Last Updated:January 11, 2026, 15:29 IST
भारतीय रेलवे की सुरक्षा में पूर्व सेना के जवान तैनात होंगे.इस तरह ट्रेनों की सुरक्षा और सख्त होगी. उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल ने आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के साथ MOU साइन कर 195 ट्रैफिक गेटमैन और 175 पॉइंट्समैन पदों पर पूर्व सैनिकों तैनात करेगा, इस दिशा में अन्य जोनों में भी काम किया जाएगा..
उत्तर मध्य रेलवे और आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के बीच एमओयू साइन किया गया.नई दिल्ली. उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने पूर्व सैनिकों को रेलवे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मंडल ने आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत पूर्व सैनिकों को ट्रैफिक गेटमैन और पॉइंट्समैन के रूप में तैनात किया जाएगा. इस दिशा में अन्य जोनों में भी काम किया जाएगा. रेलवे के इस कदम से ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होगी.
यह समझौता भारतीय रेल में पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन के पद पर नियुक्त करने वाला पहला एमओयू बताया जा रहा है, जबकि पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में ट्रैफिक गेटमैन के पदों पर पूर्व सैनिकों की तैनाती के लिए यह दूसरा और उत्तर प्रदेश के किसी भी रेल मंडल में इस तरह का पहला समझौता है. झांसी मंडल में पूरी तरह लागू होने वाली इस योजना के तहत कुल 195 ट्रैफिक गेटमैन और 175 पॉइंट्समैन के पद पूर्व सैनिकों से भरे जाएंगे. इन सभी की तैनाती झांसी रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों और रेल खंडों पर की जाएगी.
यह पहल मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में आगे बढ़ी. एमओयू पर झांसी रेल मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार शर्मा और वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक जे. संजय कुमार ने हस्ताक्षर किए. आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से सेवानिवृत्त कर्नल अनुराग कुमार ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगले करीब 15 दिनों के भीतर पूर्व सैनिकों की भौतिक तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. तैनाती का फोकस ऐसे महत्वपूर्ण रेल क्रॉसिंग, यार्ड और जंक्शनों पर होगा, जहां सुरक्षित और सुचारु परिचालन के लिए उच्च सतर्कता की जरूरत रहती है. अधिकारियों ने कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों में अनुशासन, समयपालन, जोखिम प्रबंधन और आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता पहले से विकसित होती है, जो सीधे तौर पर रेल सुरक्षा और परिचालन दक्षता को मजबूत करेगी. इस एमओयू को एक तरफ पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने वाला कदम माना जा रहा है, तो दूसरी ओर रेलवे सुरक्षा ढांचा मजबूत होगा.
Location :
Jhansi,Jhansi,Uttar Pradesh
First Published :
January 09, 2026, 21:29 IST

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