Last Updated:January 25, 2026, 12:54 IST
Karnataka Lakkundi Treasure: कर्नाटक का लक्कुंडी कस्बा इन दिनों रहस्यों से भरा है. खुदाई में पहले खजाने की चर्चा हुई और अब सात सिर वाले सांप की मूर्ति मिलने से सनसनी फैल गई है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार जमीन के नीचे सोना छिपा है, जिसकी रखवाली नागदेव करते हैं. इतिहास, आस्था और रहस्य का यह संगम हर दिन लोगों को चौंका रहा है.
कर्नाटक के लक्कुंडी में खुदाई के दौरान खजाने की अफवाहें और सात सिर वाले सर्प की मूर्ति ने सनसनी मचा दी है. (फोटो NW18)न्यूज18 कन्नड़
Karnataka Lakkundi Treasure: कर्नाटक का छोटा-सा कस्बा लक्कुंडी इन दिनों पूरे देश में सुर्खियों में है. वजह है वहां हो रही खुदाई. खुदाई से पहले सोने के खजाने की अफवाहें फैल गई. इससे जुड़े कई रहस्य, मान्यताएं और अब सात सिर वाले सांप की मूर्ति का सामने आना. कभी मंदिर के सामने खुदाई, कभी जमीन के नीचे दबे घड़े, तो कभी नागों की रखवाली की कहानियां. हर दिन यहां कुछ ऐसा सामने आ रहा है जो लोगों को हैरान कर रहा है.
लक्कुंडी सिर्फ एक कस्बा नहीं बल्कि इतिहास, आस्था और रहस्य का संगम बन चुका है. यहां कदम रखते ही लगता है जैसे जमीन के नीचे कोई ऐसी कहानी दबी है, जो धीरे-धीरे बाहर आ रही है. स्थानीय लोग कहते हैं कि यह कोई साधारण खजाना नहीं है. यह जादुई खजाना है. हर किसी के लिए नहीं. इसे छूने की भी हर किसी को इजाजत नहीं. क्योंकि इसकी रखवाली खुद नागदेव कर रहे हैं. और अब जब सात सिर वाले सर्प की मूर्ति मिली है तो लोगों का भरोसा और भी गहरा हो गया है.
इस कस्बे में कुल 101 कुएं और 101 मंदिर बताए जाते हैं. (फोटो NW18)
खुदाई से शुरू हुआ रहस्य
लक्कुंडी के किले के पास मंदिर के सामने जब खुदाई शुरू हुई, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह काम पूरे इलाके को सुर्खियों में ला देगा. शुरुआत में जमीन के नीचे दबे पुराने अवशेष और खजाने की चर्चा हुई. इसी दौरान खुदाई वाली जगह पर एक कोबरा निकल आया. यहीं से खजाने और सांप के रिश्ते की कहानियां फैलने लगीं. लोगों ने कहना शुरू किया कि यह कोई इशारा है.
खजाना और नागों का कनेक्शन
स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक लक्कुंडी की जमीन के नीचे सोने, रत्नों और बहुमूल्य वस्तुओं का भंडार है. कहा जाता है कि पुराने राजा-महाराजाओं ने यहां सोने के घड़े गाड़ रखे थे. इस खजाने की सुरक्षा के लिए नागों का घेरा बनाया गया. जेड नाग और घटसर्प जैसे सांपों की चर्चा पीढ़ियों से होती आ रही है.
सात सिर वाले सर्प की मूर्ति से बढ़ी सनसनी
अब खुदाई के दौरान करीब छह से सात फीट ऊंची सात सिर वाले सर्प की पत्थर की मूर्ति मिली है. यह कोई नई मूर्ति नहीं मानी जा रही. स्थानीय लोग कहते हैं कि यह मूर्ति कई पीढ़ियों पुरानी है. इससे यह संकेत मिलता है कि सात सिर वाले नाग की मान्यता राजाओं के दौर से चली आ रही है. हालांकि, कई इतिहासकार इसे प्रतीकात्मक मानते हैं.
इतिहास क्या कहता है?
न्यूज़18 कन्नड़ से बातचीत में इतिहासकार हनुमाक्षी गोगी ने बताया कि लक्कुंडी 9वीं से 17वीं शताब्दी तक एक बेहद समृद्ध शहर था. यहां व्यापार, धर्म और मंदिरों का विशेष महत्व था. इस इलाके में मूर्तियां, कुएं और प्राचीन संरचनाएं इस बात का सबूत हैं कि यह क्षेत्र कभी धन-वैभव से भरा था. लक्कुंडी में सिर्फ एक नहीं बल्कि कई तरह के सर्प पत्थर मिले हैं. इनमें एक सिर, दो सिर और सात सिर वाले सर्प शामिल हैं. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि:
हर अमावस्या को यहां विशेष पूजा होती है. पूजा न करने पर नाग प्रकट होने की मान्यता है. दशकों से यह परंपरा बिना रुके निभाई जा रही है. 101 कुएं, 101 मंदिर और लक्ष्मी की मूर्ति.इस कस्बे में कुल 101 कुएं और 101 मंदिर बताए जाते हैं. एक पुराने कुएं में लक्ष्मी देवी की मूर्ति स्थापित है. लोगों का मानना है कि यह मूर्ति धन के संकेत देती है. यही वजह है कि खजाने की कहानियां और मजबूत हो जाती हैं.
पंपहाउस और दीवारों में छिपा इतिहास
यहां एक सैकड़ों साल पुराना पंपहाउस भी है. इसकी दीवारों पर कीर्तिमुख, गणेश और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां बनी हैं. जमीन के मालिक का कहना है कि मूर्तियां हटाना आसान नहीं. जरूरत पड़ी तो नई इमारत बनेगी, लेकिन मूर्तियों का सम्मान बना रहेगा.
सूखे हालात और विवादों के बावजूद खुदाई का काम जारी है. नौवें दिन भी प्राचीन वस्तुएं मिली हैं. हर दिन लोगों की उम्मीद बढ़ रही है. सवाल सिर्फ इतना है कि क्या सच में सोना मिलेगा या यह रहस्य हमेशा रहस्य ही रहेगा?
About the Author
सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
January 25, 2026, 12:54 IST

1 hour ago
