Last Updated:February 15, 2026, 09:24 IST
Saketh Sreenivasaiah Found Dead: आईआईटी मद्रास से पढ़ाई और फिर अमेरिका में उज्ज्वल भविष्य का सपना- लेकिन कैलिफोर्निया से आई साकेत श्रीनिवासैया के लापता होने की खबर ने सबको झकझोर दिया है. आखिर कहां गया कर्नाटक का यह होनहार छात्र? विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

नई दिल्ली (Saketh Sreenivasaiah Found Dead). आईआईटी मद्रास जैसे टॉप इंजीनियरिंग संस्थान से डिग्री हासिल करना किसी के लिए भी गौरव की बात होगी. साकेत श्रीनिवासैया के लिए भी यह उनके सुनहरे भविष्य की पहली सीढ़ी थी. कर्नाटक के इस होनहार छात्र ने अपनी शैक्षणिक योग्यता को ग्लोबल स्तर पर साबित करने के लिए बड़े अरमानों के साथ कैलिफोर्निया का रुख किया था. लेकिन हाल ही में उनके लापता होने और अब मौत की खबर ने हर किसी को चौंका दिया है.
अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले (UC Berkeley) से लापता हुए कर्नाटक के मूल निवासी भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासाया को लेकर दिल तोड़ने वाली खबर सामने आई है. कई दिनों की गहन तलाश और सोशल मीडिया पर चलाई गई मुहिम के बाद पुष्टि हो गई है कि साकेत का निधन हो चुका है. स्थानीय अधिकारियों ने साकेत श्रीनिवासैया का शव बरामद किया है, जिसके बाद उनके परिवार और दोस्तों की बची-खुची उम्मीदें भी टूट गईं.
कौन थे साकेत श्रीनिवासैया?
आईआईटी मद्रास (IIT Madras) के पूर्व छात्र रहे साकेत श्रीनिवासैया होनहार युवा थे. वह बेहतर भविष्य के सपने लेकर विदेश गए थे. उनकी गुमशुदगी के बाद से ही भारतीय समुदाय और उनके परिजन लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे थे. इस दुखद घटना ने एक बार फिर विदेशी धरती पर भारतीय छात्रों की सुरक्षा और वहां मिलने वाले सपोर्ट सिस्टम पर गंभीर बहस छेड़ दी है. अमेरिकी पुलिस फिलहाल मौत के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है.
गुमशुदा भारतीय की तलाश का दुखद अंत
साकेत श्रीनिवासैया की गुमशुदगी की खबर ने पिछले कुछ दिनों से सुर्खियां बटोरी थीं. वे कैलिफोर्निया के बर्कले इलाके से अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश के लिए ‘मिसिंग’ नोटिस जारी किया था. साकेत के परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से भी मदद की गुहार लगाई थी. हालांकि, पुलिस को मिली ताजा सूचना के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर बरामद कर लिया गया है. मौत की परिस्थितियों और समय को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं.
एक मेधावी छात्र की अधूरी दास्तां
साकेत श्रीनिवासैया का शैक्षणिक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा था. उन्होंने भारत के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक, आईआईटी मद्रास से अपनी पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए उन्होंने अमेरिका की राह चुनी. बर्कले यूनिवर्सिटी में उनके प्रोफेसर और सहपाठी उन्हें अत्यंत बुद्धिमान और समर्पित शोधकर्ता के रूप में जानते थे. साकेत जैसे प्रतिभावान छात्र का इस तरह दुनिया से चले जाना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है.
बढ़ती चिंताएं और सुरक्षा के सवाल
हाल के महीनों में अमेरिका में भारतीय छात्रों की मृत्यु या उनके लापता होने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है. साकेत श्रीनिवासैया का मामला इस कड़ी में एक और दुखद अध्याय है. विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशों में छात्रों को पढ़ाई के भारी दबाव, अकेलेपन और कभी-कभी सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ता है. इस घटना के बाद बर्कले स्थित भारतीय छात्र संगठन ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा और उनकी काउंसलिंग व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की मांग की है.
भारतीय दूतावास और आगे की कार्रवाई
भारतीय दूतावास और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय महावाणिज्य दूतावास साकेत के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं. अधिकारी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं. इसके साथ ही साकेत के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक भारत भेजने की कानूनी प्रक्रियाओं पर भी काम शुरू कर दिया गया है. परिवार के लिए यह समय बहुत कठिन है और उनके करीबी लोग साकेत की यादें बांटकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
साकेत श्रीनिवासैया की मौत ने विदेशों में रह रहे भारतीय छात्रों को सतर्क रहने और एक मजबूत ‘कम्युनिटी बॉन्ड’ बनाने का संदेश दिया है.
About the Author
With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
February 14, 2026, 15:21 IST

1 hour ago
