UGC Protest 2026, UGC New Rules 2026: UGC के नए इक्विटी नियमों (Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026) के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. आज UGC ऑफिस के बाहर प्रोटेस्ट करने वाले छात्रों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने सीधे UGC चेयरमैन विनीत जोशी से मुलाकात की और अपनी शिकायतों का मेमोरेंडम सौंपा.
UGC ऑफिस पहुंचे प्रदर्शनकारी
यूजीसी को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे युवाओं में से चार लोग UGC ऑफिस के अंदर गए. उन्होंने अपना मेमोरेंडम सौंपा और अपनी मुख्य मांगें रखीं. ये मांगें मुख्य रूप से नए नियमों की परिभाषा, OBC को शामिल करने और झूठी शिकायतों पर सजा न होने से जुड़ी हैं.
चेयरमैन विनीत जोशी से मुलाकात हुई
मेमोरेंडम देने के बाद प्रदर्शनकारी वापस आए और बताया कि उन्हें UGC चेयरमैन विनीत जोशी से मिलने का मौका मिला.मुलाकात में उन्होंने अपनी चिंताएं रखीं और नियमों में बदलाव की मांग की.
चेयरमैन ने क्या जवाब दिया?
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों के मुताबिक चेयरमैन विनीत जोशी ने कहा कि 15 दिनों के अंदर UGC की तरफ से जवाब मिलेगा. ये नियम सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस के मुताबिक बनाए गए हैं. प्रदर्शनकारियों की सारी चिंताओं को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा.
प्रदर्शनकारियों का अगला प्लान क्या है?
प्रोटेस्टर्स ने साफ कहा कि अगर 15 दिनों में कोई ठोस जवाब या नियमों में बदलाव नहीं आया तो वो दोबारा UGC ऑफिस के बाहर धरना देंगे और विरोध तेज करेंगे.
UGC का नया रेगुलेशन क्या है?
UGC ने Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नाम से नए नियम जारी किए हैं. इनका मुख्य मकसद है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में किसी भी तरह का भेदभाव न हो. खासकर कमजोर वर्गों SC, ST, OBC, महिलाएं, विकलांग आदि के लिए सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना है.
ये नियम किस-किस पर लागू होते हैं?
– पूरे भारत की सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेज और UGC से मान्यता प्राप्त संस्थान.
– छात्र, टीचिंग स्टाफ और नॉन-टीचिंग स्टाफ सबको कवर करते हैं.
नियमों का मकसद क्या है?
किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति, लिंग, धर्म, पैदाइश के स्थान या विकलांगता जैसी पहचान की वजह से:
– सम्मान से वंचित न किया जाए.
– एक्सेस (एडमिशन, हॉस्टल, स्कॉलरशिप) से रोका न जाए.
– रोजमर्रा के कैंपस जीवन में बराबरी में बाधा न पड़े.
ये नियम एडमिशन, हॉस्टल अलॉटमेंट, क्लासरूम माहौल, परीक्षा, शिकायत प्रक्रिया हर चीज पर असर डालेंगे.
पुराने नियमों से क्या फर्क है?
ये 2026 के नए नियम पुराने UGC इक्विटी गाइडलाइंस की जगह ले रहे हैं. अब संस्थानों पर ज्यादा जिम्मेदारी डाली गई है.नए नियम के मुताबिक कंप्लायंस (पालन) सुनिश्चित करना होगा इसके अलावा नियमित रिपोर्टिंग करनी होगी.डॉक्यूमेंटेशन ठीक रखना होगा.ये नियम खासकर SC, ST, OBC जैसे ग्रुप्स को मजबूत सुरक्षा देने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा, OBC को शामिल करने और झूठी शिकायत पर सजा न होने जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों, टीचर्स और कई सोशल ग्रुप्स में काफी बहस और विवाद चल रहा है.अभी UGC की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन 15 दिनों का समय दिया गया है.

1 hour ago
