Last Updated:January 25, 2026, 08:03 IST
Kerala BJP News: तिरुवनंतपुरम में बीजेपी शासित नगर निगम ने पीएम मोदी के दौरे से पहले लगे अवैध बैनरों पर अपनी ही पार्टी के जिला संगठन पर करीब 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया. नोटिस, एफआईआर और निगम की सख्ती ने 'भाजपा बनाम भाजपा' की बहस छेड़ दी है. हालांकि विपक्ष इस फैसले पर सवाल उठा रही है और इसे महज दिखावा बता रही है.
BJP शासित नगर निगम ने अपनी ही पार्टी पर लगाया 20 लाख का जुर्माना. (फाइल फोटो)तिरुवनंतपुरम: राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में केरल यात्रा पर थे. पीएम मोदी ने तिरुवनंतपुरम में एक रैली भी की थी. पीएम मोदी के इस दौरे को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तिरुवनंतपुरम यूनिट ने पीएम मोदी के दौरे से पहले शहर भर में फ्लेक्स, बैनर और झंडे लगाए. अब इसी फ्लेक्स, बैनर और झंडे को लेकर एक दिलचस्प खबर सामने आई है. दरअसल बीजेपी शासित नगर निगम ने इसे अवैध माना और अपनी ही पार्टी पर 20 लाख का जुर्माना ठोक दिया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार जुर्माना लगाने से पहले नगर निगम ने पार्टी को नोटिस दिया था. साथ ही अवैध पोस्टरों को हटाने का आदेश भी दिया था. लेकिन जब बैनर नहीं उतरे, तो कार्रवाई हुई. यही वजह है कि यह मामला सिर्फ जुर्माने का नहीं, बल्कि ‘भाजपा बनाम भाजपा’ की सियासी बहस बन गया. इस फैसले ने केरल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. विपक्ष इसे दिखावा बता रहा है. समर्थक इसे कानून का राज कह रहे हैं. निगम अधिकारियों का दावा है कि यह कार्रवाई राजनीति से परे है और हाईकोर्ट के आदेशों के तहत हुई है.
कैसे हुआ सब?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को तिरुवनंतपुरम पहुंचे थे. उनके दौरे से पहले शहर के कई सार्वजनिक स्थानों पर फ्लेक्स बोर्ड, बैनर और पार्टी झंडे लगाए गए. नगर निगम ने इन्हें अनधिकृत बताते हुए हटाने के निर्देश दिए. आरोप है कि बीजेपी जिला समिति ने निर्देशों की अनदेखी की. इसके बाद निगम ने 19.7 लाख रुपए का जुर्माना लगाया और औपचारिक नोटिस जारी किया.
अब निगाहें इस पर हैं कि बीजेपी जिला समिति जुर्माना भरती है या कानूनी रास्ता अपनाती है.
किस पर गिरी गाज?
नोटिस बीजेपी के तिरुवनंतपुरम जिला अध्यक्ष करमना जयन को दिया गया. निगम का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद बैनर नहीं हटाए गए. मामला यहीं नहीं रुका. कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज की गई जो निगम सचिव की शिकायत पर हुई.
निगम ने क्या कहा
निगम सचिव जहानगीर एस ने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्रवाई नहीं है. उनके मुताबिक हाईकोर्ट के आदेशों के तहत पहले भी अलग-अलग राजनीतिक दलों पर जुर्माना लगाया जा चुका है. नियम तोड़ने पर कार्रवाई तय है, चाहे पार्टी कोई भी हो.
क्या निकलते हैं सियासी मायने?
यह घटना बीजेपी के लिए असहज है. एक तरफ कानून पालन का संदेश जाता है. दूसरी तरफ संगठन की लापरवाही उजागर होती है. विपक्ष इसे ‘नाटक’ बता रहा है, तो कुछ लोग इसे प्रशासनिक ईमानदारी का उदाहरण मान रहे हैं.
पीएम दौरे से पहले बैनर लगे. निगम ने हटाने के निर्देश दिए. निर्देशों की अनदेखी हुई. 19.7 लाख का जुर्माना ठोका गया. जिला अध्यक्ष को नोटिस मिला. पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई. निगम ने कार्रवाई को गैर-राजनीतिक बताया गया.अब निगाहें इस पर हैं कि बीजेपी जिला समिति जुर्माना भरती है या कानूनी रास्ता अपनाती है. साथ ही यह सवाल भी कायम है कि क्या भविष्य में सत्ताधारी दल अपने ही नियमों का और सख्ती से पालन करेगा.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
January 25, 2026, 08:03 IST

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