ऋतिक रोशन की फिल्म 'कोई मिल गया' का जादू तो आपको याद ही होगा. क्या वैसे एलियन असल जिंदगी में होते हैं? क्या वे धरती पर मौजूद हैं? क्या उनके बारे में हम कुछ भी जानते हैं? ऐसे कई सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब एरिया-51, एलियंस और यूएफओ (यानी दूसरी दुनिया के अंतरिक्ष यान) से संबंधित सीक्रेट जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दे दिया है. इससे लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है. दरअसल, बराक ओबामा ने एक पॉडकास्ट में एरिया 51 का जिक्र कर दिया था तो कई तरह का सस्पेंस पैदा हो गया. लोगों के मन में सवाल है कि एरिया-51 कहां है और वहां अमेरिका ने क्या छिपा रखा है?
अज्ञात उड़ने वाली चीजें या UFO ने कई दशकों से दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. अमेरिकी सरकार ने सुपरनैचुरल दिखने वाले विमानों संबंधित कई रिपोर्टों की जांच भी की है. कई बार बताया गया कि खुफिया प्लेन का टेस्ट था लेकिन अब ट्रंप कौन सी जानकारी पब्लिक करने जा रहे हैं? उन्होंने कहा है कि लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए मैंने वॉर सेक्रेट्री और दूसरे संबंधित डिपार्टमेंट्स को एलियन और एलियंस लाइफ, यूएफओ आदि से जुड़ी सरकारी फाइलों को रिलीज करने को कहा है.
एरिया 51 में क्या है?
असल में, एक कार्यक्रम में एलियंस को लेकर पूछे गए सवाल पर ओबामा ने कहा था कि वे असली हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है और उन्हें... एरिया 51 में नहीं रखा गया है. इससे एरिया 51 गूगल पर ज्यादा सर्च होने लगा. बहुत से लोग जानते होंगे कि नेवाडा, अमेरिका का एक प्रांत है. यहां के रेगिस्तान में अमेरिकी एयरफोर्स का एक बेस है जो काफी गुप्त रखा गया है. यहां कुछ सीक्रेट काम होते हैं और हाईटेक एयरक्राफ्ट की टेस्टिंग होती रही है. गूगल मैप पर एरिया-51 सर्च करने पर नीचे वाली तस्वीर दिखाई देती है. एक लेक के पास पहाड़ी क्षेत्र है जहां कुछ कंस्ट्रक्शन दिखाई देता है. गौर से देखिए.
1955 से काम कर रही इस फैसिलिटी में यू-2 और एसआर-71 ब्लैकबर्ड जैसे खुफिया प्लेन का टेस्ट किया गया है. इस बेस से जोड़कर कई तरह की एलियन टेक्नोलॉजी और यूएफओ थिअरी भी चर्चा में रहती है.
नेवाडा रेगिस्तान का एयरस्पेस बंद क्यों रखता है अमेरिका?
इंटरव्यू में ओबामा ने कह दिया कि कोई अंडरग्राउंड फैसिलिटी नहीं है. जब तक कि कोई बहुत बड़ी कॉन्सपिरेसी न हो और उन्होंने इसे अमेरिका के प्रेसिडेंट से छिपाया न हो. उधर, एरिया-51 पर कुछ समय पहले नेशनल ज्योग्राफिक पर रिलीज की गई डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया कि सीआईए के गुप्त दस्तावेजों के मुताबिक ये बेस नहीं बल्कि टेक्नोलॉजिकल लेबोरेट्री है. 1968 में कई खतरनाक प्लेन का यहां टेस्ट किया गया. यहां अमेरिकी फाइटर्स के पायलट को ट्रेनिंग दी गई कि कभी रूसी फाइटर से सामना हो तो डॉगफाइट में कैसे मात दी जाए. जल्द ही उस इलाके के एयरस्पेस को बंद भी कर दिया गया जिससे नेवाडा के रेगिस्तान में बनी अंडरग्राउंड फैसिलिटी में क्या चल रहा है किसी को पता न चले.
अनजाने में स्पेस से ली फोटो में क्या दिखा?
जिस राज को अमेरिका छिपा रहा था, एक स्पेसक्राफ्ट से वह राज खुलते-खुलते बचा. यह जरूर पता चल गया कि वहां कुछ तो हो रहा है. इस सीक्रेट प्लेस के बारे में अनजाने में एस्ट्रोनॉट्स की गलती से पता चल गया. 1974 में स्काईलैब्स के एस्ट्रोनॉट्स ने अनजाने में एरिया-51 के बेस का फोटो ले लिया. इसके बाद एरिया-51 चर्चा में आ गया. आगे यूएस एयरफोर्स ने इस इलाके को अपने कब्जे में ले लिया. अमेरिका ने यहीं पर अपने स्टील्थ प्लेन के डिजाइन का टेस्ट किया था. स्टील्थ का मतलब है कि उसे राडार नहीं पकड़ सकता है.
2024 में पेंटागन की सार्वजनिक की गई एक गुप्त रिपोर्ट में बताया गया था कि 1950 और 60 के दशक में कई एडवांस्ड खुफिया प्लेन देखे गए थे. इसका दूसरी दुनिया के कथित यूएफओ से कोई कनेक्शन नहीं है. हालांकि आज भी इस सीक्रेट बेस के बारे में कई तरह की अटकलें लगाई जाती हैं. नई फाइलों से शायद पता चले कि नेवाडा में क्या सच में कोई एलियन बेस है या कोई एलियन प्लेन यानी यूएफओ छिपा है?

2 hours ago
