Last Updated:January 07, 2026, 13:55 IST
Supreme Court Stray Dog Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कोई जानवर काटने के मूड में होता है, तो कोई भी उसके व्यवहार को नहीं समझ सकता. इसी दौरान कपिल सिब्बल ने जब कहा कि उन्हें आजतक एक भी कुत्ते ने नहीं काटा तो जज ने कहा कि आप भाग्यशाली हैं.
सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्ते के मामले की की सुनवाई कर रहा है. Supreme Court Stray Dog Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले की आज यानी बुधवार को सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से पीड़ितों और पशु प्रेमियों दोनों को सुनने की बात कही. जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने मामले की सुनवाई की. आवारा कुत्ते पर सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने एक ऐसी दलील दी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट के जज को भी कहना पड़ा कि आप भाग्यशाली हो. आवारा कुत्तों के पक्ष में सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने खूब दलीलें दीं. सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने कहा कि यह कोई प्रतिद्वंद्वी (adversarial) मामला नहीं है. हम यहां कुत्तों से प्रेम करने वालों के रूप में हैं.
कपिल सिब्बल ने मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में आगे कहा, ‘अगर कोई एक बाघ आदमखोर हो जाए तो हम सारे बाघों को नहीं मार सकते. हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नसबंदी हो और प्रदूषण कम हो. इसके लिए एक प्रक्रिया है, जिसे CSVR मॉडल कहा जाता है-कैप्चर (पकड़ना), स्टरलाइज़ (नसबंदी), वैक्सीनेट (टीकाकरण) और रिलीज़ (छोड़ना). यह मॉडल पूरी दुनिया में स्वीकार किया गया है.’
सिब्बल की दलील और जज का लकी वाला बयान
आवारा कुत्तों के पक्ष में कपिल सिब्बल ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इससे कुत्तों की आबादी लगभग शून्य तक आ गई है. अगर ऐसे कुत्ते, जिन्हें रेबीज है और जिन्हें नहीं है, एक ही शेल्टर में रखे जाएं तो सभी को रेबीज हो जाएगा. जब भी मैं मंदिरों इत्यादि में गया हूं, मुझे कभी किसी कुत्ते ने नहीं काटा. ‘ कपिल सिब्बल की यह बात सुनते ही सुप्रीम कोर्ट के जज ने टोका और कहा कि आप भाग्यशाली हैं. लोगों को काटा जा रहा है, बच्चों को काटा जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट में आवार कुत्तों के मामले में आज सुनवाई हुई.
चलिए जानते हैं आवारा कुत्तों पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर के उस आदेश को दोहराया, जिसमें स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए गए थे. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पकड़े गए कुत्तों को उसी स्थान पर दोबारा नहीं छोड़ा जाएगा. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कुत्तों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार का मुद्दा उठाया. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कुछ लोग कुत्तों के लिए और कुछ इंसानों के लिए पेश हो रहे हैं. एमिकस क्यूरी ने बताया कि पशु कल्याण बोर्ड ने राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा जानवर हटाने के लिए एसओपी जारी कर दी है. कोर्ट को बताया गया कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब और कर्नाटक ने अब तक अनुपालन हलफनामा दाखिल नहीं किया है.About the Author
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho...और पढ़ें
First Published :
January 07, 2026, 12:35 IST

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