Last Updated:January 27, 2026, 15:16 IST
UGC New Rules, UGC Protest, UGC के नए नियम 2026: यूजीसी के नए नियमों को लेकर देश भर में हंगामा मचा हुआ है. देश के अलग अलग हिस्सों में यूजीसी के इन नियमों का विरोध हो रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इन नए नियमों में क्या कहा गया है? नए नियमों के तहत ST, SC और OBC के स्टूडेंटस कहां शिकायत कर सकेंगे और इसके बाद किस पर क्या कार्रवाई होगी?
यूजीसी के नए नियमों के तहत कैसे होगी शिकायत?UGC New Rules, UGC Protest, UGC के नए नियम 2026: यूजीसी 2026 में Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations लेकर आया है. ये नियम खास तौर पर जाति आधारित भेदभाव रोकने के लिए हैं, मुख्य रूप से SC, ST और OBC छात्रों-स्टाफ को सुरक्षा देने के लिए हैं.अब कॉलेजों में अगर जाति के नाम पर कोई भेदभाव होता है तो छात्र आसानी से आवाज उठा सकते हैं, लेकिन सवर्ण स्टूडेंटस इस नए नियम का खुलकर विरोध कर रहे हैं उन्हें डर है कि नए नियमों के बाद उनकी आवाज नहीं सुनी जाएगी और एक तरफा कार्रवाई होगी.अब आइए इन सबके बीच ये समझते हैं कि यूजीसी के इन नए नियमों के तहत एसटी एससी और ओबीसी के छात्र कैसे शिकायत कर सकेंगे?
शिकायत कैसे करें?
हर कॉलेज/यूनिवर्सिटी में ये सुविधाएं जरूरी हैं:
ऑनलाइन पोर्टल: कॉलेज की वेबसाइट पर Grievance या Equal Opportunity Centre (EOC)सेक्शन में जाकर घर बैठे शिकायत दर्ज करें.
24×7 इक्विटी हेल्पलाइन:कॉलेज का स्पेशल हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू रहेगा.कभी भी फोन करके बात कर सकते हैं.
ईमेल से: EOC को औपचारिक ईमेल भेज दें.ये लिखित रिकॉर्ड के तौर पर काम आएगा.
ऑफलाइन/लिखित: कॉलेज जाकर EOC में सीधे लिखित शिकायत जमा कर सकते हैं.
गोपनीयता का पूरा ख्याल
अगर नहीं चाहते कि किसी को पता चले कि शिकायत आपने की है तो गोपनीय (anonymous/secret) रखने का अनुरोध कर सकते हैं. कॉलेज को आपकी पहचान छुपानी होगी.
शिकायत के बाद क्या होता है?
– SC, ST और OBC छात्र या स्टॉफ की शिकायत मिलते ही EOC के अंदर इक्विटी कमेटी तुरंत सक्रिय हो जाती है.
– इस कमेटी में SC, ST, OBC, महिलाओं और दिव्यांगों का प्रतिनिधित्व जरूरी है ताकि फैसला निष्पक्ष हो.
– कमेटी जांच करती है और रिपोर्ट कॉलेज हेड यानी प्रिंसिपल/कुलपति को देती है.
– अगर मामला गंभीर है और कानून का उल्लंघन लगता है तो कॉलेज को तुरंत पुलिस में FIR दर्ज करानी पड़ सकती है.
फैसला पसंद न आए तो कहां करें अपील?
अगर कमेटी का फैसला ठीक न लगे तो 30 दिनों के अंदर ओम्बड्सपर्सन (Ombudsperson) के पास अपील किया जा सकता है.ये इंडिपेंडेंट अधिकारी दोबारा जांच करवाकर इंसाफ सुनिश्चित करेगा.
नियम तोड़ने वाले कॉलेज पर क्या सजा?
UGC ने सख्ती बरती है.अगर कोई कॉलेज इन नियमों को फॉलो नहीं करता तो-
– कॉलेज पर भारी जुर्माना लग सकता है.
– कॉलेज को मिलने वाला सरकारी ग्रांट रोका जा सकता है.
– डिग्री की मान्यता तक खत्म हो सकती है.
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Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व ...और पढ़ें
First Published :
January 27, 2026, 15:16 IST

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