Venezuela Coup story: मादुरो के तख्तापलट के समय से ही विश्वासघात की थ्योरी तेज़ हो गई थी. लेकिन अब पहली बार गद्दारी के आरोप में वेनेज़ुएला के एक जनरल को बर्खास्त किया गया है. कुछ रिपोर्ट्स में जनरल की गिरफ़्तारी की ख़बरें भी हैं. गद्दारी के आरोप में बर्खास्त इस जनरल का नाम है जेवियर मार्कानो ताबाता. जनरल ताबाता प्रेसिडेंशियल हॉनर गार्ड के प्रमुख थे. इसके साथ-साथ वो वेनेज़ुएला की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट DGCIM के हेड भी थे. यानी उनके ऊपर दो-दो बड़ी ज़िम्मेदारियां थीं. प्रेसिडेंशियल हॉनर गार्ड के प्रमुख के रूप में उनका काम निकोलस मादुरो की सुरक्षा करना था. जो बॉडीगार्ड मादुरो की सुरक्षा के लिए लगाए गए थे, वो जनरल ताबाता के निर्देश पर काम करते थे.
ट्रंप का जासूस कैसे बना?
वहीं काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के प्रमुख के रूप में उनके पास विदेशी षडयंत्र, जासूसी और आतंकवाद को रोकने का काम था. यानी जिस व्यक्ति पर मादुरो की सुरक्षा का ज़िम्मा था. जिसे अमेरिकी ऑपरेशन के बारे में जानकारी जुटानी थी, वही अमेरिका के साथ मिल गया. बड़ा सवाल ये है कि जिस शख्स पर अपनी सुरक्षा को लेकर मादुरो सबसे ज्यादा भरोसा करते थे. वो ट्रंप का जासूस कैसे बन गया?
गद्दारी के बारे में पता कैसे चला?
मादुरो के तख्तापलट के बाद अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने मादुरो के अपहरण के पीछे की साज़िशों का पता लगाने का आदेश दिया. मादुरो के बेटे गुएरा और उनके समर्थकों ने भी अमेरिका के ऑपरेशन के पीछे गद्दारी के आरोप लगाए थे.
जितनी आसानी से अमेरिका की डेल्टा फोर्स ने वेनेज़ुएला में तख्तापलट किया था, वो किसी इनसाइडर की भूमिका का इशारा कर रहा था. DNA मित्रो, अमेरिकी सैनिकों ने बिना किसी प्रतिरोध के बिल्कुल उसी जगह हमला किया जहां मादुरो रुके हुए थे. यानी उन्हें मादुरो के ठिकाने की सटीक जानकारी थी. जबकि मादुरो के बारे में कहा जाता है कि वो कुछ दिनों या कुछ घंटों के बाद अपना ठिकाना बदल लेते थे. इसके अलावा जब अमेरिका ने हमला किया, उस समय वेनेज़ुएला का एयर डिफेंस सिस्टम काम ही नहीं कर रहा था. जबकि वेनेज़ुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को अपेक्षाकृत मज़बूत माना जाता है.
यही वजह है कि जैसे ही मादुरो को पकड़ने की ख़बर आई, वैसे ही ये सवाल उठने लगे कि वेनेज़ुएला के एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी हेलीकॉप्टर पर निशाना क्यों नहीं साधा. अमेरिकी को मादुरो के सटीक ठिकाने की ख़बर कैसे लगी.
जनरल ताबाता की बर्खास्तगी के बाद इन सवालों के जवाब सामने आए हैं. जनरल ताबाता पर पहला आरोप ये है कि उन्होंने मादुरो की लोकेशन के बारे में अमेरिका को बताया. उन पर दूसरा आरोप ये है कि उन्होंने वेनेज़ुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को डिएक्टिवेट कर दिया.
जनरल ताबाता से मिली जानकारी के आधार पर ही डेल्टा फोर्स ने मादुरो के सेफ हाउस की हूबहू नक़ल बनाई. उन्होंने ये अभ्यास भी किया कि वो उस क़िलेबंद घर में कैसे प्रवेश करेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शुरुआती जांच में जनरल की भूमिका सामने आने के बाद उनके ख़िलाफ़ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है.
सत्ता में रहते हुए मादुरो जनरल ताबाता पर बहुत भरोसा करते थे. वेनेज़ुएला में काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के प्रमुख के रूप में जनरल ताबाता पर अत्याचार के कई आरोप हैं. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ मादुरो के इशारे पर जनरल ताबाता ने मादुरो के विरोधियों पर ज़ुल्म किए थे. इन आरोपों की वजह से अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध भी लगाए थे. लेकिन जनरल ताबाता वफ़ादार से गद्दार क्यों बने, इसको लेकर अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. सवाल ये भी है कि अगर वो अमेरिकी एजेंट थे तो अब अमेरिका जनरल को बचाने के लिए क्या करेगा.

10 hours ago
