Supreme Court on Bhojshala Row: पूजा के साथ नमाज भी...भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट में बनी बात, CJI सूर्यकांत ने कैसे निकाला बीच का रास्ता?

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Last Updated:January 22, 2026, 13:15 IST

Supreme Court on Bhojshala Saraswati Puja Namaz: सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला मस्जिद विवाद मामले को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर में एक साथ पूजा और नमाज के पक्ष में अपना फैसला सुनाया. सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती पूजा होगी और दोपहर एक बजे के तीन बजे तक में नमाज अदा होगी.

पूजा और नमाज भी...भोजशाला पर SC में बनी बात, CJI ने कैसे निकाला बीच का रास्ता?भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने निकाला बीच का रास्ता

Supreme Court on Bhojshala Saraswati Puja Namaz: मध्य प्रदेश के भोजशाला विवाद पर बात बन गई है. सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद पर फैसला सुना दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब भोजशाला में 23 जनवरी को पूजा के साथ-साथ नमाज भी होगी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला मस्जिद विवाद मामले को चुनौती देने वाली याचिका पर आज यानी गुरुवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद पर बीच का रास्ता निकाला. मतलब भोजशाला में पूजा भी होगी और नमाज भी. सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पूजा को सूर्योदय से सूर्यास्त तक की इजाज़त दी. जबकि जुमे की नमाज दोपहर 1 बजे से तीन बजे तक होगी.

सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने इस मामले पर फैसला सुनाया. हिंदू पक्ष की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको परंपरा के अनुसार पूजा करने की इजाज़त है, लेकिन जुम्मे की नमाज दोपहर 1-3 बजे तक ही होगी. दरअसल, भोजशाला मस्जिद परिसर में बसंत पंचमी पूजा के कारण सूर्योदय से सूर्यास्त तक नमाज न पढ़ने की मांग वाली अर्जी दायर की गई थी. इसी पर आज सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया. यह याचिका हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने दायर की थी.

किसने दायर की थी याचिका
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने नई अर्जी दाखिल कर 23 जनवरी को वसंत पंचमी को भोजशाला में सिर्फ हिंदुओं को सरस्वती देवी की पूजा करने की इजाजत दिए जाने और मुसलमानों को उस दिन वहां प्रवेश करने से रोकने की मांग की थी. इस पर मस्जिद कमेटी की तरफ से पेश वकील सलमान खुर्शीद ने याचिका का विरोध किया. सलमान खुर्शीद ने कहा कि इससे पहले भी तीन बार ऐसा हो चुका है. लिहाजा याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. हालांकि, सबकी दलीलें सुनने के बाद सीजेआई ने बीच का रास्ता निकाला और हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष को पूजा और नमाज की इजाजत दे दी.

सीनियर वकील खुर्शीद ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में जब सीनियर वकील सलमान खुर्शीद ने दलीलें दीं तो सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कल बसंत पंचमी है. इसके बाद हिंदू वकील विष्णु जैन ने कहा कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक के लिए मेरी मांग है. इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कल विशेष कार्यक्रम है बसंत पंचमी में. उन्होंने कहा कि कल यानी 23 जनवरी के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं प्रशासन की तरफ से? इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि पहले तीन बार ऐसा प्रबंध किया जा चुका है.

सुप्रीम कोर्ट में किसने क्या दलील दी
इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि 23 जनवरी को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज अदा कर ली जाए और सुबह 4 के बाद बसंत पंचमी का आयोजन हो. इस पर विष्णु जैन ने कहा कि नमाज 5 बजे के बाद अदा कर ली जाए. इस पर सीजेआई ने ख़ुर्शीद से पूछा. सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि ASI ने कहा है कि सर्वे जारी रहेगा और दो घंटे नमाज होगी और पूजा भी होगी…नमाज सिर्फ़ दोपहर में होती है. हम दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बाद जगह खाली कर देंगे.

सीजेआई सूर्यकांत ने प्रशासन को दिया आदेश
इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि मुहूर्त दोपहर 1 बजे तक है…पूजा दोपहर 1 बजे तक पूरी हो जाए और उसके बाद नमाज़ होगी. इसके बाद एडवोकेट विष्णु जैन कहा कि लेकिन मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक है. इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बेहतर होगा कि ऐसे इतंजाम हो कि दोनो समुदाय के लोग पूजा या नमाज कर सके. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासन ऐसे इंतज़ाम करे.

एमपी सरकार ने क्या जवाब दिया
इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार के लिए ASG के एम नटराजन ने कहा कि हमने परिसर मे ही एक जगह को चिन्हित किया है, जहां नमाज हो सके. मध्य प्रदेश सरकार के लिए नटराजन ने कहा कि दोनों के लिए अलग बंदोबस्त किया जा सकता है. इस पर सीजेआई ने कहा कि दोनों पक्षों से बात कर लें.

विष्णु शंकर जैन की दलील: कल वसंत पंचमी के दिन भोजशाला में पारंपरिक तरीके से जो पूजा पाठ होता रहा है ,वो भी होगा. लेकिन कल शुक्रवार का दिन है, मुस्लिम पक्ष के द्वारा नमाज भी कर सकते हैं, लेकिन कुछ वक्त के लिए ही मात्र टाइम दिया गया है. मुस्लिम पक्ष द्वारा जो वहां आना चाहते हैं उनके लिए पास भी बनवाने और उनके आने के लिए रास्ता दिया जाएगा.

सीजेआई की टिप्पणी: सीजेआई ने आदेश में दर्ज किया कि वकील खुर्शीद ने कहा कि मुस्लिम समुदाय से संबंधित जो लोग कल नमाज अदा करेंगे, उनकी अनुमानित संख्या आज ही जिला मजिस्ट्रेट को दे दी जाए ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम उन्हें पास जारी कर सकें. हम दोनों पक्षों से एक-दूसरे के प्रति आपसी सम्मान और विश्वास बनाए रखने की अपील करते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खास बातें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भोजशाला सरस्वती मंदिर परिसर में बसंत पंचमी की नमाज़ और शुक्रवार की नमाज़ दोनों अदा करने की अनुमति होगी. CJI ने साफ किया कि अदालत मामले की खूबियों पर कोई राय नहीं दे रही है बल्कि केवल 23 जनवरी के लिए व्यवस्थाओं पर विचार कर रही है. ASI की अनुमति के मुताबिक दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज़ अदा की जा सकती है. मुस्लिम समुदाय नमाज़ में शामिल होने वालों की संख्या बताएगा. इसके लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार वाला एक अलग क्षेत्र उपलब्ध कराया जा सकता है. इसी प्रकार हिंदू समुदाय के लिए बसंत पंचमी की नमाज़ के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार वाला एक निर्धारित स्थान होगा. जिला प्रशासन नमाज़ अदा करने वालों के लिए प्रवेश पास जारी करेगा और व्यवस्थाएं पहले की तरह ही की जाएंगी.

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Shankar Pandit

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First Published :

January 22, 2026, 12:36 IST

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