ट्रंप ने किया था जीरो टैरिफ का क्लेम, व्हाइट हाउस की फैक्टशीट से क्या दिख रहा है?

1 hour ago

India US Deal: भारत में अमेरिका के साथ हुई डील को लेकर मचा कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार देश के कृषि और डेयरी सेक्टर के सेफ होने का दावा कर रहे हैं. दूसरी ओर ट्रंप से लेकर उनके मंत्री और भारत में तैनात राजदूत गोर के बयानों पर ध्यान दें तो लगता है कि फ्रेम वर्क तैयार करने के नाम पर दी गई जानकारी में कुछ चीजें पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, उसमें पेंच हो सकते हैं, इसलिए विपक्ष सरकार को घेरते हुए इसे सरेंडर वाली डील बता रहा है.

अमेरिका का बयान

व्हाइट हाउस से डील को लेकर जारी ताजा बयान जारी किया है.  इस बयान से डील से जुड़े कई पहलुओं पर स्थिति साफ हुई है. जैसे- राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा किया था कि भारत, अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर जीरो करने पर सहमत हो गया है. बयान में ये भी कहा गया कि ट्रंप, रूसी तेल की खरीद बंद करने के कमिटमेंट को देखते हुए भारतीय आयात पर 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाने को राजी हैं.

डील की खास शर्तें

व्हाइट हाउस ने कहा, भारत अमेरिका में बने इंडस्ट्रियल सामानों, फूड आइट्मस और खेती के प्रोडक्ट्स पर टैरिफ खत्म करने या कम करने को तैयार है. जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताज़े और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं. भारत ने पहले से ज्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट्स खरीदने और 500 अरब डॉलर के एनर्जी, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी और अन्य प्रोडक्ट्स खरीदने का वादा किया है.

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बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत अपना डिजिटल सर्विस टैक्स भी हटा देगा और डिजिटल कारोबार के लिए भेदभाव वाली या बोझिल चीजों और अन्य रुकावटों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है.

अमेरिका और भारत उन नियमों पर बातचीत को तैयार हैं, जिससे ये साफ हो कि डील का फायदा दोनों देशों को मिले. इसके साथ दोनों देश किसी तीसरे पक्ष की नॉन-मार्केट पॉलिसी को सुलझाने के साथ एक-दूसरे के पूरक कामों के जरिए सप्लाई चेन मजबूत करने और इनोवेशन बढ़ाने के लिए  भी तैयार हैं. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका और भारत टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स में आपसी व्यापार को बढ़ाएंगे और जॉइंट टेक्नोलॉजी सहयोग को बढ़ावा देंगे.

ट्रंप के दावे पर घेर रहा विपक्ष

डील को लेकर ट्रंप के इसी दावे पर कांग्रेस पार्टी समेत तमाम विपक्षी दल सरकार को अमेरिका के आगे बराबरी वाली डील नहीं बल्कि सरेंडर वाली डील कह रहे हैं. ट्रंप ने दावा किया था कि भारत, अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को जीरो करने पर राजी हो गया है. मोटे तौर पर ट्रंप की  भाषा पर ध्यान दें तो अमेरिका से आने वाले हर उत्पाद पर ड्यूटी कम या जीरो करने जैसी जो टेक्निकल बात कही या उन्होंने जिस सैद्धांतिक कंमिटमेंट का इशारा किया, उस दावे के जोरदार शब्दों ने भारतीय व्यापारियों में चिंता पैदा कर दी, उन्हीं चिंताओं का हवाला देते हुए विपक्ष सरकार को घेर रहा है.

व्हाइट हाउस के डील को लेकर जारी किए गए बयान को देखकर प्रथमदृष्ट्या ये आभास होता है कि डील से अमेरिका को ज्यादा फायदा होता दिख रहा है.

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