Exclusive: सुनीता विलियम्स ने क्यों कहा कि वे अब चांद पर नहीं जाएंगी? 27 साल की नौकरी के बाद क्यों रिटायर हुईं

1 hour ago

Last Updated:January 22, 2026, 17:32 IST

Sunita Williams Interview: दिग्गज अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स नासा से रिटायर होकर भारत पहुंची हैं. उन्होंने कहा कि वह चांद पर जाना चाहती थीं. मगर अब वह यह मौका नई पीढ़ी को सौंपना चाहती हैं. News18 से खास बातचीत में उन्होंने अंतरिक्ष में बिताए 608 दिनों के अद्भुत अनुभव साझा किए. सुनीता को बोइंग स्टारलाइनर मिशन के कारण नौ महीने अंतरिक्ष में रहना पड़ा था. वह भारत और अमेरिका के बीच मजबूत अंतरिक्ष सहयोग की उम्मीद करती हैं.

सुनीता विलियम्स ने क्यों कहा कि वे अब चांद पर नहीं जाएंगी? क्यों हुईं रिटायरNASA एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स (File Photo)

नई दिल्ली: नासा की दिग्गज अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने नासा से अपनी 27 साल लंबी शानदार पारी को विराम दिया है. रिटायरमेंट के ठीक बाद सुनीता भारत दौरे पर हैं और अपने अनुभवों को खुलकर साझा कर रही हैं. उन्होंने News18 को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह चांद पर जाने की तीव्र इच्छा रखती हैं. लेकिन अब वह चाहती हैं कि नई पीढ़ी इस जिम्मेदारी को संभाले और अंतरिक्ष के रहस्यों को खोजे. पिछले साल बोइंग स्टारलाइनर मिशन के दौरान वह करीब नौ महीने अंतरिक्ष में फंसी रही थीं. यह उनके जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार समय था. सुनीता ने अपनी संस्कृति और जड़ों को कभी नहीं भुलाया है. वह अंतरिक्ष में भारतीय भोजन भी साथ लेकर गई थीं. उनके इस दौरे से भारतीय युवाओं में विज्ञान और अंतरिक्ष को लेकर नई उम्मीदें जाग गई हैं. वह भारत और अमेरिका के बीच मजबूत अंतरिक्ष सहयोग की बड़ी पक्षधर हैं.

सुनीता विलियम्स ने चांद पर जाने का मौका नई पीढ़ी को देने का फैसला क्यों लिया?

सुनीता विलियम्स अब 60 वर्ष की हो चुकी हैं. उन्होंने अपने लंबे करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं. अब वह चाहती हैं कि युवा पीढ़ी अंतरिक्ष विज्ञान में आगे आए. अंतरिक्ष क्षेत्र में आज के समय में असीमित संभावनाएं मौजूद हैं. युवाओं को विज्ञान और तकनीक में अधिक रुचि लेनी चाहिए. सुनीता का मानना है कि भारत और अमेरिका मिलकर अंतरिक्ष में बहुत कुछ कर सकते हैं. दोनों देशों का आपसी सहयोग भविष्य के जटिल मिशनों के लिए बहुत जरूरी है. वह नई पीढ़ी को चंद्रमा और मंगल की ओर बढ़ते हुए देखना चाहती हैं. उनके अनुसार युवाओं को अधिक खोज और भागीदारी पर ध्यान देना चाहिए.

अंतरिक्ष में 9 महीने तक फंसे रहने का अनुभव कैसा था?

सुनीता विलियम्स का पिछला मिशन काफी मुश्किल भरा साबित हुआ था. वह शुरुआत में केवल आठ दिनों के लिए अंतरिक्ष स्टेशन गई थीं. लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में आई तकनीकी खराबी ने सब कुछ बदल दिया. उन्हें वहां नौ महीने से ज्यादा समय तक रुकना पड़ा था. इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में विपरीत परिस्थितियों का डटकर सामना किया. पृथ्वी पर लौटने के बाद उन्होंने अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी. उन्हें फिर से सामान्य स्थिति में आने के लिए लंबे रूटीन से गुजरना पड़ा. उनका परिवार इस कठिन समय में उनकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा. वह हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण मिशनों के लिए जानी जाती रही हैं.

पिछले साल स्पेस स्टेशन पर महीनों तक फंसी रही थीं सुनीता विलियम्स. (File Photo : PTI)

सुनीता विलियम्स का सफर कैसा रहा और उनके नाम कौन से बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं?

सुनीता के पिता दीपक पंड्या मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे. सुनीता ने अपने करियर में कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए हैं. वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली दुनिया की पहली महिला यात्री बनी थीं. उनके नाम नौ बार स्पेस वॉक करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज है. उन्होंने 40 अलग-अलग विमानों में 4000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है. नासा ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान का एक बड़ा मार्गदर्शक माना है. उनकी उपलब्धियां आगामी आर्टेमिस मिशन के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेंगी. उन्होंने हमेशा ही अपनी भारतीय जड़ों का पूरी दुनिया में सम्मान बढ़ाया है. वह 27 दिसंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर नासा से रिटायर हुई थीं.

नासा ने सुनीता विलियम्स की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर क्या कहा?

नासा के प्रशासक ने सुनीता को मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक पथप्रदर्शक बताया है. उनके नेतृत्व ने कमर्शियल मिशनों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं. उनके द्वारा किए गए वैज्ञानिक कार्यों से भविष्य के मंगल मिशन में मदद मिलेगी. नासा ने उनकी सेवा और देश के प्रति समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया है. रिटायरमेंट के बाद भी वह युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित कर रही हैं. उनकी उपलब्धियां आने वाली कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी. सुनीता ने अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर करोड़ों भारतीयों का दिल जीता है. वह अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक अमिट हस्ताक्षर बन चुकी हैं.

About the Author

Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

January 22, 2026, 17:32 IST

homenation

सुनीता विलियम्स ने क्यों कहा कि वे अब चांद पर नहीं जाएंगी? क्यों हुईं रिटायर

Read Full Article at Source