Last Updated:February 09, 2026, 11:43 IST
Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स को मोबाइल और एआई की गुलामी से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को अपना मालिक न बनने दें, बल्कि उसे 'वैल्यू एडिशन' का जरिया बनाएं. जानिए एआई और करियर को लेकर पीएम मोदी के खास गुरु मंत्र.

नई दिल्ली (Pariksha Pe Charcha 2026). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ 2026 के दूसरे एपिसोड में आधुनिक युग की सबसे बड़ी चुनौती यानी ‘टेक्नोलॉजी और एआई’ पर छात्रों का मार्गदर्शन किया. इस संवाद के दौरान पीएम मोदी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि आज के दौर में मोबाइल और गैजेट्स धीरे-धीरे बच्चों के ‘मालिक’ बनते जा रहे हैं. उन्होंने चिंता जाहिर की कि कई छात्र अब मोबाइल के बिना खाना तक नहीं खा पाते और टीवी के बिना जी नहीं सकते, जो सीधे तौर पर टेक्नोलॉजी की गुलामी का संकेत है.
परीक्षा पे चर्चा 2026 में प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि व्यक्ति के मानसिक और व्यक्तिगत विस्तार को रोकने के लिए. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पैदा होने वाले डर और भविष्य के करियर पर इसके प्रभाव को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने छात्रों को ‘निर्णायक’ बनने की सलाह दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि हर युग में नई तकनीक (जैसे कभी कंप्यूटर) चर्चा और डर का विषय रही है, लेकिन मानव मस्तिष्क हमेशा सबसे ऊपर रहेगा.
एआई से डर लगता है, क्या करें?
कोयंबटूर के छात्र आदि विक्रम के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एआई के बढ़ते प्रभाव से घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने उदाहरण दिया कि अगर आप एआई का इस्तेमाल अच्छी किताबें खोजने या किसी विषय पर गाइडेंस हासिल करने के लिए करते हैं तो यह आपकी प्रगति में सहायक है. लेकिन अगर आप एआई से यह कहें कि ‘मैं नहीं पढूंगा, मुझे एआई ही बता दे कि किताब के अंदर क्या है’ तो यह आपकी बौद्धिक क्षमता को नुकसान पहुंचाएगा. तकनीक को अपनी बुद्धिमत्ता का विकल्प न बनने दें.
गंभीर मानसिक चिंता है मोबाइल की गुलामी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक जीवनशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि मोबाइल अब मात्र एक उपकरण नहीं रहा, बल्कि बच्चों का मालिक बन चुका है. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी पर ऐसी निर्भरता घातक है, जहां इंसान उसके बिना असहाय महसूस करने लगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टूडेंट्स को ‘डिजिटल उपवास’ और इच्छाशक्ति का महत्व समझाते हुए कहा कि मन में यह ठानना जरूरी है कि ‘मैं तकनीक का गुलाम नहीं हूं’. एक बार यह ठान लिया तो आप कभी तकनीक के गुलाम नहीं बनेंगे.
ग्रोथ के लिए करें एआई का इस्तेमाल
करियर के चुनाव पर सलाह देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में ‘नेचर ऑफ जॉब’ यानी काम करने के तरीके लगातार बदलते रहेंगे. स्टूडेंट्स को केवल तकनीक के भरोसे रहने के बजाय खुद का विस्तार करना होगा. उन्होंने समझाया कि नई तकनीक आने पर डरने के बजाय उसे समझें और अपने मौलिक कौशल (Original Skills) में तकनीक की ताकत जोड़ें. जब छात्र अपने काम में ‘वैल्यू एडिशन’ करेंगे तो बेस्ट से बेस्ट तकनीक भी उन्हें रिप्लेस करने के बजाय उनका लाभ बढ़ाएगी.
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि किसी भी तकनीक के दौर में अंतिम फैसला इंसान का ही होना चाहिए. पीएम मोदी ने क्रिएटिविटी को बचाने की सलाह भी दी.
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First Published :
February 09, 2026, 11:43 IST

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