Last Updated:January 21, 2026, 13:42 IST
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अश्विनी वैष्णव ने आईएमएफ चीफ को एआई के मसले पर कड़ा जवाब दिया है.Ashwini Vaishnaw Counters IMF Chief Video: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की एक हाजिर जवाबी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है. उन्होंने मंच पर बैठीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा को यह जवाब दिया. वैष्णव का यह जवाब सुन जॉर्जिएवा चुप हो गईं मानो जैसे उनके मुंह में दही जम गई हो.
दरअसल, वैष्णव ने उस टिप्पणी का कड़ा विरोध किया जिसमें जॉर्जिएवा ने भारत को AI ताकत की दूसरी श्रेणी में रखा गया. मंत्री ने जोर देकर कहा कि वैश्विक बेंचमार्क के अनुसार भारत स्पष्ट रूप से पहली श्रेणी में है. भारत पूरी शिद्दत से AI क्षमताएं विकसित कर रहा है. वैष्णव ने IMF के मापदंड पर सवाल उठाया और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट का हवाला दिया. उन्होंने कहा- मुझे नहीं पता IMF का क्राइटेरिया क्या है, लेकिन स्टैनफोर्ड भारत को AI तैयारी में विश्व में तीसरा स्थान देता है. आपकी क्लासिफिकेशन सही नहीं लगती. वैष्णव जब यह बात बोल रहे थे तब मंच पर जॉर्जिएवा भी बैठी थीं.
भारत को पहले ग्रुप में रखने पर जोर
वैष्णव ने भारत को पहले ग्रुप में रखने पर जोर दिया. स्टैनफोर्ड की 2025 AI इंडेक्स और ग्लोबल AI वाइब्रेंसी टूल के अनुसार भारत AI वाइब्रेंसी में तीसरे स्थान पर है. इसका स्कोर 21.59 है. पहले नंबर पर अमेरिका का स्कोर 78.6 है और दूसरे नंबर पर मौजूद चीन का स्कोर 36.95 है. रिपोर्ट में भारत को AI टैलेंट एक्विजिशन में विश्व में नंबर 1 बताया गया है, जहां 2024 में हायरिंग ग्रोथ 33.4 फीसदी रही. लंबे समय (2015-2024) में AI स्किल पेनेट्रेशन में भारत दूसरे स्थान पर है.
Ashwini Vaishnaw pushes back after IMF chief calls India a second-tier AI power
“I don’t know what the IMF criteria is but Stanford places India at 3rd in the world for AI preparedness. I don’t think your classification is correct” pic.twitter.com/fEBWL4Ekms
वैष्णव ने कहा कि स्टैनफोर्ड भारत को AI पेनेट्रेशन, तैयारी और टैलेंट में तीसरा, जबकि टैलेंट में दूसरा स्थान देता है. मंत्री ने भारत की AI रणनीति को पांच लेयर्स में बांटा- एप्लीकेशन लेयर, मॉडल लेयर, चिप लेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर लेयर और एनर्जी लेयर. उन्होंने कहा कि हम सभी पांच लेयर्स पर काम कर रहे हैं और हर स्तर पर अच्छी प्रगति हो रही है.
विशेष रूप से एप्लीकेशन लेयर पर भारत विश्व को सबसे बड़ा सर्विस सप्लायर बन सकता है. वैष्णव ने जोर दिया कि ROI बड़े मॉडल बनाने से नहीं, बल्कि एंटरप्राइज के लिए AI एप्लीकेशंस डिलिवर करने से आता है. अधिकांश यूज-केस 20-50 बिलियन पैरामीटर्स वाले मॉडल से हल हो सकते हैं और भारत ऐसे कई मॉडल्स का बुके विकसित कर रहा है, जो विभिन्न सेक्टर्स में प्रोडक्टिविटी बढ़ा रहे हैं.
वैष्णव ने व्यावहारिक डिप्लॉयमेंट पर फोकस किया, जहां भारतीय कंपनियां बिजनेस ऑपरेशंस समझकर AI सॉल्यूशंस देती हैं. सरकार की भूमिका AI के डिफ्यूजन को अर्थव्यवस्था में फैलाने पर केंद्रित है. भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में इस प्रगति को जोड़ रहा है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
January 21, 2026, 13:42 IST

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