Future of Jobs: क्या 2030 तक आपकी नौकरी बचेगी? मशीनों का होगा बोलबाला, ऑफिस से गायब हो जाएंगे लोग

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Last Updated:January 22, 2026, 15:09 IST

Future of Jobs Report 2030: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक अकाउंटेंट, ऑडिटर्स और एडमिनिस्ट्रेटिव नौकरियां खत्म हो सकती हैं. जानें एआई (AI) का आपके करियर पर क्या असर होगा और भविष्य के लिए कौन सी स्किल्स जरूरी हैं.

क्या 2030 तक नौकरी बचेगी? मशीनों का होगा बोलबाला, ऑफिस से गायब हो जाएंगे लोगJob Market Analysis: अगले 5 सालों में जॉब मार्केट में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे

नई दिल्ली (Future of Jobs Report 2030). दुनियाभर में ‘ग्रेट जॉब शेक-अप’ (नौकरियों का बड़ा फेरबदल) शुरू हो चुका है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की चौंकाने वाली रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2030 तक लाखों नौकरियां इतिहास का हिस्सा बन सकती हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की बढ़ती रफ्तार ने उन क्षेत्रों में खतरे की घंटी बजा दी है, जिन्हें अब तक सुरक्षित माना जाता था. डेटा प्रोसेसिंग, अकाउंटिंग और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े रोल्स टेक्नोलॉजी के हाथों में जाने के लिए तैयार हैं.

इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि काम खत्म हो जाएगा.. बस काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग समय रहते नई तकनीक और स्किल्स के साथ खुद को नहीं ढालेंगे, उनके लिए जॉब मार्केट में टिक पाना नामुमकिन होगा. यह संकट केवल कम स्किल्ड लेबर तक सीमित नहीं है, बल्कि चार्टर्ड अकाउंटेंट, ऑडिटर्स और डेटा एनालिस्ट जैसे उच्च शिक्षित प्रोफेशनल्स पर भी एआई का साया मंडरा रहा है. जानिए किन नौकरियों पर सबसे ज्यादा खतरा है और भविष्य के विजेता कौन होंगे.

अगले 5 साल में कौन सी नौकरियां खत्म हो जाएंगी?

दशकों से अकाउंटिंग और ऑडिटिंग को करियर के सबसे स्टेबल विकल्पों में गिना जाता रहा है. लेकिन WEF की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2030 तक ये नौकरियां गायब हो सकती हैं. कारण साफ है- सॉफ्टवेयर अब कठिन से कठिन बैलेंस शीट और टैक्स कैलकुलेशन को बिना किसी मानवीय गलती के सेकंडों में हल कर सकते हैं. एल्गोरिदम अब धोखाधड़ी का पता लगाने और फाइनेंशियल डेटा का एनालिसिस करने में इंसानों से कहीं अधिक कुशल हो गए हैं.

प्रशासनिक और डेटा एंट्री ऑपरेटर

मौजूदा दौर में ऑफिस में होने वाले रूटीन काम (जैसे डेटा एंट्री, रिकॉर्ड कीपिंग और एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट) की भूमिकाएं तेजी से ऑटोमेशन की तरफ बढ़ रही हैं. एआई टूल्स अब ईमेल शेड्यूल करने, मीटिंग्स की समरी बनाने और फाइल्स को व्यवस्थित करने का काम आसानी से कर रहे हैं. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट का अनुमान है कि क्लर्क और प्रशासनिक सचिवों की मांग में भारी गिरावट आएगी. अगले 5 सालों में ये भूमिकाएं खत्म हो सकती हैं.

मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में बदलाव

विभिन्न फैक्ट्रीज में रोबोट्स का बढ़ता दखल और गोदामों में ऑटोमेटेड सिस्टम ने शारीरिक श्रम वाली नौकरियों को खतरे में डाल दिया है. असेंबली लाइन वर्कर्स और वेयरहाउस ऑपरेटर्स की जगह अब स्मार्ट मशीनें ले रही हैं, जो 24 घंटे बिना थके काम कर सकती हैं. भविष्य में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी ड्राइवर्स और डिलीवरी पार्टनर्स की भूमिकाएं ‘सेल्फ-ड्राइविंग’ तकनीक के कारण बदल सकती हैं.

कौन बनेगा भविष्य का विजेता?

जहां एक तरफ पारंपरिक नौकरियां जा रही हैं, वहीं नई स्किल्स की डिमांड बढ़ रही है. रिपोर्ट के अनुसार, ‘क्रिटिकल थिंकिंग’, ‘एनालिटिकल थिंकिंग’ और ‘क्रिएटिविटी’ भविष्य के सबसे बड़े हथियार होंगे. एआई और मशीन लर्निंग एक्सपर्ट, सस्टेनेबिलिटी एक्सपर्ट्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन स्पेशलिस्ट की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी जाएगी. इसके अलावा, जिन कामों में मानवीय संवेदनाओं और सहानुभूति (Empathy) की जरूरत है (जैसे केयरगिविंग और मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल), वे नौकरियां सुरक्षित रहेंगी.

नोट- 2030 की जंग में वही टिकेगा, जो लगातार सीखता रहेगा. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने सरकारों और कंपनियों को सलाह दी है कि वे कर्मचारियों की ‘री-स्किलिंग’ पर इनवेस्टमेंट बढ़ाएं.

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Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें

First Published :

January 22, 2026, 15:09 IST

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क्या 2030 तक नौकरी बचेगी? मशीनों का होगा बोलबाला, ऑफिस से गायब हो जाएंगे लोग

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