नई दिल्ली. सूरज की पहली किरण भी आज दिल्ली की ठिठुरन को मात नहीं दे पा रही थी. जब राजधानी के लोगों ने सुबह अपनी खिड़कियां खोली तो पिछले एक सप्ताह की तर्ज पर भीषण ठंड से सामना हुआ. सफेद कोहरे की एक अभेद्य दीवार खड़ी नजर आई. ठंडी हवाएं किसी तेज धार वाले चाकू की तरह चेहरे को छूकर निकल रही हैं. कुछ-कुछ ऐसी ही स्थिति पंजाब, यूपी, हरियाणा, राजस्थान हिमाचल और उत्तराखंड की भी है. उत्तर भारत के लोग पिछले कई दिनों से एक ही सवाल पूछ रहे हैं, “ये भयंकर ठंड कब खत्म होगी?” दिल्ली में आज पारा 3 डिग्री के करीब पहुंच गया जिसने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ऐसा लग रहा है जैसे पूरा उत्तर भारत एक गहरी और ठंडी नींद में सो गया है.
दिल्ली में राहत की उम्मीद कब?
मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, दिल्ली वासियों को अभी कुछ और दिन इस कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, 15 जनवरी 2026 के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है. एक ताजा ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ के सक्रिय होने से हवाओं का रुख बदलेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की वृद्धि हो सकती है. फिलहाल दिल्ली में कोल्ड वेव (Cold Wave) का अलर्ट जारी है और रात का पारा 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
पंजाब, हरियाणा और यूपी का हाल
धुंध और ठंड के मामले में पंजाब और हरियाणा की स्थिति दिल्ली से भी ज्यादा गंभीर बनी हुई है.
· पंजाब और हरियाणा: यहां कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. भटिंडा और अमृतसर जैसे शहरों में पारा 1 डिग्री सेल्सियस के नीचे गिर चुका है. कोहरा इतना घना है कि विजिबिलिटी कई जगह शून्य तक पहुंच गई है.
· उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी से लेकर लखनऊ तक शीत लहर का प्रकोप है. घने कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें और फ्लाइट्स घंटों की देरी से चल रही हैं. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक यहां ‘घने से बहुत घने कोहरे’ की स्थिति बनी रहेगी.
क्यों पड़ रही है इतनी ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी के बाद वहां से आने वाली उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ा रही हैं. साथ ही, आसमान साफ होने के कारण ‘रेडिएशन कूलिंग’ हो रही है, जिससे रातें और अधिक सर्द हो गई हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 14 जनवरी 2026 को जारी मैप में उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रकोप का स्पष्ट नजर आता है.
· उत्तर भारत में भारी गिरावट: मानचित्र में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्सों को गहरे नीले और बैंगनी रंग (Purple) में दिखाया गया है. यह बताना है कि यहां तापमान सामान्य से -4.5 से -6.5 डिग्री सेल्सियस या उससे भी नीचे गिर गया है.
· भीषण शीत दिवस (Severe Cold Day): बैंगनी रंग वाले क्षेत्र ‘गंभीर शीतलहर’ की चपेट में हैं, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से बहुत कम दर्ज किया गया है.
· पहाड़ी क्षेत्रों का विरोधाभास: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में नारंगी और लाल रंग (Orange/Red) दिख रहा है. इसका अर्थ है कि ऊंचाई वाले इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 3.1 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है.
· देश का शेष हिस्सा: मध्य, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में हरा रंग (Green) है. यहां तापमान सामान्य स्थिति -1.5 से 1.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास है.
ठंड और कोहरे पर 5 महत्वपूर्ण सवाल
1. सवाल: दिल्ली में ठंड से राहत कब मिलने की संभावना है?
जवाब: मौसम विभाग के अनुसार, 15 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे सुधार होगा और कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है.
2. सवाल: पंजाब और हरियाणा में मौसम को लेकर क्या चेतावनी दी गई है?
जवाब: इन दोनों राज्यों में IMD ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसका मतलब है कि यहां अगले कुछ दिनों तक भीषण शीत लहर और बहुत घना कोहरा छाया रहेगा.
3. सवाल: घने कोहरे का ट्रेनों और फ्लाइट्स पर क्या असर पड़ा है?
जवाब: दिल्ली आने वाली करीब 20 से ज्यादा ट्रेनें 5 से 10 घंटे देरी से चल रही हैं और खराब विजिबिलिटी के कारण मस्कट और अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में भी दिक्कतें आई हैं.
4. सवाल: इस साल दिल्ली का न्यूनतम तापमान कितना दर्ज किया गया?
जवाब: 13-14 जनवरी 2026 के दौरान दिल्ली के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3.2°C तक गिर गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है.
5. सवाल: क्या आने वाले दिनों में बारिश के भी आसार हैं?
जवाब: जी हां, मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 से 21 जनवरी के बीच उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे कोहरे से तो राहत मिलेगी लेकिन नमी वाली ठंड बढ़ सकती है.

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