसी एक दिन नहीं, बल्कि पूरे सप्ताह जारी रहा. शुरुआती कुछ दिन ऐसे भी बीते, जब पैसेंजर्स की सुध लेने वाला कोई भी नहीं था. सभी जिम्मेदार एजेंसियों ने पैसेंजर्स को उनके हाल पर छोड़ दिया था.
उन दिनों के हालात को लेकर डीजीसीए के आंकड़ों की मानें तो इंडिगो की 2,507 फ्लाइट्स कैंसल हुईं और 1,852 फ्लाइट्स अपने शेड्यूल टाइम से घंटों की देरी से ऑपरेट हुई. इंडिगो की इस क्राइसिस का असर 3 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स पर पड़ा. सोशल मीडिया में हंगामा बढ़ने के बाद मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन हरकत में आई और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को कार्रवाई करने के निर्देश दिए. कुछ दिनों में हालात सामान्य तो हो गए, लेकिन इन दिनों में मिला दर्द पैसेंजर्स के दिल में किसी नासूर की तरह जम गया. पैसेंजर्स के दर्द को देखकर वादा किया गया कि ऐसी कार्रवाई होगी, जो नजीर बनेगी.
इंडिगो पर 20.22 करोड़ के जुर्माना का असर
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने इस ‘ऑपरेशनल मेल्टडाउन’ के लिए ज्यादातर एयरलाइन ऑफिशियल्स को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया है. साथ ही, इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा, इंडिगो से 50 करोड़ रुपए की गारंटी भी मांगी गई है. डीजीसीए ने यह भी साफ कर दिया है कि इंडिगो निर्धारित समयावधि के भीतर नियमों को लागू करने पर गारंटी की राशि वापस कर दी जाएगी. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इंडिगो जैसी दिग्गज एयरलाइंस के लिए जुर्माने की यह बड़ी रकम है. यह रकम उसके लिए कोई मायने रखती है, या फिर सिर्फ महासागर से एक चुल्लू पानी निकालने जैसा है.ढाई घंटे की कमाई के बराबर है यह जुर्माना
अब असल सवाल यह है कि इंडिगो की एक दिन की कमाई कितनी है और उसकी तुलना में यह जुर्माना कितना बड़ा है. तो सवाल का जवाब है कि भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली दो तिमाहियों (अप्रैल-सितंबर 2025) में कुल 41,142 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमा चुकी है. अगर हम इसे एनुअलाइज करें तो सालाना रेवेन्यू करीब 82,284 करोड़ रुपये बैठता है. यानी, औसतन प्रतिदिन की आय लगभग 225 करोड़ रुपये होती है. अब ऐसे में डीजीसीए का 22.20 करोड़ का यह जुर्माना इंडिगो के लिए एक दिन की कमाई का महज 0.1वां हिस्सा है. आपको यह जानकार हैरानी होगी कि इंडिगो पर लगा 22.20 करोड़ रुपये का यह जुर्माना उसकी कमाई का ढाई से तीन घंटे की कमाई के बराबर हैं.
आइए जानें इस मामले से जुड़ी कुछ अन्य खास बातें
दिसंबर 2025 में इंडिगो का बड़ा ऑपरेशनल संकट: 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच इंडिगो एयरलाइंस को बड़े पैमाने पर उड़ान व्यवधान का सामना करना पड़ा. इस दौरान कुल 2,507 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं और 1,852 फ्लाइट्स डिले रहीं. नतीजतन देशभर के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर तीन लाख से अधिक यात्री फंसे रहे.
DGCA की चार सदस्यीय जांच समिति का गठन: इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के निर्देश पर डीजीसीए ने एक चार सदस्यीय जांच समिति बनाई. समिति को इंडिगो की नेटवर्क प्लानिंग, क्रू रोस्टरिंग, सॉफ्टवेयर सिस्टम और ऑपरेशनल डिसीजन्स की गहराई से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई, ताकि क्राइसिस के असली कारण सामने आ सकें.
