Trump Greenland misadventure: एक तरफ ट्रंप के फैसलों से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है तो दूसरी तरफ ट्रंप के तीखे तंज दुनिया के एक छोटे से हिस्से को लगातार डरा रहे हैं. दुनिया का ये हिस्सा है ग्रीनलैंड जिसे कब्जाने का ऐलान ट्रंप खुलेआम कर चुके हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक फोटो शेयर की है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी फोटो में ट्रंप को एक पेंग्निव के साथ दिखाया गया है और पेंग्विन के हाथ में अमेरिकी झंडा दिख रहा है. उस एक तस्वीर में एक कोने में ग्रीनलैंड का झंडा भी नजर आता है. अब हम आपको वो संदेश बताते हैं जो ट्रंप ने इस तस्वीर के जरिए दिया है.
तारीख पर तारीख नहीं धमकी पर झमकी!
बर्फ से ढकी धरती, ग्रीनलैंड का झंडा और अमेरिकी झंडा दिखाकर ट्रंप ने ये बताने की कोशिश की है कि अमेरिका अब ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए आ रहा है. यानी ट्रंप ने अपने तंज से ग्रीनलैंड को एक बार फिर धमकाने का प्रयास किया है.
ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर ट्रंप ने इस तस्वीर को पोस्ट करने के साथ ही साथ अपने पड़ोसी देश कनाडा को भी नसीहत दी है. ये नसीहत और ट्रंप के प्लान का पूरा ब्लूप्रिंट आपको दिखाएं, उससे पहले बता दें कि ट्रंप ने ग्रीनलैंड को मैसेज देने के लिए बर्फीली धरती के प्राणी पेंग्विन का इस्तेमाल तो किया लेकिन वो ये भूल गए कि ग्रीनलैंड में पेंग्विन नहीं होते हैं. जी हां मित्रों ग्रीनलैंड में एक भी पेंग्विन नहीं है.
दरअसल ग्रीनलैंड में पफिन नाम का एक छोटा पक्षी पाया जाता है. ये भी पेंग्विन की तरह काले और सफेद रंग का होता है. तो हो सकता है कि ट्रंप इस काले-सफेद रंग से कंफ्यूज हो गए हों और उन्होंने इस छोटे से पफिन को पेंग्विन का बच्चा समझकर अपने प्रोपेगेंडा में पेंग्विन की एंट्री करा दी हो.
कथित धमकी से भरी इस तस्वीर को देखकर ट्रंप के चुनावी भाषण का एक हिस्सा याद आ जाता है. राष्ट्रपति बनने से पहले एक चुनावी रैली में ट्रंप ने कहा था- I LOVE THE POORLY EDUCATED यानी मुझे वो लोग पसंद हैं जिनके पास ज्यादा ज्ञान नहीं होता है. ज्ञान को लेकर ट्रंप की स्थिति कैसी है ये आप ट्रंप द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर को देखकर समझ गए होंगे. प्रोपेगेंडा के बाद अब हम आपको ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के प्लान का अगला हिस्सा दिखाने जा रहे हैं . ग्रीनलैंड और उसके असली मालिक डेनमार्क को धमकाने के बाद ट्रंप के निशाने पर अमेरिका का पड़ोसी देश कनाडा आ गया है.
कनाडा पर भड़के
TRUTH SOCIAL पर ट्रंप ने लिखा- 'हम ग्रीनलैंड में गोल्डन डोम हवाई रक्षा प्रणाली को स्थापित करना चाहते हैं और कनाडा उसका विरोध कर रहा है. इस गोल्डन डोम से कनाडा की भी सुरक्षा की जाएगी लेकिन हमारा समर्थन करने की बजाय कनाडा ने चीन का दामन थाम लिया है. मैं बता देना चाहता हूं कि व्यापार के मोर्चे पर चीन एक साल के अंदर कनाडा को खा जाएगा.'
कनाडा के खत्म हो जाने जैसी बातें करके ट्रंप ने अपनी बौखलाहट जाहिर की है. ट्रंप के अंदर पैदा हुई इस बौखलाहट की दो वजह हैं. पहली-ग्रीनलैंड को कब्जाने के मुद्दे पर कनाडा की सरकार से विरोध. दूसरी वजह वो बयान जिसमें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बिना नाम लिए इशारा किया था कि दुनिया पर अमेरिकी दबदबा नहीं चलेगा.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने बैठकर कनाडा के पीएम ने NEW WORLD ORDER जैसे शब्द का प्रयोग किया था. कूटनीतिक भाषा में मार्क कार्नी ने ये बता दिया था कि नया वर्ल्ड ऑर्डर अमेरिका के सहारे नहीं चलेगा. बस यही बात ट्रंप के ईगो को ठेस पहुंचा गई है और ग्रीनलैंड के मुद्दे को बहाना बनाकर अब कनाडा से भी ट्रंप अदावत मोल लेने का मन बना चुके हैं.
सिर्फ ट्रंप और कनाडा के बीच ही अदावत नहीं चल रही है. यूरोप के दूसरे हिस्सों में भी तनाव बढ़ रहा है और इस तनाव का केंद्र बिंदु भी ट्रंप हैं. ग्रीनलैंड के मुद्दे पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप का विरोध किया है. इसी मुद्दे पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और मैक्रों के बीच ठन गई है. मेलोनी ने साफ कह दिया है कि मैक्रों की जर्मनी के साथ मिलकर ट्रंप के खिलाफ की जा रही मोर्चाबंदी यूरोप में अंतर्कलह जन्म ले सकती है.
दूसरी तरफ नाटो को लेकर ट्रंप ने जो आपत्तिजनक बयान दिया था उसे लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ट्रंप की आलोचना की है. दरअसल ट्रंप ने कहा था कि अफगानिस्तान में नाटो की फौज फ्रंटलाइन पर आकर नहीं लड़ी थी. इसके जवाब में स्टार्मर ने कहा है कि ट्रंप का बयान तथ्यों से परे है. अफगानिस्तान में सेवाएं दे चुके ब्रिटिश राजपरिवार के राजकुमार प्रिंस हैरी ने भी ट्रंप के बयान की निंदा की है. इन चीजों को एक साथ जोड़ेंगे तो समझ आएगा कि ट्रंप की वजह से सिर्फ उनके दुश्मन ही नहीं, उनके दोस्त भी तनाव ग्रस्त हो गए हैं.

1 hour ago
