Last Updated:January 08, 2026, 13:58 IST
ED Raid LIVE: पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा आमने-सामने हैं. ऐसे में पॉलिटिकल कंसलटेंसी फर्म I-PAC के टॉप ऑफिशियल के ठिकानों पर छापे ने सियासी पारा गरमा दिया है.
ED ने प्रशांत किशोर की संस्था I-PAC के कोलकाता प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की है. सीएम ममता बनर्जी ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की हे. (फाइल फोटो/Reuters) ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने IPAC कोलकाता के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापा मारा है. प्रशांत किशोर की संस्था के अधिकारी के ठिकानों पर छापे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है. सीएम ममता बनर्जी ने छापे पर रिएक्शन देते हुए केंद्र पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रणनीति से जुड़ी कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक (I-PAC) के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की. यह कार्रवाई कोलकाता के साल्ट लेक स्थित आई-पैक के कार्यालय, लाउडन स्ट्रीट में प्रतीक जैन के आवास और बड़ा बाजार के पोस्टा इलाके में एक व्यापारी के दफ्तर पर एक साथ की गई.
सूत्रों के अनुसार, प्रतीक जैन अपने चार मंजिला आवास की चौथी मंजिल पर मौजूद थे, जहां ईडी की टीम ने उनसे पूछताछ की. छापेमारी के दौरान दोपहर करीब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई. ईडी की टीमें सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेज़ों की जांच और पूछताछ में जुटी रहीं. बताया जा रहा है कि यह छापेमारी कथित कोयला तस्करी मामले से जुड़ी जांच के सिलसिले में की जा रही है. पिछले कुछ वर्षों में इस मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय रही हैं और कई बड़े नामों से पूछताछ हो चुकी है. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी से भी ईडी और सीबीआई इस मामले में कई बार पूछताछ कर चुकी हैं.
प्रशांत किशोर ने की स्थापना
आई-पैक की स्थापना प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले की थी. साल 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद से यह पॉलिटिकल कंसलटेंसी फर्म तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम कर रही है, हालांकि प्रशांत किशोर अब पूर्णकालिक राजनीति में सक्रिय हैं. आई-पैक को 2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की बड़ी जीत और 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता है.
विधानसभा चुनाव से पहले छापे
यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं और भारतीय जनता पार्टी तृणमूल कांग्रेस की मुख्य चुनौती के रूप में सामने है. विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है, जबकि भाजपा का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं. अभिषेक बनर्जी पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि तमाम आरोपों और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार चौथी बार सत्ता में लौटेगी. ईडी की इस ताज़ा कार्रवाई ने चुनावी माहौल में सियासी तापमान और बढ़ा दिया है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
Kolkata,West Bengal
First Published :
January 08, 2026, 12:43 IST

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