घूसखोर सरकारी बाबू को मिली किए की सजा, हजार रुपए के चक्‍कर में जाना पड़ा जेल, कहां हुआ खेल

2 hours ago

Last Updated:January 29, 2026, 11:06 IST

कन्नूर में के.वी. शाजू और सी.वी. प्रदीप को रिश्वत लेने पर तलाश्शेरी अदालत ने 5-5 साल की सजा और 90-90 हजार जुर्माना सुनाया, वीएसीबी ने त्वरित कार्रवाई की. शिकायतकर्ता की हिम्मत और वीएसीबी की त्वरित कार्रवाई से न्याय मिला है. ऐसे मामलों में आम लोगों को आगे आकर शिकायत करने की जरूरत है ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके.

घूसखोर सरकारी बाबू को मिली किए की सजा, हजार रुपए के चक्‍कर में जाना पड़ा जेलसभी पर 0-90 हजार रुपए का लगाया जुर्माना.

कन्नूर. केरल के कन्नूर जिले में तलाश्शेरी सतर्कता अदालत ने रिश्वत लेने के एक मामले में दो सरकारी कर्मचारियों को सख्त सजा सुनाई है. अदालत ने कन्नूर-दो के पूर्व ग्राम अधिकारी और मौजूदा उप तहसीलदार के.वी. शाजू तथा पूर्व ग्राम सहायक सी.वी. प्रदीप को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा दी है. साथ ही दोनों पर 90-90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. न्यायाधीश के. रामकृष्णन ने बुधवार को यह फैसला सुनाया.

मामला कन्नूर के पल्लिककुन्नु निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से जुड़ा है. शिकायतकर्ता को अदालत के एक पुराने फैसले के बाद अपनी पारिवारिक संपत्ति का हिस्सा मिला था. संपत्ति का कर जमा करने के लिए उसने कन्नूर-दो ग्राम कार्यालय में आवेदन दिया. यहां पूर्व ग्राम अधिकारी शाजू ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की.जमीन की पैमाइश के दौरान शाजू ने शिकायतकर्ता से नौ हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले लिए थे. बाकी बचे एक हजार रुपये लेने के दौरान सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) की कन्नूर इकाई के अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

जांच में पता चला कि इस रिश्वतखोरी में ग्राम सहायक प्रदीप भी शामिल था.वीएसीबी ने मामले की पूरी जांच की और आरोपपत्र दाखिल किया. अदालत ने सबूतों के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया. यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ केरल में सतर्कता विभाग की सख्त कार्रवाई का एक उदाहरण है. अदालत ने साफ कहा कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर आम लोगों से रिश्वत लेना गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा जरूरी है. यह सजा न केवल दोषियों को दंडित करती है, बल्कि अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी चेतावनी है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शिकायतकर्ता की हिम्मत और वीएसीबी की त्वरित कार्रवाई से न्याय मिला है. ऐसे मामलों में आम लोगों को आगे आकर शिकायत करने की जरूरत है ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज...और पढ़ें

First Published :

January 29, 2026, 10:59 IST

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