Last Updated:February 18, 2026, 21:26 IST
पश्चिम चम्पारण ज़िले को टाइगर रिज़र्व और उसमें तेजी से बढ़ रहे बाघों के लिए जाना जाता है, उसी प्रकार अब राजगीर भी बहुत जल्द एशियाई शेरों के गढ़ के रूप में जाना जाएगा.जी हां, दरअसल राजगीर जू सफारी को देश के एक प्रमुख शेर प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है.

राजगीर जिस प्रकार बिहार के पश्चिम चम्पारण ज़िले को टाइगर रिज़र्व और उसमें तेजी से बढ़ रहे बाघों के लिए जाना जाता है, उसी प्रकार अब राजगीर भी बहुत जल्द एशियाई शेरों के गढ़ के रूप में जाना जाएगा.जी हां, दरअसल राजगीर जू सफारी को देश के एक प्रमुख शेर प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है.
इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से 7 वर्षीय मादा शेरनी ‘पार्वती’ को राजगीर लाया गया, साथ ही राजगीर में जन्मे 13 माह के दो स्वस्थ मादा शावकों को पटना जू भेजा गया है.यह कार्य केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की मंजूरी के बाद पूरा किया गया है.
दो शेर और सात शेरनियों का बसेरा है राजगीर
राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुंदर एम बताते हैं कि इस एक्सचेंज का मुख्य उद्देश्य आनुवंशिक विविधता (जेनेटिक डायवर्सिटी) को बढ़ाना और प्रजनन संतुलन कायम रखना है.एक ही ब्लडलाइन में प्रजनन से बचने और स्वस्थ शावकों के जन्म के लिए यह अनिवार्य है.आज से तीन वर्ष पहले राजगीर में कुल पांच शेर थें, जो सफल प्रजनन और शत प्रतिशत शावक उत्तरजीविता दर के कारण बढ़कर 10 हो गएं.गौर करने वाली बात यह है कि दो शावकों को पटना भेजने और 01 नई शेरनी को राजगीर लाने के बाद यहां शेरों की कुल संख्या 9 हो चली है.इनमें दो नर और 7 मादाए हैं.
जल्द होगा शेर प्रजनन केंद्र का विकास
बड़ी की बात यह है कि राजगीर जू सफारी को देश के चौथे शेर प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है.मिली जानकारी के अनुसार, यहां शेरों के लिए क़रीब 20.54 हेक्टेयर में फैला प्राकृतिक वनाच्छादित क्षेत्र आरक्षित है, जहां वे सहूलियत से विचरण और अपने प्राकृतिक व्यवहार को पूरा करते हैं.यही कारण है कि उनकी प्रजनन क्षमता बेहतर हुई है और उनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है.
क्वारंटाइन सेंटर में रखी गई पार्वती
बताते चलें कि पटना से आई पार्वती को फिलहाल राजगीर सफारी के अत्याधुनिक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है. यहां पशु चिकित्सकों की विशेष टीम अगले एक महीने तक उसके स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी करेगी.राजगीर के वातावरण में पूरी तरह ढल जाने और ‘मेडिकल फिटनेस’ मिलने के बाद ही उसे सफारी के मुख्य बाड़े में छोड़ा जाएगा.उम्मीद है कि नई शेरनी के आने से और प्रजनन केंद्र के विस्तार से राजगीर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
Location :
Bettiah,Pashchim Champaran,Bihar
First Published :
February 18, 2026, 21:26 IST

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