Last Updated:November 29, 2025, 08:10 IST
West Bengal SIR Live: चुनाव आयोग ने बिहार के बाद अब अन्य राज्यों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन यानी SIR शुरू किया है. इसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, जबकि विपक्षी दल इसे 'वोट चोरी' करार दे रहे हैं. SIR पर फिलहाल पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पारा गरम है.
West Bengal SIR Live: पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ओर से चलाए गए SIR कैंपेन पर बवाल मचा हुआ है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोर्चा खोल दिया है.West Bengal SIR Live: पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया है. बंगाल के सीमाई जिलों से कई ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिनमें अवैध बांग्लादेशियों को बॉर्डर के उस पार जाते हुए देखा जा सकता है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आरोप है कि इसके जरिये वोट काटने का काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने आयोग के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है. टीएमसी के प्रतिनिधियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस बाबत मुलाकात भी की है. ममता बनर्जी की पार्टी ने खुलेआम कहा कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं. दरअसल, टीएमसी का दावा है कि SIR शुरू होने के बाद से अभी तक 40 मौतें हुई हैं, जिनमें बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) भी शामिल हैं. दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने इस आरोप का जवाब देते हुए पश्चिम बंगाल के डीजीपी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है.
चुनाव आयोग (EC) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर टकराव तेज हो गया है. शुक्रवार को EC से मुलाकात के दौरान TMC ने आरोप लगाया कि SIR से जुड़ी अब तक 40 मौतें हुई हैं, जिनमें बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) भी शामिल हैं. पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. TMC नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने बताया कि डेलिगेशन ने EC से पांच अहम सवाल पूछे लेकिन एक भी जवाब नहीं मिला. टीएमसी सांसद का दावा है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने एक घंटे तक बात की. डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि पार्टी SIR का विरोध नहीं करती, बल्कि इसके अव्यवस्थित और निर्दयी तरीकों का विरोध कर रही है.
EC ने क्या दिया जवाब?
चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोपों पर जवाब देते हुए इन्हें बेसलेस और अनफाउंडेड बताया. CEC ने कहा कि SIR के दौरान BLOs पर पड़ रहा दबाव काम का नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं (खासकर TMC कार्यकर्ताओं) द्वारा डाला जा रहा दबाव और धमकियों का नतीजा है. चुनाव आयोग का दावा है कि टीएमसी कार्यकर्ता चाहते हैं कि मृत, ट्रांसफर या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम न हटाए जाएं. CEC ज्ञानेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR में BLOs का काम केवल एन्यूमरेशन फॉर्म (EF) बांटना और इकट्ठा करना है. जिन मतदाताओं तक BLO नहीं पहुंच पाते, वे फॉर्म पर हस्ताक्षर ले सकते हैं और बाद में ड्राफ्ट रोल आने पर ऐसे नामों की जांच होगी. उन्होंने यह भी दोहराया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत सिर्फ भारतीय नागरिक ही मतदान के पात्र हैं, विदेशी नहीं.
पुलिस को क्या निर्देश?
हाल ही में सुरक्षा उल्लंघन की घटना के बाद EC ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) का कार्यालय किसी अधिक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए. वर्तमान कार्यालय की सुरक्षा भी पुख्ता करने को कहा गया. TMC की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए EC ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को कहा स्लम इलाकों, ऊंची आवासीय इमारतों और कॉलोनियों में भी मतदान केंद्र बनाए जाएं जैसा कि देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जा रहा है. आयोग ने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है. चुनाव आयोग ने साफ संदेश दिया है कि मतदाता सूची का निर्माण कानूनों के अनुसार होगा और राजनीतिक दलों विशेषकर TMC को इनका पालन करना होगा. वहीं, TMC अपने आरोपों पर अड़ी हुई है, जिससे SIR प्रक्रिया को लेकर टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
Kolkata,West Bengal
First Published :
November 29, 2025, 08:09 IST

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