जांच में सामने आए प्रमुख कारण: जांच समिति ने पाया कि क्राइसिस के पीछे ओवर-ऑप्टिमाइजेशन, कमजोर तैयारी, सॉफ्टवेयर सिस्टम की खामियां और मैनेजमेंट जिम्मेदार था. इंडिगो ने ऑपरेशन एफिशिएंसी बढ़ाने के चक्कर में जरूरी सेफ्टी और बफर मार्जिन को नजरअंदाज कर दिया, जो क्राइसिस की बड़ी वजह बना.
फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) के पालन में विफलता: समिति ने स्पष्ट कहा कि इंडिगो प्रबंधन संशोधित FDTL नियमों को सही ढंग से लागू करने में असफल रहा. विंटर शेड्यूल 2025 और नए ड्यूटी नियमों के असर का सही आकलन नहीं किया गया, जिससे क्रू की थकान, रोस्टर मे गड़बड़ी और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसलेशन जैसी स्थिति बनी. अत्यधिक संसाधन उपयोग ने बढ़ाई समस्या: रिपोर्ट में बताया गया कि इंडिगो का अत्यधिक फोकस क्रू, एयरक्राफ्ट और नेटवर्क संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर था. रोस्टर इस तरह बनाए गए कि ड्यूटी पीरियड्स खिंच गए, डेड-हेडिंग और टेल-स्वैप बढ़े, जबकि रिकवरी टाइम बेहद कम रखा गया, जिससे ऑपरेशनल रेजिलिएंस कमजोर हो गई. इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई: DGCA ने इंडिगो के सीईओ को चेतावनी दी कि उन्होंने क्राइसिस मैनेजमेंट और ओवरऑल निगरानी में कमी दिखाई. सीओओ को विंटर शेड्यूल और FDTL के प्रभाव को न समझ पाने पर वार्निंग दी गई, जबकि सीनियर वाइस प्रेसीडेंड (ओसीसी) को मौजूदा ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं. अन्य अधिकारियों को भी DGCA की फटकार: इसके अलावा डिप्टी हेड फ्लाइट ऑपरेशंस, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट (क्रू रिसोर्स प्लानिंग) और डायरेक्टर (फ्लाइट ऑपरेशन) को भी चेतावनी दी गई. डीजीसीए ने इंडिगो को निर्देश दिया कि आंतरिक जांच में दोषी पाए गए अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई करे और उसकी कंप्लायंस रिपोर्ट नियामक को सौंपे. 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना: DGCA ने एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के तहत इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. इसमें 1.80 करोड़ रुपये एकमुश्त सिस्टम फेल्योर पेनल्टी और 68 दिनों की लगातार गैर-अनुपालन अवधि के लिए 20.40 करोड़ रुपये की डेली पेनल्टी शामिल है. 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी और ISRAS योजना: DGCA ने इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया. इसके तहत इंडिगो सिस्टेमेटिक रिफॉर्म एस्योरेंस स्कीम (ISRAS) बनाई गई है, जिसमें लीडरशिप, मैनपावर प्लानिंग, डिजिटल सिस्टम और बोर्ड-लेवल ओवरसाइट जैसे चार स्तंभों पर सुधार पूरा होने पर चरणबद्ध गारंटी रिलीज होगी. यात्रियों को राहत और डीजीसीए का कड़ा संदेश: डीजीसीए ने माना कि इंडिगो ने स्थिति से तेजी से उबरकर ऑपरेशन सामान्य कर लिया. प्रभावित यात्रियों को रिफंड, CAR मुआवजा और ₹10,000 का ‘गेस्चर ऑफ केयर’ वाउचर दिया गया. डीजीसीए ने साफ किया कि सुरक्षा, नियमों का पालन और क्रू व यात्रियों का हित सर्वोपरि रहेगा और भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.About the Author
Anoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to ...और पढ़ें
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January 18, 2026, 06:43 IST

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