US Cyber Security: अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी CISA के कार्यवाहक डायरेक्टर मधु गोत्तुमुक्कला को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल गर्मियों में कुछ सरकारी फाइलें पब्लिक वर्जन वाले ChatGPT पर अपलोड कर दी थीं. ये फाइलें कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी थीं और उन पर For Official Use Only लिखा हुआ था.
ऐसा बताया गया है कि मधु गोत्तुमुक्कला ने मई 2025 में CISA जॉइन करने के कुछ समय बाद ही ChatGPT इस्तेमाल करने की खास इजाजत मांगी थी. उस वक्त डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी यानी DHS के ज्यादातर कर्मचारियों के लिए ChatGPT ब्लॉक था. खास मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने इसका इस्तेमाल शुरू किया था.
अगस्त 2025 में साइबर सिक्योरिटी मॉनिटरिंग सिस्टम ने इस गतिविधि को पकड़ लिया. पहले ही हफ्ते में कई बार अलर्ट जनरेट हुए. इसके बाद DHS के सीनियर अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की कि कहीं इससे सरकारी सुरक्षा को नुकसान तो नहीं हुआ है. हालांकि अब तक इस जांच का अंतिम नतीजा सार्वजनिक नहीं किया गया है.
अलर्ट मिलने के बाद गोत्तुमुक्कला ने DHS के बड़े अधिकारियों के साथ मीटिंग की है. इसमें उस वक्त के कार्यवाहक लीगल सलाहकार जोसेफ मजार्रा और चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर एंटोइन मैककॉर्ड भी शामिल थे. इसके अलावा उन्होंने CISA के CIO रॉबर्ट कॉस्टेलो और चीफ काउंसल स्पेंसर फिशर से भी मुलाकात की और इस बात पर चर्चा हुई कि आखिर कौन-कौन सी जानकारी अपलोड की गई थी.
CISA की पब्लिक अफेयर्स डायरेक्टर मार्सी मैकार्थी ने सफाई देते हुए कहा कि गोत्तुमुक्कला को सीमित समय के लिए और कुछ कंट्रोल्स के साथ ChatGPT इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी. उन्होंने कहा कि एजेंसी अब भी AI जैसी नई तकनीकों को अपनाने के पक्ष में है जैसा कि ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा गया है.
रिपोर्ट में कहा गया कि पब्लिक ChatGPT में डाली गई जानकारी OpenAI के साथ शेयर हो सकती है. आगे दूसरे यूजर्स के जवाब बनाने में इस्तेमाल हो सकती है. इसके उलट DHS के अंदर इस्तेमाल होने वाले AI टूल्स, जैसे DHSChat इस तरह से बनाए गए हैं कि डेटा बाहर न जाए.
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि गोत्तुमुक्कला ने पहले ChatGPT की इजाजत लेने का दबाव बनाया और फिर उसका गलत इस्तेमाल किया. नियमों के मुताबिक अगर सरकारी दस्तावेज बाहर जाते हैं तो उसकी वजह और असर की जांच जरूरी होती है. इसमें चेतावनी से लेकर सस्पेंशन या सिक्योरिटी क्लियरेंस हटाने तक की कार्रवाई हो सकती है.
मधु गोत्तुमुक्कला मई 2025 से CISA के कार्यवाहक प्रमुख हैं. उन्हें DHS सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने नियुक्त किया था. फिलहाल CISA के स्थायी प्रमुख की नियुक्ति अटकी हुई है क्योंकि ट्रंप के उम्मीदवार सीन प्लैंकी की पुष्टि पिछले साल रोक दी गई थी. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि गोत्तुमुक्कला का कार्यकाल पहले भी विवादों में रहा है. हाल ही में बिना अनुमति कराए गए एक काउंटर इंटेलिजेंस पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर कई कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा गया था. इसके अलावा उन्होंने CISA के CIO को हटाने की कोशिश भी की थी, जिसे बाद में रोक दिया गया.

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