कानून के नाम पर खून? ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई ने फिर ली जान; कौन है कत्ल किया गया शख्स?

1 hour ago

Minneapolis Shooting: अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की राजधानी मिनियापोलिस में संघीय आव्रजन अधिकारियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. यह घटना ट्रंप प्रशासन के आक्रामक आव्रजन अभियान के दौरान राज्य में हुई दूसरी मौत है जिससे राज्य और केंद्र सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है.

 गवर्नर टिम वाल्ज ने घटना को बताया घिनौना

जानकारी के अनुसार, गवर्नर टिम वाल्ज ने इस घटना को घिनौना बताते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से राज्य में तैनात संघीय एजेंटों को तत्काल हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि हजारों हिंसक और अप्रशिक्षित संघीय अधिकारी मिनेसोटा की शांति और नागरिक अधिकारों के लिए खतरा हैं. वाल्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राज्य अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता और इस ऑपरेशन को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए.

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The suspect reportedly shot dead by federal agents today in Minneapolis drew a gun on them and defensive shots were fired, authorities say

Nonetheless, expect increased unrest in the Twin Cities starting immediately

Monitoring the situation . . .
pic.twitter.com/quELjjtAxA

— Border Hawk (@BorderHawkNews) January 24, 2026

कौन है हमले में मारा गया शख्स

इस बीच आपको बता दें कि मिनियापोलिस में फेडरल इमिग्रेशन एजेंटों द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए व्यक्ति की पहचान 37 वर्षीय एलेक्स जेफरी प्रेटी के रूप में हुई है. अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की. प्रेटी एक अमेरिकी नागरिक थे और दक्षिण मिनियापोलिस के निवासी थे. एसोसिएटेड प्रेस द्वारा प्राप्त अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार, गोलीबारी में घायल व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई. शुरुआत में उसकी उम्र 51 वर्ष बताई गई थी जिसे बाद में 37 वर्ष बताया गया. घटना शनिवार सुबह दक्षिण मिनियापोलिस में 26th स्ट्रीट और निकोलेट एवेन्यू के पास हुई.

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने कहा कि मारे गए व्यक्ति के पास 9 मिमी सेमी-ऑटोमैटिक हैंडगन और दो मैगजीन थीं. DHS ने घटनास्थल से बरामद हथियार की तस्वीर जारी करते हुए दावा किया कि एजेंटों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई. विभाग के अनुसार, यह एक लक्षित ऑपरेशन था.

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हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और चश्मदीदों के बयानों ने आधिकारिक दावों पर सवाल खड़े किए हैं. वीडियो फुटेज में संघीय एजेंटों को व्यक्ति को जमीन पर पटकते हुए उसके साथ संघर्ष करते हुए और फिर गोली चलाते हुए देखा गया है. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि गोली चलने से पहले व्यक्ति को काबू कर लिया गया था. घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें घर जाओ कहते हुए अपशब्द कहे. पुलिस द्वारा एक प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेने का वीडियो भी सामने आया है. 

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