Last Updated:January 03, 2026, 19:00 IST
Congress Protest Against G RAM G Law: ‘जी राम जी’ कानून को लेकर कांग्रेस ने नई लड़ाई शुरू कर दी है. कांग्रेस 10 जनवरी से इस कानून के खिलाफ देश व्यापी ‘मनरेगा बचाव संग्राम’ शुरू करने जा रही है. कांग्रेस ने इस लड़ाई को गरीबों के हक की लड़ाई बताया है.
Congress Protest Against G RAM G Law: कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार से ‘जी राम जी’ कानून को वापस लेने की मांग करते हुए 10 जनवरी 2026 से देशभर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू करने का ऐलान किया है. कांग्रेस का कहना है कि इस आंदोलन का मकसद गरीब मजदूरों, महिलाओं और आदिवासियों के हितों की रक्षा करना है और मनरेगा को कमजोर होने से बचाना है.
कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा बचाओ संग्राम का एक बड़ा उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाए रखना है. पार्टी के अनुसार, मनरेगा को केंद्र से नियंत्रित करने के बजाय ग्राम पंचायतों के माध्यम से चलाया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम और रोजगार मिल सके.
कांग्रेस ने मजदूरी भुगतान के 60 और 40 के अनुपात पर भी सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि यह अनुपात व्यावहारिक नहीं है और इससे मजदूरों को नुकसान होगा. इसके अलावा, नए कानून में महात्मा गांधी के नाम को हटाने को लेकर भी कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है. के सी वेणुगोपाल ने कहा कि यह केवल नाम हटाने का मामला नहीं है, बल्कि गांधीजी की सोच और गरीबों के अधिकारों पर हमला है.
क्या है कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ’ संग्राम की रूपरेखा?
यह आंदोलन तीन चरणों में 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलेगा. पहले चरण में 8 जनवरी को पीसीसी स्तर पर पूरे दिन की तैयारी बैठक होगी. इसमें प्रदेश नेतृत्व, प्रभारी और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. 10 जनवरी को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालयों में जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी. 11 जनवरी को जिला मुख्यालयों या गांधी और आंबेडकर प्रतिमाओं के पास एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा, जिसमें पार्टी नेता और मनरेगा मजदूर भाग लेंगे. दूसरे चरण में 12 से 30 जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर की चौपालें लगाई जाएंगी. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा मजदूरों को दिए जाएंगे. 30 जनवरी को शहीद दिवस पर वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा. विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण भी किया जाएगा तीसरे चरण में 31 जनवरी से 25 फरवरी तक आंदोलन और तेज होगा. जिला स्तर पर डीसी और डीएम कार्यालयों के सामने धरना दिया जाएगा. इसके बाद राज्य स्तर पर विधानसभा का घेराव किया जाएगा. अंतिम चरण में पूरे देश में चार जोनल एआईसीसी मनरेगा बचाओ रैलियां आयोजित की जाएंगी.कांग्रेस का कहना है कि जब तक सरकार G RAM G कानून को वापस नहीं लेती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा और गरीबों की आवाज सड़क से संसद तक उठाई जाएगी.
सरकार के नए कानून से मनरेगा का मूल स्वरूप बदला जा रहा है, लिहाजा मनरेगा बचाओ संग्राम जरूरी हो गया है. मनरेगा गरीबों की जीवनरेखा है, लेकिन नए प्रावधानों के जरिए इसे केंद्रीकृत किया जा रहा है, जिससे पंचायतों की भूमिका कमजोर हो रही है. नए कानून में तकनीक के नाम पर गरीब मजदूरों को योजना से बाहर करने का रास्ता खोला गया है. डिजिटल प्रक्रियाओं और सख्त नियमों के कारण कई मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल पा रही है. यह बदलाव मजदूरों के हित में नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने की सोच को दिखाता है. – के सी वेणुगोपाल, कांग्रेस महासचिव
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Anoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to ...और पढ़ें
First Published :
January 03, 2026, 18:58 IST

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