Last Updated:February 21, 2026, 14:00 IST
Karnataka News: कर्नाटक के तुमकुर में एक नए शादीशुदा दलित कपल को मंदिर में प्रवेश से रोकने और खुद को भगवान बताकर बाहर निकालने का मामला सामने आया है. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य लोगों की तलाश जारी है.

न्यूज18 कन्नड़
Karnataka News: देश में इस समय जातिवाद लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है. कहीं से मैं ठाकुर हूं का वीडियो वायरल हो रहा है है तो कहीं कोई किसी को जाति के नाम पर चिढ़ा रहा है. UGC के नए नियम ने इस मामले में और आग में घी डालने का काम किया. वहीं कर्नाटक में इससे दो कदम आगे की घटना घटी है. यहां भगवान के दरबार में भी जाति की दीवार खड़ी कर दी गई. एक नए शादीशुदा दलित कपल आशीर्वाद लेने मंदिर पहुंचा था. लेकिन वहां उन्हें पूजा करने से रोक दिया गया. इतना ही नहीं एक व्यक्ति ने खुद को भगवान बताकर उन्हें मंदिर से बाहर निकाल दिया. यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है.
मंदिर आस्था का स्थान होता है. जहां सभी बराबर माने जाते हैं. लेकिन तुमकुर के एक गांव में ठीक उल्टा हुआ. दलित कपल के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार किया गया. उन्हें कहा गया कि वे मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते. आसपास मौजूद लोगों ने विरोध करने के बजाय इस घटना पर हंसी उड़ाई. पूरी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया. सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसे छुआछूत की मानसिकता का जिंदा उदाहरण बताया है. पुलिस ने अब मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे दंपति के साथ हुआ अपमान
यह घटना तुमकुर जिले के तुरुवेकेरे तालुक के गोनी तुमकुर गांव स्थित अरसम्मा मंदिर की है. जानकारी के अनुसार नवविवाहित दलित कपल भगवान का आशीर्वाद लेने मंदिर पहुंचा था. जैसे ही वे अंदर गए वहां मौजूद नारायणप्पा नाम के व्यक्ति ने खुद को भगवान बताकर चिल्लाना शुरू कर दिया. उसने कहा कि दलित मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते और उन्हें बाहर जाने का आदेश दिया. आरोपी ने कथित तौर पर धार्मिक नाटक करते हुए दंपति का अपमान किया और मंदिर परिसर से बाहर निकाल दिया. घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया. वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग इस दौरान हंसते नजर आ रहे हैं. पीड़ित परिवार ने इसे अपमानजनक और अमानवीय बताया. इसके बाद पीड़ित पक्ष ने तुरुवेकेरे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और मुख्य आरोपी नारायणप्पा को गिरफ्तार कर लिया. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. मंदिर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ हो रही है. प्रशासन ने कहा है कि किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.दलित दंपति को मंदिर से बाहर क्यों निकाला गया?
आरोप है कि आरोपी ने जाति के आधार पर दंपति को मंदिर में प्रवेश से रोका. उसने खुद को भगवान का रूप बताकर धार्मिक माहौल बनाने की कोशिश की और कहा कि दलितों को अंदर आने की अनुमति नहीं है. यह व्यवहार छुआछूत और सामाजिक भेदभाव की श्रेणी में आता है.
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पीड़ित की शिकायत के बाद तुरुवेकेरे पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की. एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया. मुख्य आरोपी नारायणप्पा को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश जारी है.
इस घटना का सामाजिक असर क्या हो सकता है?
ऐसी घटनाएं समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव को उजागर करती हैं. इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है. साथ ही यह सवाल भी उठता है कि कानून और जागरूकता के बावजूद छुआछूत जैसी मानसिकता अभी खत्म क्यों नहीं हुई. विशेषज्ञ इसे सामाजिक शिक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई से ही खत्म करने की बात कहते हैं.
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा दबाव, प्रशासन सख्त
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया. स्थानीय संगठनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
February 21, 2026, 14:00 IST

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