How Easy to Live in Dubai: दुबई को सपनों और अवसरों का शहर माना जाता है. कहते हैं कि एक बार जो दुबई पहुंच गया, समझ लो कि उसकी जिंदगी सेट हो गई. लेकिन क्या यह वास्तव में सच है. भारत से दुबई गए एक व्यक्ति यशामो ने शहर में बिताए दो साल के अनुभव साझा किए हैं. इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई एक रील में उन्होंने कहा कि यह दुबई के खिलाफ कोई प्रोपेगेंडा वीडियो नहीं है, लेकिन मैं आपको यहां शिफ्ट होने के फैसले से थोड़ा ‘डि-इन्फ्लुएंस’ करना चाहता हूं. उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है और लोग उसे साहसिक अभिव्यक्ति बताते हुए जमकर कमेंट कर रहे हैं.
'महीनों तक अप्लाई करने के बावजूद नहीं मिलती जॉब'
यशामो बताते हैं कि जब वे दुबई पहुंचे, तो उनके पास वही जानकारी थी. जो उन्हें इंटरनेट और सोशल मीडिया से मिली थी. यानी कि एक बार दुबई पहुंच गए तो बेहतर लाइफस्टाइल, एक्सपोजर और आगे बढ़ने के तमाम मौके अपने आप मिलने लग जाएंगे. हालांकि इनमें से एक हिस्सा सच है लेकिन इसका दूसरा पहलू कोई नहीं बताता.'
वे लिखते हैं, 'दुबई के जॉब मार्केट में नए लोगों को जॉब हासिल करने के लिए महीनों तक लगातार अप्लाई करना पड़ता है. 20 नौकरियों के लिए आवेदन करो और हर जगह से कोई जवाब न मिलता है. महीनों के संघर्ष के बाद कहीं जाकर उनकी बात बन पाती है.'
'लोगों को झेलना पड़ता है मानसिक दबाव'
यशामो के अनुसार, 'अगर कोई जॉब मिल भी गई तो वहां की महंगाई आपको मार देती है. रहने का किराया इतना ज्यादा है कि सैलरी को निगल जाता है. किराये के अलावा दूसरे खर्चे भी तेजी से बढ़ते हैं. गलती से अगर आपने किसी दिन गलत जगह कार पार्क कर दी तो हजारों रुपये का चालान सिर आ पड़ता है.'
वे कहते हैं कि वहां रहने वाले लोगों के लिए मानसिक दबाव भी कम नहीं होते. एक तबका इतना अमीर है कि वह एक डिनर में भी लाखों रुपये खर्च कर देता है. वहीं दूसरा तबका ऐसा होता है, जो दिन-रात काम करके कुछ पैसे बचाने की कोशिश करता है. ऐसे में उस तबके के लोग रोजाना मानसिक अवसाद की स्थिति से गुजरते हैं. कई बार दिन खत्म होने पर यह एहसास होता है कि इतनी मेहनत के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ.
'मन को खुश भी कर जाते हैं कुछ दिन'
यशामो अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि विकास की एक कीमत होती है. अगर कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर कुछ हासिल करना चाहते हैं तो फिर यह जोखिम लेना ठीक है. उन्होंने साथ ही यह कहा कि दुबई की जिंदगी केवल मुश्किलों से भरी नहीं है. कुछ दिन ऐसे भी होते हैं, जो मन को खुश कर जाते हैं. जैसे कि अच्छे ब्रंच का मज़ा, अलग-अलग संस्कृतियों के लोगों से मुलाकात और रात 2 बजे तक परिवार के साथ सुरक्षित टहलना.
उनके वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कोई उनके अनुभव को साहसिक कदम बता रहा है तो कोई उन्हें जानकारी की कमी बता रहा है. लेकिन इतना जरूर है कि लोग दुबई की कम जानी-पहचानी सच्चाइयों को सामने लाने के लिए उनकी तारीफ कर रहे हैं.

1 hour ago
