Ajit Pawar Plane Crash News : महाराष्ट्र की राजनीति का एक चमकता सितारा आज हमेशा के लिए खामोश हो गया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (पवार) गुट के प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार का आज सुबह बारामती के पास एक भीषण चार्टर विमान हादसे में निधन हो गया. यह खबर जैसे ही फैली, समूचे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई. लेकिन इस दुखद घटना के बीच हर कोई यह जानना चाह रहा है कि जब यह खौफनाक हादसा हुआ, तब अजित पवार का परिवार कहां था और उन तक यह सूचना कैसे पहुंची? अजित पवार की पत्नी राज्यसभा सांसद हैं और वह संसद के सत्र में भाग लेने मंगलवार शाम को ही दिल्ली पहुंची थी. लेकिन उन्हें क्या पता कि होनी को कुछ और ही मंजूर था. जैसे ही विमान हादसे की खबर आई, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार तुरंत ही महाराष्ट्र के निकल गईं.
अजित पवार की मौत की खबर तब तक उनकी पत्नी से छुपाया गया, जब तक वह विमान में बैठ नहीं गईं. परिवार के सदस्यों ने यह रणनीति दोनों बेटों से पूछकर बनाई थी. क्योंकि, उन्हें डर था कि मां को इस खबर से सदमा लग सकता है. जानकारी के अनुसार, जिस वक्त अजित पवार का विमान बारामती के पास इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश में क्रैश हुआ, उस वक्त उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार दिल्ली स्थित अपने बंगले में मौजूद थीं. वे सुबह की रूटीन मुलाकातों की तैयारी कर रही थीं. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही हजारों किलोमीटर दूर उनके जीवन का सबसे बड़ा वज्रपात होने वाला है.
हादसे के वक्त कहां था परिवार?
वहीं, उनके बड़े बेटे पार्थ पवार उस समय मुंबई में थे. पार्थ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक के लिए मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित पार्टी दफ्तर पहुंचने ही वाले थे. छोटे बेटे जय पवार पुणे में अपने व्यवसाय से जुड़े काम देख रहे थे. जैसे ही विमान का संपर्क एटीसी से टूटा और क्रैश की खबरें सोशल मीडिया पर तैरने लगीं, पूरा परिवार स्तब्ध रह गया. सबसे पहले घटनास्थल पर छोटे बेटे जय पवार ही पहूंचे. उसके बाद वह अस्पताल गए. इस बीच शरद पवार के पोते और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार भी पहुंचे.
किसने दी सबसे पहले जानकारी?
अजित पवार के विमान क्रैश होने की आधिकारिक जानकारी सबसे पहले पुणे के जिला कलेक्टर और एसपी ग्रामीण ने सुनेत्रा पवार को फोन पर दी. सूत्रों के मुताबिक, फोन पर जैसे ही यह बताया गया कि विमान में आग लग गई है.’ सुनेत्रा पवार वहीं फर्श पर बैठ गईं और बदहवास हो गईं. उनकी मौत की खबर नहीं बताई गई. आवास पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और घरेलू सहायकों ने उन्हें संभाला.
Ajit Pawar death news
बेटे को सीएम ऑफिस से फोन आय़ा
मुंबई में पार्थ पवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से फोन कर इस अनहोनी की सूचना दी गई. बताया जा रहा है कि पार्थ तुरंत हेलीकॉप्टर से बारामती के लिए रवाना हुए, लेकिन उनके चेहरे पर छाया मातम सब कुछ बयां कर रहा था.
एक दिग्गज का सफर और ‘महायुति’ में खालीपन
अजित पवार केवल एक नेता नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के ‘पावर हाउस’ थे. शरद पवार के भतीजे के रूप में उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया, लेकिन अपनी मेहनत और कड़क मिजाज से उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई. 2019 में उनका अचानक बीजेपी के साथ मिलकर शपथ लेना हो, या फिर 2023 में एक बार फिर बगावत कर एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शामिल होना अजित दादा ने हमेशा चौंकाने वाले फैसले लिए.
महायुति का भविष्य क्या होगा?
उनके निधन से महायुति गठबंधन बीजेपी, शिवसेना-शिंदे और एनसीपी-अजित में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरना नामुमकिन है. बीजेपी के लिए वे एक ऐसे साथी थे जो मराठा वोटों को साधने और प्रशासनिक मशीनरी को रफ्तार देने में माहिर थे. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शोक जताते हुए कहा, ‘मैंने अपना एक छोटा भाई और राज्य ने एक दूरदर्शी नेतृत्व खो दिया है’
अजित पवार के शव की पहचान घड़ी से हुई.
विपक्ष में भी शोक की लहर
भले ही राजनीतिक रास्ते अलग थे, लेकिन अजित पवार के व्यक्तिगत संबंध सभी दलों में थे. शरद पवार के लिए यह एक बहुत बड़ा निजी आघात है. सुप्रिया सुले, जो हमेशा अजित पवार को अपना संरक्षक भाई मानती थीं, खबर सुनते ही बारामती के लिए रवाना हो गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर अजित पवार के योगदान को याद किया और इसे महाराष्ट्र के विकास के लिए एक बड़ी क्षति बताया.
अब आगे क्या होगा?
अजित पवार की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल एनसीपी (अजित गुट) के भविष्य पर है. क्या पार्टी वापस शरद पवार के पास जाएगी या सुनेत्रा और पार्थ पवार कमान संभालेंगे? फिलहाल पूरा महाराष्ट्र अपने ‘दादा’ को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है. बारामती में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं. इस प्लेन में अजित पवार समेत पांच लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई. इस खबर से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है. प्रधानमंत्री से लेकर विपक्षी नेता तक सभी ने शोक जताया है. अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े खिलाड़ी थे. वे शरद पवार के भतीजे थे और एनसीपी में लंबे समय तक सक्रिय रहे. 2019 में उन्होंने एनसीपी से बगावत की और बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन में शामिल होकर डिप्टी सीएम बने.

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