ईरान पर हमले के लिए अमेरिका के पास हैं 5 ऑप्‍शंस, बरसा सकता है आग के गोले

2 hours ago

Iran America Tension: एक तरफ ईरान में भारी प्रदर्शन हो रहा है वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. दोनों देश एक दूसरे पर सख्त टिप्पणी कर रहे हैं, ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि वही गलती दोहराएं न, जबकि ट्रंप ईरान पर हमले की चेतावनी दे रहे हैं. ये वक्त ईरान के लिए किसी संकट से कम नहीं है, ऐसे में अगर ट्रंप हमले का ऑर्डर देते हैं तो अमेरिका इन तरीकों से ईरान पर हमला कर सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

2500 लोग मारे गए
इस्लामिक रिपब्लिक के रूलिंग एस्टैब्लिशमेंट के खिलाफ प्रोटेस्ट पूरे देश में फैल गए हैं, रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरानी अधिकारियों की बड़ी कार्रवाई के दौरान 2,500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. ट्रंप ने पब्लिकली प्रोटेस्ट करने वालों के सपोर्ट में दखल देने का आइडिया दिया है, जिससे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच टेंशन बढ़ गया है क्योंकि अशांति सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की पावर पर पकड़ को चैलेंज कर रही है.

कई जगह हैं बेस
ट्रंप के बयानों के बावजूद एनालिस्ट्स चेतावनी देते हैं कि US मिलिट्री स्ट्राइक उल्टा असर डाल सकती है. एक्सपर्ट्स का तर्क है कि बाहरी मिलिट्री प्रेशर से ईरान की लीडरशिप को नेशनलिस्ट सेंटिमेंट को इकट्ठा करने, प्रोटेस्ट मूवमेंट की लेजिटिमेसी को कमजोर करने और सरकार के आसपास घरेलू सपोर्ट को मजबूत करने का मौका मिल सकता है. यूनाइटेड स्टेट्स की मिडिल ईस्ट में काफी मिलिट्री मौजूदगी है, जिसके बेस और फैसिलिटी ओमान, कतर, बहरीन, कुवैत और इराक में हैं. 

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कतर में किया था हमला
यह बड़ी मौजूदगी इस रीजन में वॉशिंगटन के लंबे समय से चले आ रहे स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट को दिखाती है, लेकिन US फोर्स को बदले की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है. पिछले साल ईरान ने इस रीजन में एक US बेस को निशाना बनाया था, जिससे वॉशिंगटन को ऐसी ही एक फैसिलिटी में स्टाफ कम करना पड़ा था. उसी साल जून में तेहरान ने कतर में अल उदीद बेस पर हमला करके अपनी पहुंच फिर से दिखाई, इस हमले को ईरान ने ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर US के हमलों का बदला बताया था. उस घटना के बाद, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सीनियर एडवाइजर अली शमखानी ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि यह हमला ईरान की किसी भी हमले का जवाब देने की इच्छा और क्षमता दिखाता है.

इन तरीकों से कर सकता है हमला

अगर ट्रंप हमले की इजाजत देते हैं अमेरिका यूनाइटेड स्टेट्स पर कई तरीकों से हमला कर सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ईरान पर बेस से हवाई हमले कर सकता है. जिसमें मिडिल ईस्ट में तैनात B-52 बॉम्बर और फाइटर जेट को ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमला करने के लिए लगाया जा सकता है.  इसके अलावा दूसरा ऑप्शन नेवी-बेस्ड मिसाइल हमले हो सकते हैं. इसके जरिए क्रूज मिसाइलें फारस की खाड़ी में चल रहे एयरक्राफ्ट कैरियर, डिस्ट्रॉयर या सबमरीन से दागी जा सकती हैं, जो सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट कर सकती है.  वॉशिंगटन गुप्त स्पेशल फोर्स मिशन पर भी विचार कर सकता है. इनमें खास यूनिट शामिल होंगी जो जरूरी मिलिट्री या स्ट्रेटेजिक एसेट्स के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑपरेशन कर सकती है. जिससे बड़े पैमाने पर हमले से बचा जा सकेगा और ईरान की क्षमताएं भी कम हो सकती है.  US लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करके इंफ्रास्ट्रक्चर पर टारगेटेड हमले कर सकता है. ऐसे हमले मिसाइल प्रोडक्शन फैसिलिटी या न्यूक्लियर साइट्स पर फोकस हो सकते हैं, जिनमें से कुछ पर US ने कुछ महीने पहले हमला किया था, जिसका मकसद ईरान की मिलिट्री कैपेसिटी को और कमजोर करना था. ड्रोन वॉरफेयर भी शायद एक अहम भूमिका निभा सकता है. हथियारों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल बड़े टारगेट पर सटीक हमले करने के लिए किया जा सकता है, जिसमें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की जगहें या विरोध प्रदर्शनों को दबाने में शामिल यूनिट शामिल हैं.
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