जब फ्यूल स्विच के चलते क्रैश हुई थी AI-171, फिर उसी खराबी के साथ क्‍यों उड़ी AI-132, DGCA ने बताई पूरी बात

1 hour ago

Last Updated:February 04, 2026, 07:29 IST

AI-132 Fuel Control Switch Malfunction: आपको यह पता चले कि जिस फ्यूल कंट्रोल स्विच में टेक्निकल मैलफंक्शन की वजह से अहमदाबाद में AI-171 क्रैश हुई थी, आपकी फ्लाइट में भी कुछ वैसे ही गड़बड़ी है तो आपकी हालत क्‍या होगी. लंदन से बेंगलुरु आने वाली फ्लाइट में भी कुछ ऐसा ही हुआ. ऐसा क्‍यों हुआ, इस पर डीजीसीए ने अपनी तरफ से सफाई दी है.

फ्यूल स्विच के चलते क्रैश हुई AI-171, फिर उसी खराबी के साथ क्‍यों उड़ी AI-132?Zoom

AI-132 Fuel Control Switch Malfunction: फ्यूल कंट्रोल स्विच डिस्‍इंगेज होने की वजह से सात महीने पहले अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 क्रैश हो गई थी. एक फरवरी को फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी कुछ ऐसी ही खराबी लंदन से बेंगलुरु आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-132 में दिखी. बावजूद इसके यह फ्लाइट लंदन से बेंगलुरु के लिए टेकऑफ हुई.

गनीमत रही कि रास्‍ते में सबकुछ ठीक रहा और यह फ्लाइट सुरक्षित बेंगलुरु में लैंड हो गई. लेकिन, इस घटना ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए, जिसने पैसेंजर्स के दिलोदिमाग में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इन सवालों पर सफाई लेकर खुद डायरेक्‍टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) सामने आया है.

दरअसल, यह मामला 1 फरवरी 2026 को लंदन से बेंगलुरु के लिए रवाना हुई फ्लाइट एआई-132 से जुड़ा है. एयर इंडिया ने फ्लाइट के लिए बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर एयरक्राफ्ट तैनात किया था, जिसका रजिस्‍टेशन नंबर एयरक्राफ्ट VT-ANX है. टेकऑफ होने से पहले क्रू ने इस प्‍लेन के फ्यूल कट ऑफ स्विच में तकनीकी खराबी की बात पकड़ी थी.

डीजीसीए ने एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-132 को लेकर कहीं ये बातें…

लंदन में इंजन स्टार्ट के दौरान क्रू ने दो बार देखा कि फ्यूल कंट्रोल स्विच हल्के वर्टिकल प्रेशर पर ‘रन’ पोजिशन में पूरी तरह लॉक नहीं लग रहा था. तीसरी बार कोशिश करने पर स्विच सही तरीके से ‘रन’ में लैच हो गया और स्टेबल रहा. आगे के प्रॉसेस से पहले क्रू ने फिजिकल वेरिफिकेशन करके कंफर्म किया कि स्विच पूरी तरह ‘रन’ पोजिशन में है. पूरी फ्लाइट के दौरान कोई एबनॉर्मल इंजन पैरामीटर, कॉशन, वार्निंग या सिस्टम मैसेज नहीं आया. एयरक्राफ्ट की परफॉर्मेंस पूरी तरह नॉर्मल रही. क्रू को इस ऑब्जर्वेशन के बारे में ब्रीफ किया गया, स्विच से अनावश्यक कांटैक्ट अवॉइड करने को कहा गया और पूरे सफर में इंजन इंडिकेशंस को क्लोजली मॉनिटर किया गया. यह फ्लाइट अपने निर्धारित समय से 33 मिनट पहले दोपहर 11:47 बजे बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सेफली लैंड हो गई. लैंडिंग के बाद क्रू ने इस बारे में पीडीआर (पायलट डिफेक्ट रिपोर्ट) में दर्ज किया. एयर इंडिया ने मामला बोइंग को रेफर किया है. बोइंग की रिकमेंडेड चेक्स के आधार पर एयर इंडिया इंजीनियरिंग टीम ने इंस्पेक्शन किया.

