Last Updated:January 13, 2026, 10:37 IST
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के IDCPC प्रतिनिधिमंडल ने सुन हैयान के नेतृत्व में बीजेपी मुख्यालय का दौरा किया. इस दौरान भाजपा मुख्यालय में अरुण सिंह और शू फेइहोंग भी मौजूद रहे. इस डेलिगेशन के दौरान आपसी संबंधों पर चर्चा हुई.
बीजेपी मुख्यालय में चीनी प्रतिनिधिमंडल, आपसी संबंधों पर चर्चाभाजपा हेडक्वार्टर में सोमवार को एक अलग नजारा देखने को मिला. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन सोमवार को भाजपा हेडक्वार्टर पहुंचा. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के इंटरनेशनल लिआइजन डिपार्टमेंट (IDCPC) के छह सदस्यीय डेलिगेशन ने सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुख्यालय का दौरा किया. इसदौरान पार्टी-टू-पार्टी संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई. इस चीनी कम्युनिस्ट पार्टी डेलिगेशन की अगुवाई वाइस मिनिस्टर सुन हैयान ने की.
बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग प्रमुख डॉ विजय चौथाईवाले ने बताया कि चीनी प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी के पदाधिकारियों से मुलाकात की. इसमें बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह भी शामिल थे. इस दौरान बीजेपी और सीपीसी के बीच आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.
अरुण सिंह ने एक्स पर लिखा, ‘इंटरनेशनल डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (IDCPC) के वाइस मिनिस्टर सुन हैयान आज बीजेपी मुख्यालय आईं. बैठक के दौरान हमने बीजेपी और सीपीसी के बीच संवाद और संपर्क को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर चर्चा की.’
चीनी प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग भी शामिल थे. यह भारत और चीन के बीच पार्टी-टू-पार्टी बातचीत का पहला दौर था, जो 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार के बाद हुआ है.
बीते वर्षों में बीजेपी और सीपीसी के बीच पार्टी स्तर की कई बैठकें हो चुकी हैं, जो 2000 के दशक के अंत से शुरू हुई थीं. कई बार बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल भी बीजिंग जाकर चीनी सरकार के शीर्ष नेताओं से बातचीत कर चुके हैं.
इंटरनेशनल डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (IDCPC) की स्थापना 1951 में सीपीसी सेंट्रल कमेटी के सीधे नेतृत्व में हुई थी. इसका काम पार्टी के बाहरी संबंधों को संभालना है. इसने विभिन्न समय में पार्टी के मुख्य कार्यों के केंद्र में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान किए हैं. उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, फोरम, संवाद और आपसी दौरे के जरिए IDCPC ने कई देशों में पार्टी-टू-पार्टी संबंधों को आगे बढ़ाया है.
भारत और चीन के संबंधों में 2020 की गलवान झड़प के बाद सुधार देखने को मिला है. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अक्टूबर 2024 में कज़ान में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी, जिसमें सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने और कूटनीतिक व सैन्य बातचीत के तंत्र को मजबूत करने पर सहमति बनी थी.
भारत और चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर भी सहमति जताई है, जो 2020 से सीमा विवाद के कारण बंद थी. साथ ही दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों को भी फिर से शुरू करने की घोषणा की गई है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का वादा किया है और चीन-भारत संबंधों में “सकारात्मक रुख” की बात कही है.
First Published :
January 13, 2026, 10:37 IST

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