Last Updated:January 11, 2026, 16:47 IST
पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत, विकसित होने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा है.अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि तलवार की नोक पर दिल नहीं जीते जा सकते. उनका यह संदेश आज वैश्विक राजनीति और लगातार फैलते युद्धों के बीच एक गहरी और दूरगामी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है. ऐसे समय में जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-ईरान तनाव, और अमेरिका-वेनेजुएला के बीच बढ़ते टकराव जैसी परिस्थितियों से जूझ रही है, पीएम मोदी का यह बयान सैन्य ताकत के बजाय संवाद और कूटनीति की अहमियत पर जोर देती है.
रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल होने को हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई के बावजूद न तो स्थायी शांति स्थापित हो सकी है और न ही किसी पक्ष को निर्णायक बढ़त मिली है. लाखों लोगों का विस्थापन, वैश्विक ऊर्जा संकट और खाद्य आपूर्ति पर असर इस संघर्ष की बड़ी कीमत बन चुके हैं. इसी तरह पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंकने की आशंका पैदा कर रहा है, जहां सैन्य जवाबी कार्रवाइयों ने हालात को और अस्थिर किया है.
दूसरी ओर, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच राजनीतिक-आर्थिक टकराव भी प्रतिबंधों और दबाव की राजनीति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है. इन सभी उदाहरणों में सैन्य या कठोर रणनीति ने समस्याओं का समाधान नहीं किया, बल्कि जटिलताओं को और बढ़ाया है.
ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश स्पष्ट है – बल प्रयोग से नियंत्रण तो हो सकता है, लेकिन भरोसा और स्थायी समाधान नहीं. भारत लंबे समय से वैश्विक मंचों पर संवाद, कूटनीति और बहुपक्षीय सहयोग की वकालत करता रहा है. पीएम मोदी का यह बयान उसी नीति की पुनर्पुष्टि करता है, जिसमें कहा गया है कि युद्ध नहीं, बुद्ध आज की दुनिया की जरूरत है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह रुख उसे एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करता है, जो टकराव नहीं बल्कि संतुलन और शांति का रास्ता दिखाने की कोशिश कर रहा है.
Location :
Ahmadabad,Gujarat
First Published :
January 11, 2026, 16:47 IST

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