ये रहे आपके दिगाम में चल रहे सवालों के जवाब

जांच में फ्यूल स्विच को लेकर असल में क्या पाया गया?
डीजीसीए के अनुसार, जांच में यह साफ हुआ कि लेफ्ट और राइट दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच टेक्निकली सैटिस्फैक्ट्री हालत में थे. लॉकिंग टूथ-पॉल सही तरीके से सीटेड था और स्विच अपने-आप ‘रन’ से ‘कट ऑफ’ पोजिशन में स्लिप नहीं कर रहा था. जब बेस प्लेट के पैरेलल सही दिशा में फोर्स लगाया गया, तब स्विच पूरी तरह सिक्योर रहा. यानी सिस्टम में कोई मैकेनिकल फेल्योर नहीं मिला.

फिर स्विच के मूव होने की बात क्यों सामने आई?
डीजीसीए के अनुसार, जांच में एक अहम ऑब्जर्वेशन यह रहा कि अगर स्विच को सही दिशा की बजाय गलत एंगल या गलत डायरेक्शन से दबाया जाए, तो उसकी एंगुलर बेस प्लेट डिजाइन की वजह से वह ‘रन’ से ‘कट ऑफ’ की तरफ आसानी से मूव कर सकता है. यानी यह खराबी नहीं, बल्कि डिजाइन बिहेवियर है. स्विच का मूवमेंट यूजर के प्रेशर एंगल पर डिपेंड करता है, न कि किसी टेक्निकल फॉल्ट पर.

बोइंग की गाइडेंस में कौन-कौन से टेस्ट किए गए हैं?
बोइंग की गाइडलाइन के मुताबिक पुल-टू-अनलॉक फोर्स चेक की गई. यह टेस्ट उसी एयरक्राफ्ट के स्विच, इंस्टॉल होने वाले फ्यूल कंट्रोल यूनिट और दूसरे एयरक्राफ्ट के स्विच पर भी किया गया. तीनों केस में फोर्स लिमिट्स के अंदर मिली, यानी स्विच अनलॉक होने के लिए जितनी ताकत चाहिए, वह स्टैंडर्ड सीमा में थी. यह पूरा इंस्पेक्शन डीजीसीए ऑफिसर्स की मौजूदगी में हुआ.

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल है, उसके बारे में क्या कहा गया?
जांच टीम ने वायरल वीडियो का भी एनालिसिस किया. इसमें पाया गया कि वीडियो में स्विच ऑपरेट करने का तरीका बोइंग रिकमेंडेड प्रोसीजर के अनुसार नहीं था. यानी जो डिमॉन्स्ट्रेशन दिखाया गया, वह सही ऑपरेटिंग टेक्नीक नहीं थी. इसी वजह से स्विच का मूवमेंट अलग दिखा और लोगों में कंफ्यूजन पैदा हुआ कि शायद कोई खराबी है.

बोइंग की तरफ से एयरलाइन को आगे क्या सलाह दी गई है?
एयरलाइन को कहा गया है कि बोइंग द्वारा बताए गए सही ऑपरेटिंग प्रोसीजर को सभी क्रू मेंबर्स तक सर्कुलेट किया जाए. इससे यह सुनिश्चित होगा कि स्विच को सही एंगल और सही मेथड से हैंडल किया जाए. सही ट्रेनिंग और स्टैंडर्ड प्रोसीजर फॉलो करने से भविष्य में ऐसी मिसअंडरस्टैंडिंग या गलत धारणा बनने की संभावना कम हो जाएगी.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to ...और पढ़ें

First Published :

February 04, 2026, 07:29 IST

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