Last Updated:January 22, 2026, 17:21 IST
JEE Main 2026 Analysis: जेईई मेन 2026 की 22 जनवरी (शिफ्ट-1) का पेपर मीडियम बताया जा रहा है. एक्सपर्ट के अनुसार, केमिस्ट्री सबसे स्कोरिंग और NCERT आधारित रही, जबकि फिजिक्स का पेपर बैलेंस्ड था. गणित के लंबे कैलकुलेशन ने काफी समय लिया.
JEE Main Analysis: आज जेईई मेन पहली शिफ्ट का पेपर मॉडरेट बताया जा रहा हैनई दिल्ली (JEE Main 2026 Analysis). टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जेईई परीक्षा पास करना जरूरी है. 22 जनवरी 2026 की पहली शिफ्ट वाली जेईई मेन परीक्षा खत्म हो चुकी है. अरिहंत एकेडमी के को फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कपासी के अनुसार, सुबह की पाली का प्रश्नपत्र कठिनाई के स्तर पर ‘मध्यम’ रहा. पेपर बैलेंस्ड था, लेकिन टाइम मैनेजमेंट चैलेंजिंग था. जहां एक तरफ केमिस्ट्री के सवालों ने राहत दी, वहीं गणित के लंबे कैलकुलेशन ने एकाग्रता की परीक्षा ली.
ज्यादातर उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया के अनुसार, जेईई मेन 22 जनवरी 2026 शिफ्ट 1 परीक्षा में केमिस्ट्री सबसे स्कोरिंग विषय रहा. फिजिक्स का स्तर सामान्य से मध्यम के बीच रहा, जबकि गणित ने उलझाकर रखा. इस शिफ्ट में उन उम्मीदवारों को काफी फायदा मिला होगा, जिन्होंने एनसीईआरटी (NCERT) के आधार पर तैयारी की थी. साथ ही पिछले सालों के प्रश्नपत्रों से प्रैक्टिस भी की. एक्सपर्ट से जानिए, जेईई मेन 22 जनवरी 2026 शिफ्ट 1 का एनालिसिस.
जेईई मेन 2026 पेपर एनालिसिस
अरिहंत एकेडमी के को फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कपासी ने जेईई मेन 2026 पेपर को मॉडरेट बताया है यानी यह न ज्यादा कठिन था और न ही एकदम आसान.
फिजिक्स: फॉर्मूला बेस्ड पेपर
फिजिक्स का सेक्शन आसान से मध्यम स्तर का रहा. इसमें डायरेक्ट Formula-based प्रश्नों के साथ-साथ कुछ Conceptual सवालों का अच्छा कॉम्बिनेशन देखा गया. महत्वपूर्ण विषयों में रे ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, करंट इलेक्ट्रिसिटी, मैग्नेटिक फील्ड, मोमेंट ऑफ इनर्शिया और मॉडर्न फिजिक्स से सवाल पूछे गए. अनिल कपासी के अनुसार, कुछ सवाल ऐसे थे जो सिर्फ फॉर्मूला रटने से हल नहीं होने वाले थे, बल्कि उन्हें सॉल्व करने के लिए टॉपिक की गहरी समझ और उसे इस्तेमाल करने का सही तरीका पता होना जरूरी था.
केमिस्ट्री: स्कोरिंग और पूरी तरह NCERT पर आधारित
केमिस्ट्री इस बार उम्मीदवारों के लिए सबसे मददगार साबित हुई. प्रश्नपत्र पूरी तरह से एनसीईआरटी के कॉन्सेप्ट पर आधारित था, जिससे यह सबसे ज्यादा स्कोरिंग सेक्शन बन गया. इसमें मुख्य रूप से p-ब्लॉक तत्व, केमिकल रिएक्शंस, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री, फिजिकल केमिस्ट्री (सॉल्यूशन और थर्मोडायनामिक्स), कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री और केमिकल बॉन्डिंग से डायरेक्ट सवाल देखे गए. अच्छी तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए ज्यादातर प्रश्न सीधे और परिचित रहे होंगे.
मैथमेटिक्स: मध्यम लेकिन समय लेने वाला
गणित का पेपर स्तर में तो मध्यम था, लेकिन इसके सवालों की लंबाई ने स्टूडेंट्स के पसीने छुड़ा दिए. इसे सॉल्व करने के लिए मजबूत कैलकुलेशन स्किल्स और बेहतर टाइम मैनेजमेंट की जरूरत थी. कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री (हाइपरबोला और पैराबोला सहित), 3D ज्योमेट्री और वेक्टर्स, मैट्रिसेस, कैलकुलस, बीजगणित और प्रोबेबिलिटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों से सवाल पूछे गए. कई समस्याएं डायरेक्ट थीं, लेकिन उन्हें हल करने के लिए कई चरणों की गणना करनी पड़ी, जिससे समय की कमी महसूस हुई.
22 जनवरी 2026 की पहली पाली का पेपर संतुलित और अनुमानित था. केमिस्ट्री ने हाई स्कोर की संभावना दी, फिजिक्स ने स्डैंडर्ड कॉन्सेप्ट का टेस्ट लिया, जबकि गणित ने एक्यूरेसी की मांग की.
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First Published :
January 22, 2026, 17:21 IST

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