अब स्टूडेंट्स को नहीं जाना होगा UK, भारत में ही खुलेंगे ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज के कैंपस

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Last Updated:January 21, 2026, 11:35 IST

Education in UK, abroad Education: यूके की टॉप यूनिवर्सिटीज जैसे ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज, इंपीरियल कॉलेज या लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई का सपना देख रहे हैं? लेकिन विदेश जाने का खर्चा, वीजा की टेंशन, परिवार से दूर रहन ये सब मुश्किल लगता है? तो आपके लिए एक अच्‍छी खबर ये है कि यूके सरकार ने नई इंटरनेशनल एजुकेशन स्ट्रैटेजी लॉन्च की है जिसके तहत यूके की ये विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटीज भारत में ही कैंपस खोलने जा रही हैं मतलब आप दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर या किसी भी शहर में रहकर यूके की डिग्री ले सकेंगे. घर के पास, कम फीस में और बिना विदेश जाने की परेशानी के आप अपनी पढ़ाई कर सकेंगे.

स्टूडेंट्स को नहीं जाना होगा UK, भारत में खुलेंगे ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज के कैंपसeducation news, Aboard Education, UK govt plans: यूके यूनिवर्सिटी के कैंपस इंडिया में खुलेंगे.

Education in UK, Aboard Education: यूके सरकार का प्लान है कि 2030 तक एजुकेशन से होने वाली कमाई यानी एजुकेशन एक्सपोर्ट्स को £40 बिलियन प्रति साल तक पहुंचा दें. अभी ये £32 बिलियन है जो ऑटोमोटिव या फूड-ड्रिंक इंडस्ट्री से भी ज्यादा है. इस स्ट्रैटेजी में यूके की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों को विदेशों में एक्सपैंड करने का पूरा सपोर्ट मिलेगा ताकि दुनिया भर के स्टूडेंट्स को यूके की वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन अपने देश में ही मिल सके. ये सिर्फ कमाई का प्लान नहीं, बल्कि ग्लोबल पार्टनरशिप बढ़ाने और यूके की इकोनॉमी को मजबूत करने का तरीका है.यूके की एजुकेशन सेक्रेटरी ब्रिजेट फिलिपसन ने कहा है कि विदेशों में एक्सपैंड करने से हमारी यूनिवर्सिटीज की आय बढ़ेगी.ग्लोबल रिश्ते मजबूत होंगे और लाखों स्टूडेंट्स को यूके की बेहतरीन एजुकेशन अपने दरवाजे पर मिलेगी. साथ ही घरेलू ग्रोथ भी बढ़ेगी.

भारत टॉप 5 फोकस देशों में नंबर 1

यूके के इंटरनेशनल एजुकेशन चैंपियन प्रोफेसर सर स्टीव स्मिथ के लिए 5 मुख्य फोकस देश चुने गए हैं और इसमें भारत सबसे ऊपर है. इसके अलावा इंडोनेशिया,सऊदी अरब,वियतनाम,नाइजीरिया जैसे देश भी शामिल हैं.ब्रिटिश हाई कमीशन नई दिल्ली की ओर से ये कहा गया है कि भारत इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां स्टूडेंट्स की संख्या बहुत बड़ी है.अभी 4 करोड़ स्टूडेंट्स हैं और आने वाले सालों में 3 करोड़ नए स्टूडेंट प्लेसेज की जरूरत पड़ेगी. यूके इसमें मदद करने के लिए तैयार है.

भारत में यूके यूनिवर्सिटी कैंपस का प्लान

पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने विजन 2035 में एजुकेशन कोऑपरेशन को मजबूत करने पर सहमति जताई थी. अब 9 ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज भारत में कैंपस खोलने वाली हैं. इससे स्टूडेंट्स को यूके जैसी क्वालिटी की पढ़ाई घर के पास मिलेगी.इसके अलावा फीस भी कम लगेगी.- वीजा, ट्रैवल, हॉस्टल की कोई टेंशन नहीं रहेगी और स्‍टूडेंटस परिवार के साथ रहकर पढ़ाई कर सकेंगे.इस तरह भारतीय युवाओं को ग्लोबल डिग्री और स्किल्स मिलेंगी.मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स के एक अधिकारी ने एक मीडिया से बातचीत में कहा कि एजुकेशन कोऑपरेशन भारत-यूके द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण स्तंभ है. 2015-16 से यूके में भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है.अभी करीब 1.7 लाख भारतीय स्टूडेंट्स वहां पढ़ रहे हैं, लेकिन अब ट्रेंड भारत की तरफ आएगा.

स्टूडेंट्स के लिए क्या फायदे?

– घर बैठे यूके डिग्री नौकरी में वैल्यू वही रहेगी.
– कम खर्च में हाई-क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी.
– विदेश जाने की जरूरत नहीं, कल्चर शॉक या होमसिकनेस नहीं.
– भारत में रहकर भी ग्लोबल नेटवर्क और स्किल्स मिलेंगी.
– दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत होंगे जो आगे जॉब्स और रिसर्च में मदद करेगा.

ये खबर उन सभी स्टूडेंट्स के लिए गेम-चेंजर है जो यूके की पढ़ाई चाहते हैं लेकिन विदेश जाना मुश्किल लगता है. आने वाले 5-10 सालों में भारत में यूके के कई कैंपस खुलेंगे.

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Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्‍यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्‍सेस स्‍टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व ...और पढ़ें

First Published :

January 21, 2026, 11:35 IST

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