Last Updated:February 04, 2026, 15:23 IST
IPS Story, who is ex ips officer K Annamalai: यह कहानी एक ऐसे शख्स की है जो तमिलनाडु के एक किसान परिवार में जन्मा. अपनी मेहनत के दम पर इंजीनियरिंग एमबीए की पढाई की. बाद में यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की और आईपीएस अधिकारी बने.कुछ दिन पुलिस की नौकरी करने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और बीजेपी ज्वाइन कर ली. अब उनको लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. आइए जानते हैं ये अधिकारी कौन हैं और उनकी पूरी कहानी क्या है?

IPS Story, who is ex ips officer K Annamalai: के. अन्नामलाई (K. Annamalai) तेज तर्रार पूर्व IPS अफसर से राजनीति में आए एक प्रमुख चेहरा हैं. वो कभी कर्नाटक पुलिस में’सिंघम’के नाम से मशहूर थे लेकिन 2019 में नौकरी छोड़कर 2020 में भाजपा में शामिल हो गए. मोदी की टीम में एंट्री ली और तमिलनाडु भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन अब उनके पिता की खराब सेहत के चलते वो छह विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव प्रभारी पद से हट गए हैं.जिसके बाद सियासी गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों में इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या अब उनका मन बदल रहा है या ये सिर्फ परिवार की वजह से है? आइए जानते हैं कैसे एक तेज तर्रार आईपीएस ऑफिसर ने राजनीति में एंट्री ली…
कौन हैं के. अन्नामलाई?
के. अन्नामलाई का पूरा नाम अन्नामलाई कुप्पुसामी है.उनका जन्म 4 जून 1984 को तमिलनाडु के करूर जिले में एक कृषक परिवार में हुआ. उन्होंने कोयंबटूर के PSG कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग बीटेक किया और फिर IIM लखनऊ से MBA किया. इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा (UPSC CSE)में सफलता हासिल की और इस तरह 2011 बैच के IPS अधिकारी बने.उन्हें कर्नाटक कैडर आवंटित किया गया.
कहां कहां रही पोस्टिंग
अन्नामलाई ने IPS में 2011 बैच में एंट्री ली. उनकी पहली पोस्टिंग ASP ट्रेनी के रूप में शिवमोगा में हुई. फिर उडुपी जिले में ASP कार्कला बने. इसके बाद वह SP उडुपी, SP चिकमगलुरु और SP रामनगरा रहे. वर्ष 2018 में अन्नामलाई बेंगलुरु साउथ के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस बने. वहां उन्होंने सख्ती और जनता के साथ जुड़ाव के लिए ‘सिंघम ऑफ उदुपी’ और ‘सिंघम ऑफ कर्नाटक’ का खिताब पाया. 2019 में उन्होंने IPS से इस्तीफा दे दिया क्योंकि वो लोगों के बीच काम करना चाहते थे.
कब और क्यों भाजपा में शामिल हुए?
अन्नामलाई ने 25 अगस्त 2020 को दिल्ली में भाजपा जॉइन की. आईपीएस से इस्तीफे के बाद उन्होंने अपनी गांव में ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू की और छात्रों की मदद के लिए फाउंडेशन चलाया. भाजपा में शामिल होने के कुछ महीनों में ही उन्हें बड़ा पद मिला.29 अगस्त 2020 को तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष बने. फिर 16 जुलाई 2021 को तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए. वो तमिलनाडु भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष थे.उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई.2024 लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर से भाजपा के उम्मीदवार बने, लेकिन चुनाव हार गए.
अब क्या हो रहा है? पिता की सेहत के चलते पद छोड़ा
3 फरवरी 2026 को अन्नामलाई ने मीडिया से कहा कि उन्होंने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि उन्हें छह विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी से हटा लिया जाए.उन्होंने इसके पीछे की वजह अपने पिता की बीमारी बताई उन्होंने कहा कि उनके पिता डायलिसिस पर हैं और उनकी देखभाल करना उनका पहला कर्तव्य है. वो इस समय यात्रा करने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी इसे स्वीकार कर लेगी.ये फैसला 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले आया है, जहां भाजपा 41 प्राथमिक सीटों पर फोकस कर रही है.अन्नामलाई को इनमें से कुछ सीटों का प्रभारी बनाया गया था. अब वो कोयंबटूर में पिता के साथ रहेंगे.कुल मिलाकर तेज तर्रार IPS से भाजपा के प्रमुख चेहरे बने अन्नामलाई अब परिवार को प्राथमिकता दे रहे हैं. ये फैसला उनकी राजनीतिक छवि पर असर डाल सकता है या नहीं, ये आने वाला समय बताएगा, लेकिन उनकी IPS से राजनीति तक की जर्नी हमेशा चर्चा में रहेगी.
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Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व ...और पढ़ें
First Published :
February 04, 2026, 15:23 IST

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