Last Updated:January 29, 2026, 10:09 IST
UGC Equity Regulations 2026 Controversy: यूजीसी 1953 से भारत की उच्च शिक्षा का आधार है. डॉ. शांति स्वरूप भटनागर से शुरू हुआ सफर अब विनीत जोशी तक पहुंच चुका है. 2026 के इक्विटी रेगुलेशन से लेकर नेट पेपर लीक तक, यूजीसी हमेशा विवादों और सुधारों के बीच घिरा रहा है. जानिए इसकी पूरी कुंडली.
UGC Equity Regulations 2026 Controversy: यूजीसी पहले भी कई बार विवादों में रह चुका हैनई दिल्ली (UGC Equity Regulations 2026 Controversy). विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) भारत में उच्च शिक्षा की रीढ़ है. लेकिन हाल के दिनों में यह इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर भारी विवादों के घेरे में है. यूजीसी के नए नियम में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिसका सामान्य वर्ग के छात्रों और कुछ राजनीतिक हलकों में विरोध हो रहा है. विरोधियों का मानना है कि ये नियम एकतरफा हैं और इनका दुरुपयोग हो सकता है.
मौजूदा विवाद ने एक बार फिर शिक्षा जगत में यूजीसी की भूमिका और उसकी स्वायत्तता (Autonomy) पर बहस छेड़ दी है. 1956 में संसद के अधिनियम के तहत स्थापित यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) केवल फंड बांटने का काम नहीं करती, बल्कि देश के विश्वविद्यालयों में शिक्षा के मानक भी तय करती है. जानिए यूजीसी का इतिहास, इसके कार्यों और उन 10 बड़े विवादों के बारे में, जिन्होंने समय-समय पर देश को झकझोर कर रख दिया.
UGC: स्थापना से लेकर मौजूदा विवादों तक का पूरा सफर
यूजीसी का मुख्य उद्देश्य भारतीय विश्वविद्यालयों के बीच कोऑर्डिनेशन स्थापित करना और शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखना है.
स्थापना और पहले चेयरमैन
यूजीसी की औपचारिक शुरुआत 28 दिसंबर 1953 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलम आजाद ने की थी, हालांकि, इसे 1956 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से वैधानिक दर्जा (Statutory Status) प्राप्त हुआ.
पहले चेयरमैन: प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. शांति स्वरूप भटनागर इसके पहले अध्यक्ष थे. मौजूदा चेयरमैन (2026): वर्तमान में आईएएस विनीत जोशी यूजीसी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं.यूजीसी का मुख्य काम क्या है?
यूजीसी के पास भारतीय उच्च शिक्षा को नियंत्रित करने की व्यापक शक्तियां हैं:
मानकों का निर्धारण: विश्वविद्यालयों में शिक्षण, परीक्षा और शोध का स्तर तय करना. अनुदान (Grants) देना: पात्र विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को सरकारी फंड बांटना. मान्यता: नए विश्वविद्यालयों को मान्यता देना और फर्जी संस्थानों की सूची जारी करना. सलाहकार: केंद्र और राज्य सरकारों को उच्च शिक्षा में सुधार के लिए सुझाव देना.यूजीसी से जुड़े 10 सबसे चर्चित विवाद
इक्विटी रेगुलेशन 2026: मौजूदा विवाद, जिसमें जाति-आधारित भेदभाव नियमों को लेकर सामान्य वर्ग बनाम आरक्षित वर्ग की बहस छिड़ी है. UGC NET 2024 पेपर लीक: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के साथ कोऑर्डिनेशन और पेपर लीक के बाद यूजीसी नेट परीक्षा रद्द होने पर देशभर में छात्रों का गुस्सा. FYUP (चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम): दिल्ली विश्वविद्यालय में चार साल के कोर्स को लागू करने और फिर वापस लेने का दबाव. फर्जी विश्वविद्यालयों की लिस्ट: हर साल ‘Fake University’ की लिस्ट जारी करना, जिसमें कई संस्थान कोर्ट चले जाते हैं. पीएचडी अनिवार्य नियम: असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पीएचडी की अनिवार्यता को बार-बार बदलने का विवाद. डीम्ड यूनिवर्सिटी विवाद: कई संस्थानों को ‘डीम्ड’ का दर्जा देने और फिर मानक पूरे न होने पर दर्जा छीनने की प्रक्रिया. HCI (भारतीय उच्च शिक्षा आयोग): सरकार द्वारा यूजीसी को खत्म कर एक नई संस्था (HECI) बनाने के प्रस्ताव का विरोध. CUET की शुरुआत: सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा यानी सीयूईटी लागू करने पर राज्यों का विरोध. हिंदी अनिवार्य विवाद: दक्षिण भारतीय राज्यों द्वारा यूजीसी पर हिंदी थोपने के आरोपों का विवाद. रोहित वेमुला केस: कैंपस में भेदभाव को लेकर यूजीसी की गाइडलाइंस और प्रशासनिक विफलता पर उठते सवाल.About the Author
With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
January 29, 2026, 10:07 IST

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