Last Updated:April 03, 2025, 17:01 IST
ट्रेनों में सफर करने वाले कुल लोगों में महज 12 फीसदी के करीब लोग रिजर्वेशन कराकर सफर करते हैं, बचे हुए लोग जनरल क्लास से यात्रा करते हैं. रिजर्वेशन में स्लीपर क्लास के यात्री भी शामिल हैं. यानी देश में ज्या...और पढ़ें

कम संख्या होने के बाद भी रहती है रिजर्वेशन के लिए मारामारी.
हाइलाइट्स
भारतीय रेलवे ट्रेनों से 12 फीसदी लोग ही रिजर्वेशन कराकर करते हैं सफर हैंट्रेनों में यात्री की संख्या बढ़ी, लेकिन कोविड से पहले जैसी नहींरिजर्वेशन में स्लीपर और एसी दोनों क्लास के यात्री शामिलनई दिल्ली. ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों में लगातार इजाफा हेा रहा है. पिछले साल की तुलना में इस साल पांच फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गयी. यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद अभी कोविड से पहले वाले आंकड़े को छू नहीं पाए हैं. वहीं माल ढुलाई में भी रेलवे ने 1.68 फीसदी का इजाफा किया है. खास बात यह है कि ट्रेन में सफर करने वाले कुल यात्रियों में 12-13 फीसदी ही रिजर्वेशन वाले हैं, बचे हुए लोग अनरिजर्व क्लास के यात्री हैं.
रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच कुल 715 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेलवे से यात्रा की. हालांकि यात्रियों की कुल संख्या अभी भी कोविड से पहले 2019-20 से कम है, जब कुल यात्री 808.57 करोड़ थे. यह वित्त वर्ष 24 की तुलना में 5.07 प्रतिशत की वृद्धि है. आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 में कुल 715 करोड़ यात्रियों में से कुल 81 करोड़ रिजर्वेशन कराकर सफर किया, जिसमें एसी और स्लीपर क्लास के यात्री शामिल हैं और 634 करोड़ बगैर रिजर्वेशन सफर किया. इसमें सबअर्बन के 2024-25 में 1.5 करोड़ से अधिक यात्री शामिल हैं. पैसेंजर से 75750 करोड़ का राजस्व आया है. यह वित्त वर्ष 24 (70,693 करोड़ रुपये) की तुलना में यात्री राजस्व में 7.15 प्रतिशत की वृद्धि है.
माल ढुलाई में सबसे ज्यादा कोयला
ट्रेनों द्वारा माल ढुलाई में सबसे ज्यादा कोयला भी जाता है. पेट्रोलिया, सीमेंट और खाद्य पदार्थ की संख्या कम है. रेलवे ने पिछले वित्तीय साल 1,617 मिलियन टन (एमटी) से अधिक माल ढुलाई की, जबकि वित्त वर्ष 24 के दौरान 1,590.68 मीट्रिक टन की तुलना में 1.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई. माल ढुलाई सेवाओं से 1.71 लाख करोड़ रुपये कमाए. माल ढुलाई से राजस्व में 1.61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. रेलवे के कुल माल लदान में कोयला 50 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है. वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान रेलवे द्वारा लगभग 822 मिलियन टन कोयला, 89 मीट्रिक टन कंटेनर, 51 मीट्रिक टन पेट्रोलियम और लगभग 50 मीट्रिक टन खाद्यान्न का परिवहन किया गया. पिछले वर्ष की तुलना में घरेलू कोयले की लोडिंग में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और घरेलू कंटेनर लोडिंग में 19.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसी प्रकार उर्वरक की लोडिंग में 1.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 03, 2025, 16:58 IST