'आपलोग बेवजह के सवाल पूछते हैं', सीएम कुर्सी की लड़ाई पर मांगा जवाब तो बिफर पड़े सिद्धारमैया

7 hours ago

Last Updated:January 11, 2026, 13:58 IST

Karnataka News: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि कांग्रेस सरकार में सब कुछ सामान्य है और मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी तरह का आंतरिक संघर्ष नहीं है, जबकि भाजपा पर उन्होंने मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया.

'आपलोग बेवजह के सवाल पूछते हैं', CM कुर्सी की लड़ाई पर बिफरे सिद्धरमैयासिद्धारमैया ने सीएम कुर्सी की लड़ाई पर सवाल पूछने से भड़क गए. (फाइल फोटो)

मंगलुरु (कर्नाटक). कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कांग्रेस पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कोई लड़ाई नहीं है. उन्होंने मीडिया से कहा कि ऐसी बातें बेवजह उठाई जा रही हैं और कांग्रेस सरकार पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है. सिद्धारमैया से भाजपा के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल पूछा गया था, जिसमें दावा किया गया था कि संक्रांति के बाद कांग्रेस में फिर से मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान शुरू होगी. इस पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘कोई लड़ाई नहीं है. आप लोग (मीडिया) ही इसे बनाते हैं. कहां है लड़ाई? बेवजह ऐसे सवाल पूछे जाते हैं.’

दरअसल, कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आधा समय 20 नवंबर को पूरा होने के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. इन अटकलों को 2023 में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच हुए कथित पावर शेयरिंग समझौते से भी हवा मिली थी. हालांकि, सिद्धारमैया लगातार इन कयासों को नकारते रहे हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कर्नाटक हेट स्पीच और हेट क्राइम्स (रोकथाम) विधेयक को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. भाजपा ने इस विधेयक के खिलाफ राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने और उनसे मंजूरी न देने की अपील करने का ऐलान किया है. इस पर सिद्धारमैया ने कहा कि यह विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है और राज्यपाल ने न तो इसे खारिज किया है, न लौटाया है और न ही अभी तक मंजूरी दी है. उन्‍होंने कहा कि जब भी राज्यपाल बुलाएंगे, मैं उनसे मिलकर विधेयक की पूरी जानकारी दूंगा.

बता दें कि यह विधेयक घृणास्पद अपराधों के लिए एक साल से लेकर सात साल तक की जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान करता है. दोबारा अपराध करने पर सजा सात साल तक और जुर्माना एक लाख रुपये तक हो सकता है. राजभवन ने हाल ही में कहा था कि यह विधेयक फिलहाल विचाराधीन है. मुख्यमंत्री ने बल्लारी में हालिया हिंसा को लेकर भाजपा की प्रस्तावित पदयात्रा पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘उन्हें करने दीजिए, किसने मना किया है.’ उन्होंने 2010 में कांग्रेस की बल्लारी पदयात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन ने पार्टी को मजबूती दी थी और 2013 के विधानसभा चुनाव में जीत की नींव रखी थी.

बल्लारी हिंसा को लेकर सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि बैनर हटाना ही उकसावे की वजह बना. उन्होंने कहा कि महार्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के अनावरण से जुड़े बैनर को हटाने की कोई जरूरत नहीं थी. मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं, खासकर जनार्दन रेड्डी और उनके सहयोगियों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे क्षेत्र में अपना जनाधार खो चुके हैं और इसी हताशा में ऐसे कदम उठा रहे हैं.

गौरतलब है कि 1 जनवरी की रात बल्लारी में बैनर विवाद के बाद कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई थी, जो हिंसक हो गई. इस घटना में कथित तौर पर एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई थी. कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि कांग्रेस सरकार में सब कुछ सामान्य है और मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी तरह का आंतरिक संघर्ष नहीं है, जबकि भाजपा पर उन्होंने मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

Location :

Bangalore,Bangalore,Karnataka

First Published :

January 11, 2026, 13:58 IST

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